बस्तर 2.0: विकास की नई दिशा में सीएम विष्णुदेव साय का प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रण

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बस्तर 2.0: विकास की नई दिशा में सीएम विष्णुदेव साय का प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रण

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीएम मोदी से मिलकर बस्तर के विकास के लिए एक नया ब्लूप्रिंट पेश किया। उन्होंने नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए धन्यवाद दिया और बस्तर के समग्र विकास की योजनाएं साझा कीं।

Key Takeaways

  • बस्तर 2.0 में विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया युग शुरू होगा।
  • मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बस्तर आने का निमंत्रण दिया।
  • नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में शांति और विकास के नए अवसर हैं।
  • बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए विशेष योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
  • बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जहां उन्होंने बस्तर के भविष्य की एक नई दृष्टि प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा।

उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का निमंत्रण दिया, जहाँ उनके दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर सहित पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित हो चुकी है। शिक्षा और स्वास्थ्य के सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है।

सीएम ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के माध्यम से बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का एक नया युग शुरू होगा।

विष्णुदेव साय ने अपने विकास दस्तावेज में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखी गई शांति और विकास की आकांक्षा अब धरातल पर साकार हो रही है। नक्सलवाद के अंत के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई किरण है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट 'सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज' रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों का एक व्यापक जाल दूर-दराज के गांवों को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर में बिजली पहुँचाने का कार्य तेज होगा। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में परिवर्तित किया जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट, देउरगांव और मटनार, स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। ये परियोजनाएँ बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। 'नियद नेल्ला नार 2.0' योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास के लाभ व्यापक स्तर पर पहुँच सकें। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

'अंजोर विजन 2047' और 'विकसित भारत 2047' के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें 'बस्तर मुन्ने' (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, आवश्यक दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएँ बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

Point of View

बल्कि इसका असर सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री का प्रयास है कि बस्तर को विकास की मुख्यधारा में लाया जाए।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

बस्तर 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बस्तर 2.0 का मुख्य उद्देश्य बस्तर के समग्र विकास, रोजगार के अवसरों को बढ़ाना और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।
प्रधानमंत्री मोदी कब बस्तर का दौरा करेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी का बस्तर दौरा मानसून के बाद प्रस्तावित है, जहाँ कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होगा।
बस्तर में कौन-कौन सी नई परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं?
बस्तर में नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, और मेडिकल कॉलेज जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं।
नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में क्या बदलाव आए हैं?
नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में शांति स्थापित हुई है, जिससे विकास की नई संभावनाएँ खुली हैं।
बस्तर मुन्ने कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
बस्तर मुन्ने कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
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