महाराष्ट्र बोर्ड का बड़ा फैसला: सूखाग्रस्त 265 तालुकों के 10वीं-12वीं छात्रों को परीक्षा शुल्क में पूरी छूट
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 30 सितंबर 2026 को निर्देश जारी किए हैं कि राज्य के सूखे से प्रभावित 265 तालुकों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्रों से फरवरी-मार्च 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय राज्य के सहायता एवं पुनर्वास विभाग के 25 सितंबर 2026 के शासन निर्णय के आधार पर लिया गया है, जिसमें सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायतें लागू करने का आदेश दिया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
MSBSHSE ने सभी विभागीय बोर्डों को निर्देश दिया है कि सूखाग्रस्त 265 तालुकों के स्कूलों और जूनियर कॉलेजों के छात्रों से परीक्षा शुल्क लिए बिना ऑनलाइन आवेदन पत्र भरवाए जाएं। यह छूट माध्यमिक स्कूल प्रमाणपत्र (SSC) यानी कक्षा 10वीं और उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (HSC) यानी कक्षा 12वीं, दोनों परीक्षाओं पर लागू होगी।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह छूट अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सभी विभागीय बोर्डों को अपने कार्यक्षेत्र के सूखाग्रस्त तालुकों के संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को तत्काल सूचित करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट बोर्ड को शीघ्र सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत आधार
राज्य के सहायता एवं पुनर्वास विभाग ने 25 सितंबर 2026 के शासन निर्णय में स्वीकार किया कि महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखे जैसी गंभीर स्थिति बन गई है। इस विशेष परिस्थिति को देखते हुए स्कूली और कॉलेज स्तर के छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा शुल्क माफी सहित अन्य रियायतें लागू करने का निर्णय लिया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिले लगातार कमज़ोर मानसून के कारण कृषि संकट से जूझ रहे हैं, और किसान परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में बच्चों की शिक्षा पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
आम जनता और छात्रों पर असर
गौरतलब है कि MSBSHSE महाराष्ट्र में SSC और HSC बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने वाला प्रमुख स्वायत्त सरकारी निकाय है। राज्य में हर वर्ष लाखों छात्र इन परीक्षाओं में सम्मिलित होते हैं। सूखाग्रस्त तालुकों में अनेक परिवार कृषि पर निर्भर हैं, और परीक्षा शुल्क माफी से उन्हें सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
इस निर्णय से प्रभावित छात्रों को अब बिना शुल्क भुगतान के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की सुविधा मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी योग्य छात्र परीक्षा से वंचित न रहे।
क्या होगा आगे
MSBSHSE ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में विस्तृत निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। सभी विभागीय बोर्डों को अपने अधिकार क्षेत्र के सूखाग्रस्त तालुकों के स्कूलों और जूनियर कॉलेजों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है। इसके साथ ही, की गई कार्रवाई की रिपोर्ट राज्य बोर्ड को शीघ्र सौंपना अनिवार्य किया गया है।
आने वाले हफ्तों में बोर्ड से अतिरिक्त दिशानिर्देश अपेक्षित हैं, जो यह स्पष्ट करेंगे कि शुल्क माफी की प्रक्रिया किस प्रकार सत्यापित की जाएगी और किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी।