9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज ठाकरे की सीएम फडणवीस से मुलाकात, एमपीएससी छात्रों को मिली अच्छी खबर की उम्मीद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज ठाकरे की सीएम फडणवीस से मुलाकात, एमपीएससी छात्रों को मिली अच्छी खबर की उम्मीद

सारांश

राज ठाकरे ने पुणे में एमपीएससी छात्रों से मिलने के बाद सीएम फडणवीस से विस्तार से बात की और उनका रुख सकारात्मक पाया। उधर, फडणवीस ने राज्यपाल से अनुच्छेद 317 के तहत जाँच समिति गठित करने की सिफारिश भी की है — जो महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग का एक बड़ा राजनीतिक पड़ाव है।

मुख्य बातें

राज ठाकरे ने 9 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर एमपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की।
ठाकरे ने 5 अक्टूबर को पुणे में एमपीएससी छात्रों से मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री से बात करने का भरोसा दिलाया था।
ठाकरे ने कहा कि फडणवीस इस मुद्दे पर 'पूरी तरह सकारात्मक' हैं और जल्द अच्छी खबर की उम्मीद है।
सीएम फडणवीस ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत एमपीएससी की उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने की सिफारिश की।
प्रस्तावित समिति हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होगी और तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने 9 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की जायज माँगों पर विस्तार से चर्चा की। ठाकरे ने बैठक के बाद भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर पूरी तरह सकारात्मक हैं और जल्द ही छात्रों के लिए अच्छी खबर आ सकती है।

राज ठाकरे का एक्स पर संदेश

राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जय महाराष्ट्र। जब मैं 5 अक्टूबर को पुणे में एमपीएससी का विरोध कर रहे छात्रों से मिला, तो मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि मैं मुख्यमंत्री से उनकी राय और जायज माँगों के बारे में बात करूंगा।' उन्होंने आगे कहा, 'अपने गृह जिलों, तालुका, घरों और परिवारों को छोड़कर नौकरी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं को देखना बहुत दुखद है।'

ठाकरे ने बताया, 'मुझे लगा कि वे (मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस) भी इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सकारात्मक हैं। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एमपीएससी छात्रों के रोज़गार के बारे में अच्छी खबर की घोषणा की जाएगी।' उन्होंने छात्रों से धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया।

छात्रों का आक्रोश और पुणे प्रदर्शन

महाराष्ट्र में एमपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हज़ारों छात्र आक्रोशित हैं। पुणे में हाल ही में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें दूर-दराज़ के जिलों से आए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी शामिल हुए। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

छात्रों के बढ़ते दबाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को औपचारिक रूप से राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से अनुरोध किया कि संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत एमपीएससी के मौजूदा और पूर्व सदस्यों एवं अध्यक्षों के खिलाफ जाँच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की जाए।

सीएम फडणवीस ने प्रस्ताव दिया कि यह समिति हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित हो और तीन महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि एमपीएससी के संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।

आम जनता और छात्रों पर असर

गौरतलब है कि एमपीएससी परीक्षाएँ महाराष्ट्र में लाखों युवाओं के लिए राज्य सेवाओं में प्रवेश का प्राथमिक माध्यम हैं। कथित अनियमितताओं ने न केवल परीक्षार्थियों का भरोसा तोड़ा है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप सामने आए हों।

आगे क्या होगा

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जाँच समिति गठित होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसके बाद तीन महीने में रिपोर्ट अपेक्षित है। राज ठाकरे की यह पहल एमपीएससी विवाद को मुंबई की राजनीति के केंद्र में ले आई है और छात्रों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ठोस कदम उठाए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी अनुच्छेद 317 की जाँच समिति की समयसीमा और उसके अधिकारक्षेत्र पर निर्भर करेगी। संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाने की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, जिससे छात्रों की 'जल्द न्याय' की उम्मीद को व्यावहारिक चुनौती मिल सकती है। यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य लोक सेवा आयोग के खिलाफ जाँच समिति बनाई गई हो — इतिहास बताता है कि बिना ठोस क्रियान्वयन ढाँचे के ऐसी समितियाँ अक्सर रिपोर्ट तो देती हैं, पर जवाबदेही तय नहीं होती।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज ठाकरे और सीएम फडणवीस की मुलाकात किस मुद्दे पर हुई?
यह मुलाकात एमपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की माँगों को लेकर 9 अक्टूबर 2026 को हुई। राज ठाकरे ने 5 अक्टूबर को पुणे में छात्रों से मिलने के बाद यह बैठक की थी।
एमपीएससी विवाद क्या है?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर हज़ारों छात्र आंदोलित हैं। पुणे में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप तेज़ हुआ।
एमपीएससी जाँच समिति कैसे गठित होगी?
सीएम फडणवीस ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से अनुरोध किया है कि संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति बनाई जाए। यह समिति हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में काम करेगी और तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।
छात्रों को राहत कब तक मिल सकती है?
राज ठाकरे ने कहा है कि 'आने वाले दिनों में' अच्छी खबर की घोषणा हो सकती है। हालाँकि, जाँच समिति की रिपोर्ट तीन महीने के भीतर अपेक्षित है और उसके बाद ही ठोस कार्रवाई की दिशा तय होगी।
अनुच्छेद 317 क्या है और इसका एमपीएससी से क्या संबंध है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 317 राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों या अध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है। इसके तहत केवल राज्यपाल, उच्चतम न्यायालय की जाँच के बाद ही ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, जो इस प्रक्रिया को जटिल बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले