फडणवीस का राज-उद्धव के ECI विरोध मार्च पर पलटवार: 'सड़क पर उतरने से पहले तथ्य जाँचें'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित संयुक्त विरोध मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दोनों ठाकरे बंधुओं ने 4 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में कथित पक्षपात और अनियमितताओं के विरोध में बड़े जनमार्च का आह्वान किया है।
फडणवीस का बयान: विरोध का अधिकार, लेकिन तथ्यों की जाँच ज़रूरी
साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम फडणवीस ने कहा, 'लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। मैं यह आलोचना नहीं करूंगा कि कौन विरोध कर रहा है। हालांकि, लोगों को समझना चाहिए कि मुद्दा कितना गंभीर है और सड़कों पर उतरने से पहले दिए गए उदाहरणों की सच्चाई की जांच करनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि विरोध के बाद 'विस्तृत जवाब दिया जाएगा।'
मार्च का मार्ग और कार्यक्रम
यह विरोध मार्च 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे बायकुला स्थित रिचर्डसन एंड क्रूडस कंपनी परिसर से शुरू होगा और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) मुख्यालय तक पहुँचेगा। मार्च का समापन सुबह लगभग 11:30 बजे एक संयुक्त जनसभा के साथ होना तय है।
यह ऐसे समय में आया है जब ECI के हालिया निर्णयों को लेकर विभिन्न दलों में असंतोष बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ठाकरे बंधुओं का यह साझा मंच — जो पहले अलग-अलग राजनीतिक राहों पर थे — राजनीतिक दृष्टि से असामान्य है।
राज ठाकरे का BJP पर सीधा निशाना
राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, 'अगर हमारा विरोध चुनाव आयोग के खिलाफ है, तो BJP को क्यों बुरा लग रहा है?' उन्होंने एक मराठी कहावत का हवाला देते हुए कहा — 'खाई त्याला खवखवे' — अर्थात दोषी व्यक्ति को किसी आरोप लगाने वाले की जरूरत नहीं होती। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन पार्टी की राजनीति से ऊपर है और उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन के उन सदस्यों को भी आमंत्रित किया जो ECI के हालिया फैसलों से असंतुष्ट हैं।
मतंग समुदाय की माँग और अग्निवीर नीति पर फडणवीस के अन्य ऐलान
उसी प्रेस ब्रीफिंग में सीएम फडणवीस ने दो अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी बात की। आरक्षण में उप-वर्गीकरण की माँग को लेकर मतंग समुदाय की रैली के बाद उन्होंने घोषणा की कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति उनकी माँगों की जाँच करेगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लाभ जातिगत बंटवारे के बिना वंचित वर्गों तक पहुँचना चाहिए।
इसके अलावा, फडणवीस ने ऐलान किया कि वापस लौटने वाले अग्निवीरों को बिना किसी अनिवार्य प्रवेश परीक्षा या अतिरिक्त बुनियादी प्रशिक्षण के राज्य सुरक्षा बलों और पुलिस सेवाओं में शामिल किया जाएगा। सार्वजनिक सेवा में पूर्ण समावेश के लिए चार साल तक की आयु में छूट और अतिरिक्त पदों का प्रावधान किया जाएगा।
आगे क्या
4 अक्टूबर के मार्च की व्यापकता और भागीदारी ही तय करेगी कि विपक्ष ECI के विरुद्ध कितना दबाव बना पाता है। फडणवीस ने संकेत दिया है कि सरकार मार्च के बाद 'विस्तृत जवाब' जारी करेगी — जो इस राजनीतिक टकराव को अगले कुछ दिनों तक जीवंत रखेगा।