4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज ठाकरे का चुनाव आयोग को अल्टीमेटम: SIR रद्द करो, बैलेट पेपर बहाल करो

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज ठाकरे का चुनाव आयोग को अल्टीमेटम: SIR रद्द करो, बैलेट पेपर बहाल करो

सारांश

मुंबई की 'गरजना मोर्चा' रैली में राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को खुला अल्टीमेटम दिया — SIR अभियान रद्द करो और EVM हटाकर बैलेट पेपर बहाल करो। देशभर से 2 करोड़ नाम हटाने के आरोपों के बीच यह रैली EVM विरोधी आंदोलन को नई धार दे सकती है।

मुख्य बातें

राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई की 'गरजना मोर्चा' रैली में ECI को दो सूत्री अल्टीमेटम दिया।
माँग की कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान को तत्काल रद्द किया जाए और इसे असंवैधानिक घोषित किया जाए।
भविष्य के सभी चुनावों में EVM हटाकर कागजी मतपत्र बहाल करने की माँग रखी।
आरोप लगाया कि मौजूदा संशोधन अभियान में देशभर से 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।
सवाल उठाया कि लोकसभा चुनाव के छह महीने बाद महाराष्ट्र में 40 60 लाख नए मतदाता कैसे जुड़ गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधी जवाबदेही की माँग की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित 'गरजना मोर्चा' रैली के दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सीधा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो प्रमुख माँगें रखीं — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तत्काल रद्द किया जाए और भविष्य के सभी चुनावों में कागजी मतपत्र फिर से लागू किए जाएँ। यह रैली ऐसे समय में हुई जब देशभर में EVM और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

रैली में उठाए गए मुख्य मुद्दे

राज ठाकरे ने अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए SIR प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह द्वारा पहले व्यक्त की गई कानूनी राय का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस वैधानिक आधार के राष्ट्रव्यापी SIR अभियान चलाना पूरी तरह अवैध है।

MNS प्रमुख ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में कृत्रिम बढ़ोतरी की गई थी, जबकि मौजूदा मतदाता सूची संशोधन अभियान के चलते देशभर में दो करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा, "ये दो करोड़ नागरिक कौन हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं? क्या ये हमारे मतदाता हैं? उन्हें किस आधार पर मताधिकार से वंचित किया जा रहा है?"

EVM पर ठाकरे का पुराना रुख

राज ठाकरे ने याद दिलाया कि वे 2017 2018 से ही EVM में हेराफेरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं की चेतावनी देते आ रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि इन मुद्दों को उठाने के लिए वे सोनिया गांधी और ममता बनर्जी सहित शीर्ष राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं से मिल चुके हैं। उस समय उन्होंने सुझाव दिया था कि सच्चाई उजागर करने का एकमात्र रास्ता चुनावों का एकजुट बहिष्कार है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लोकसभा चुनावों के महज छह महीने बाद महाराष्ट्र में 40 से 60 लाख नए मतदाता कैसे जुड़ गए — यह जनसांख्यिकीय उछाल, उनके अनुसार, संदेह से परे नहीं है।

चुनाव आयोग और BJP पर निशाना

MNS प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधी जवाबदेही की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के आम चुनाव और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूची में सुनियोजित हेरफेर हुई। उन्होंने यह भी कहा कि BJP पर देशभर में मतदाता सूची से लगभग दो करोड़ नाम हटाने के आरोप हैं।

गौरतलब है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को भारी बहुमत मिलने के बावजूद राज ठाकरे ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में एक अस्वाभाविक सन्नाटा छाया हुआ है — जश्न का माहौल कहीं नहीं दिखता।

सभी दलों से एकजुटता की अपील

राज ठाकरे ने सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची संशोधन अभियान को तत्काल रोकने की माँग में एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने चल रहे सभी SIR अभ्यासों को असंवैधानिक और अनधिकृत घोषित करने, EVM समाप्त करने और भौतिक मतपत्र मतदान पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राज ठाकरे का निष्कर्ष

अपने संबोधन के अंत में राज ठाकरे ने कहा, "यदि ये दोनों माँगें पूरी हो जाती हैं, तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उसके बाद, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीतता है या सत्ता में आता है, क्योंकि जनादेश वैध होगा।" यह रैली आने वाले दिनों में EVM बनाम बैलेट पेपर बहस को नया आयाम दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि MNS की प्रासंगिकता बहाल करने की कोशिश भी है — एक ऐसी पार्टी जो महाराष्ट्र की मुख्यधारा राजनीति में लंबे समय से हाशिये पर है। EVM विरोध और बैलेट पेपर की माँग कोई नई नहीं है; लगभग हर चुनावी हार के बाद विपक्षी खेमे इस राह पर चलते हैं। असली सवाल यह है कि क्या ठाकरे की यह माँग एक ठोस संवैधानिक आंदोलन बन सकती है, या यह भी उन्हीं पिछले प्रयासों की तरह बयानबाज़ी तक सिमट जाएगी जो उन्होंने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के साथ उठाए थे और जिनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। मतदाता सूची विसंगतियों के आरोपों को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाएगा जब तक कि इन्हें स्वतंत्र ऑडिट और सत्यापन योग्य आँकड़ों से समर्थित न किया जाए।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज ठाकरे ने 'गरजना मोर्चा' रैली में क्या माँगें रखीं?
राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को दो प्रमुख माँगें दीं — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तत्काल रद्द करना और भविष्य के सभी चुनावों में EVM की जगह कागजी मतपत्र बहाल करना। उन्होंने SIR को बिना वैधानिक आधार के चलाए जा रहा अवैध अभ्यास बताया।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की गहन जाँच और अद्यतन किया जाता है। राज ठाकरे सहित आलोचकों का कहना है कि इस अभियान में देशभर से 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इसे बिना उचित वैधानिक समर्थन के चलाया जा रहा है।
राज ठाकरे ने मतदाता सूची में किन विसंगतियों की बात की?
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में कृत्रिम बढ़ोतरी की गई, जबकि लोकसभा चुनाव के महज छह महीने बाद महाराष्ट्र में 40 से 60 लाख नए मतदाता जुड़ गए। साथ ही मौजूदा SIR अभियान में 2 करोड़ नाम हटाए जाने का भी आरोप है।
क्या राज ठाकरे पहले भी EVM के खिलाफ बोल चुके हैं?
हाँ, राज ठाकरे के अनुसार वे 2017 2018 से ही EVM में हेराफेरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं की चेतावनी देते आ रहे हैं। उन्होंने सोनिया गांधी और ममता बनर्जी सहित शीर्ष विपक्षी नेताओं से मिलकर इन मुद्दों को उठाया था और चुनाव बहिष्कार का सुझाव दिया था।
राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से क्या माँगा?
राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधी जवाबदेही माँगी और 2024 के आम चुनाव व विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूची में सुनियोजित हेरफेर का आरोप लगाया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी इस माँग में एकजुट होने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले