राज ठाकरे की EVM हटाओ मांग: मतपत्र से चुनाव हो, संजय राउत की 'बड़ी उथल-पुथल' की भविष्यवाणी सही
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को समाप्त कर पारंपरिक मतपत्र प्रणाली बहाल करने की अपनी पुरानी माँग एक बार फिर दोहराई। साथ ही उन्होंने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के उस राजनीतिक पूर्वानुमान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें राउत ने अगले दो से पाँच महीनों में देश में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल होने की बात कही थी।
मतपत्र की वकालत: 2018 से जारी मुहिम
ठाकरे ने स्पष्ट किया कि वह 2018 से ही मतपत्र मतदान की पैरवी कर रहे हैं और इसके लिए चुनाव आयुक्तों से मुलाकात भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा, '2018 से मैं लगातार मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराने का प्रयास कर रहा हूँ। पहले लोग नहीं समझते थे, लेकिन अब समझते हैं।' उनका तर्क है कि मतदाता को यह मनोवैज्ञानिक संतुष्टि मिलनी चाहिए कि उसका वोट वास्तव में मतपेटी में गया।
ठाकरे ने दलील दी कि फ्रांस ने मतदान मशीनों को हटाकर मतपत्र प्रणाली फिर से अपना ली है, और पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल व श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश भी इसी पद्धति का उपयोग करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना में चार दिन लग जाएँ तो भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए — असली सवाल पारदर्शिता का है।
संजय राउत के पूर्वानुमान को मिला समर्थन
ठाकरे ने संजय राउत की उस भविष्यवाणी को सही बताया जिसमें राउत ने आगामी महीनों में बड़े राजनीतिक बदलाव की चेतावनी दी थी। ठाकरे ने कहा, 'अगले दो से पाँच महीनों में देश में कुछ बड़ा और उथल-पुथल भरा घटनाक्रम होगा।' उन्होंने यहाँ तक कहा कि देश के लिए कोई प्रधानमंत्री न बचे, ऐसी भी स्थिति बन सकती है — हालाँकि उन्होंने इस दावे की कोई विशेष वजह नहीं बताई।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में विभिन्न दलों के बीच तनाव पहले से बना हुआ है।
केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार
MNS प्रमुख ने केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि लगातार हो रही गलतियों के चलते देश में नागरिक अशांति होना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार गलतियाँ करती रहेगी, और यह चक्र नहीं रुकेगा। अगर आने वाले वर्षों में देश सड़कों पर उतर आए तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।'
उन्होंने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय विवादास्पद शख्सियत एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरों का भी संदर्भ दिया और संकेत दिया कि इस सिलसिले में और खुलासे होंगे।
सुरक्षा चूक और लॉरेंस बिश्नोई पर निशाना
ठाकरे ने देश में बढ़ते अपराध और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को विशेष रूप से निशाने पर लिया और सरकार से इस मोर्चे पर कड़ा रुख अपनाने की माँग की।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि EVM बनाम मतपत्र की बहस भारतीय राजनीति में लंबे समय से चली आ रही है, और विपक्षी दलों का एक बड़ा वर्ग इसे लगातार उठाता रहा है। ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी सरगर्मियों के बीच विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।