राज ठाकरे की माँग: SIR प्रक्रिया रद्द हो, बैलेट पेपर के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएँ विपक्षी दल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 25 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर चुनाव आयोग की चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची सत्यापन की इस प्रक्रिया का इस्तेमाल कथित तौर पर चुनावी परिणामों में हेरफेर के लिए किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने देशभर के विपक्षी दलों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर पारंपरिक कागज़ी मतपत्र प्रणाली बहाल करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया।
SIR पर राज ठाकरे के आरोप
ठाकरे ने SIR प्रक्रिया को 2025 से मतदाता सूचियों में फेरबदल के लिए अपनाया गया 'नया हथियार' बताया। उनका कहना है कि अब यह चिंताएँ चुनाव आयोग के भीतर से भी उठने लगी हैं। उन्होंने सत्ताधारी दल पर प्रमुख संस्थागत हस्तियों का उपयोग कर सत्ता पर पकड़ बनाए रखने का आरोप भी लगाया।
ठाकरे ने यह भी रेखांकित किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों और बढ़ती सार्वजनिक-राजनीतिक जाँच के बीच पिछले दो दिनों से मौन हैं।
बैलेट पेपर के लिए विपक्षी एकता की अपील
ठाकरे ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने का आग्रह करते हुए कहा कि 'चुनावी पारदर्शिता केवल मतपत्र मतदान के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।' उन्होंने माँग की कि भविष्य के सभी चुनाव सख्ती से पारंपरिक कागज़ी मतपत्रों के ज़रिये कराए जाएँ।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'वर्तमान में चल रही SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए, सामने आई अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और उसके बाद ही एक नई सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।'
राजनीतिक संदर्भ और बढ़ता विवाद
गौरतलब है कि ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग के भीतर असहमति की खबरें सार्वजनिक चर्चा में हैं। विपक्षी दल लगातार इस दावे को लेकर एकजुट हो रहे हैं कि चुनाव निकाय की संस्थागत स्वतंत्रता से समझौता किया गया है।
EVM की विश्वसनीयता पर सवाल नए नहीं हैं — विभिन्न विपक्षी दल वर्षों से बैलेट पेपर वापसी की माँग उठाते रहे हैं। ठाकरे का यह कदम उस राजनीतिक विमर्श को एक बार फिर केंद्र में लाता है जो हर चुनावी चक्र में उभरता है, लेकिन इस बार SIR प्रक्रिया के विवाद ने इसे नया आयाम दे दिया है।
ठाकरे ने आगे क्या कहा
उन्होंने कहा, 'जब हम इस भ्रष्ट प्रक्रिया को समाप्त करके मतपत्र मतदान की ओर लौटेंगे, तभी सत्ता पर इस लंबे समय से चले आ रहे कब्ज़े के पीछे का पूर्ण सत्य उजागर होगा।'
यह बयान चुनावी राजनीति में MNS की सक्रियता को रेखांकित करता है और संकेत देता है कि आने वाले चुनावों से पहले EVM-बनाम-बैलेट पेपर की बहस और तेज़ होगी।