राज ठाकरे का चुनाव आयोग को अल्टीमेटम: SIR रद्द करो, बैलेट पेपर बहाल करो
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित 'गरजना मोर्चा' रैली के दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सीधा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो प्रमुख माँगें रखीं — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को तत्काल रद्द किया जाए और भविष्य के सभी चुनावों में कागजी मतपत्र फिर से लागू किए जाएँ। यह रैली ऐसे समय में हुई जब देशभर में EVM और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
रैली में उठाए गए मुख्य मुद्दे
राज ठाकरे ने अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए SIR प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह द्वारा पहले व्यक्त की गई कानूनी राय का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस वैधानिक आधार के राष्ट्रव्यापी SIR अभियान चलाना पूरी तरह अवैध है।
MNS प्रमुख ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में कृत्रिम बढ़ोतरी की गई थी, जबकि मौजूदा मतदाता सूची संशोधन अभियान के चलते देशभर में दो करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा, "ये दो करोड़ नागरिक कौन हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं? क्या ये हमारे मतदाता हैं? उन्हें किस आधार पर मताधिकार से वंचित किया जा रहा है?"
EVM पर ठाकरे का पुराना रुख
राज ठाकरे ने याद दिलाया कि वे 2017 2018 से ही EVM में हेराफेरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं की चेतावनी देते आ रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि इन मुद्दों को उठाने के लिए वे सोनिया गांधी और ममता बनर्जी सहित शीर्ष राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं से मिल चुके हैं। उस समय उन्होंने सुझाव दिया था कि सच्चाई उजागर करने का एकमात्र रास्ता चुनावों का एकजुट बहिष्कार है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लोकसभा चुनावों के महज छह महीने बाद महाराष्ट्र में 40 से 60 लाख नए मतदाता कैसे जुड़ गए — यह जनसांख्यिकीय उछाल, उनके अनुसार, संदेह से परे नहीं है।
चुनाव आयोग और BJP पर निशाना
MNS प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सीधी जवाबदेही की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के आम चुनाव और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूची में सुनियोजित हेरफेर हुई। उन्होंने यह भी कहा कि BJP पर देशभर में मतदाता सूची से लगभग दो करोड़ नाम हटाने के आरोप हैं।
गौरतलब है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को भारी बहुमत मिलने के बावजूद राज ठाकरे ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में एक अस्वाभाविक सन्नाटा छाया हुआ है — जश्न का माहौल कहीं नहीं दिखता।
सभी दलों से एकजुटता की अपील
राज ठाकरे ने सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची संशोधन अभियान को तत्काल रोकने की माँग में एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने चल रहे सभी SIR अभ्यासों को असंवैधानिक और अनधिकृत घोषित करने, EVM समाप्त करने और भौतिक मतपत्र मतदान पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज ठाकरे का निष्कर्ष
अपने संबोधन के अंत में राज ठाकरे ने कहा, "यदि ये दोनों माँगें पूरी हो जाती हैं, तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उसके बाद, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीतता है या सत्ता में आता है, क्योंकि जनादेश वैध होगा।" यह रैली आने वाले दिनों में EVM बनाम बैलेट पेपर बहस को नया आयाम दे सकती है।