29 सितंबर 2026
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ठाकरे बंधुओं का चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा ऐलान, 4 अक्टूबर को मुंबई में मार्च

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ठाकरे बंधुओं का चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा ऐलान, 4 अक्टूबर को मुंबई में मार्च

सारांश

वर्षों की राजनीतिक दूरी के बाद ठाकरे बंधु एक साझा मंच पर आए — इस बार निशाने पर है चुनाव आयोग। 4 अक्टूबर को भायखला से CSMT तक मार्च का खाका तैयार है; न पार्टी झंडे, सिर्फ तिरंगा। यह सिर्फ एक विरोध नहीं, महाराष्ट्र की राजनीति में नई धुरी की दस्तक है।

मुख्य बातें

राज ठाकरे (मनसे) और उद्धव ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) ने 29 सितंबर 2026 को मुंबई में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 4 अक्टूबर को विरोध मार्च का ऐलान किया।
मार्च भायखला के रिचर्डसन एंड क्रुडास परिसर से CSMT होते हुए BMC मुख्यालय तक जाएगा।
मार्च में पार्टी झंडे वर्जित; केवल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित होगा।
आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल का 'एक्सटेंशन' बनकर काम कर रहा है और एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को धोखा दिया जा रहा है।
उद्धव ठाकरे ने 2 अक्टूबर को सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी समर्थन देने की घोषणा की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने 29 सितंबर 2026 को मुंबई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ 4 अक्टूबर को विरोध मार्च निकालने की घोषणा की। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के 'एक्सटेंशन' की तरह काम कर रहा है और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के ज़रिए मतदाताओं को धोखा दिया जा रहा है।

मार्च का पूरा खाका

प्रदर्शनकारी 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भायखला स्थित रिचर्डसन एंड क्रुडास परिसर में एकत्रित होंगे। मार्च सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच भायखला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर रवाना होगा। यह यात्रा बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के निकट समाप्त होगी, जहाँ एक मंच पर जनसभा आयोजित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इस मार्च में न तो मनसे और न ही शिवसेना (यूबीटी) के पार्टी झंडे या बैनर प्रदर्शित किए जाएँगे। सभी प्रतिभागी केवल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलेंगे, जो लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रतीक के रूप में होगा।

राज ठाकरे का बयान

राज ठाकरे ने कहा, 'हम सालों से ईवीएम में गड़बड़ी और चुनावी धांधली को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं। 2017-18 में भी मैं कई राजनीतिक नेताओं से इस मुद्दे पर मिला था। यह मार्च वोटरों के अपमान और हमारी चुनावी अखंडता के साथ खिलवाड़ के खिलाफ है। हमें जो भी कहना है, हम 4 अक्टूबर को मंच से ही कहेंगे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औपचारिक पत्र लिखने की बजाय वे स्वयं फोन करके सभी विपक्षी दलों को इस आंदोलन में शामिल होने का आमंत्रण देंगे।

राज ठाकरे ने सत्ताधारी दलों के उन नेताओं को भी मंच पर आमंत्रित किया जो चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हैं।

भाजपा के आरोपों पर पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया था कि विपक्ष राजनीतिक नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'मनगढ़ंत कहानियाँ' गढ़ रहा है। इस पर राज ठाकरे ने एक मराठी कहावत का सहारा लेते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'अगर हमारा विरोध सीधे चुनाव आयोग के खिलाफ है, तो भाजपा को मिर्ची क्यों लग रही है? मराठी में कहावत है — खाई त्याला खवखवे, यानी चोर की दाढ़ी में तिनका।'

व्यापक विपक्षी एकजुटता

इसी मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित करने के बारे में पूछे जाने पर, उद्धव और राज ठाकरे दोनों ने कहा कि चुनाव आयोग की कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध करने में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। राज ठाकरे ने कहा कि अगर किसी हाउसिंग सोसायटी के लोग भी ऐसा विरोध करते हैं, तो उसका भी स्वागत है। उद्धव ठाकरे ने 2 अक्टूबर को मुंबई में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार की दो शाखाएँ — जो वर्षों से अलग-अलग दिशाओं में रही हैं — चुनावी पारदर्शिता के इस साझा मुद्दे पर एक मंच पर खड़ी दिख रही हैं। 4 अक्टूबर का यह मार्च आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति के बदलते समीकरणों की बड़ी परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसने आयोग की साख पर असर कम, पार्टियों की विश्वसनीयता पर सवाल ज़्यादा खड़े किए हैं। यदि 4 अक्टूबर को भीड़ जुटती है तो यह मुंबई की गलियों में एक नया समीकरण लिखेगी; अगर नहीं, तो यह संयुक्त मोर्चे की सीमाओं को उजागर कर देगा।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अक्टूबर का विरोध मार्च किसके खिलाफ है और कहाँ होगा?
यह मार्च चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज के खिलाफ है। मुंबई के भायखला स्थित रिचर्डसन एंड क्रुडास परिसर से शुरू होकर CSMT होते हुए BMC मुख्यालय पर समाप्त होगा, जहाँ जनसभा भी होगी।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के 'एक्सटेंशन' की तरह काम कर रहा है और SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के ज़रिए मतदाताओं को धोखा दिया जा रहा है। राज ठाकरे ने EVM में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया।
क्या इस मार्च में पार्टी झंडे और बैनर दिखेंगे?
नहीं। ठाकरे बंधुओं ने स्पष्ट किया है कि मनसे और शिवसेना (यूबीटी) दोनों में से कोई भी अपने पार्टी झंडे या बैनर नहीं लाएगा। सभी प्रदर्शनकारी केवल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलेंगे।
क्या अन्य पार्टियाँ भी इस मार्च में शामिल हो सकती हैं?
राज ठाकरे ने कहा कि वे फोन कर सभी विपक्षी दलों को आमंत्रण देंगे। यहाँ तक कि सत्ताधारी दलों के वे नेता भी मंच पर आ सकते हैं जो चुनाव आयोग के कामकाज से असहमत हैं।
उद्धव ठाकरे ने 2 अक्टूबर के आंदोलन पर क्या कहा?
उद्धव ठाकरे ने 2 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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