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क्या प्रधानमंत्री मोदी जनता से सीधे संवाद में रखते हैं विश्वास? : संजय निरुपम

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क्या प्रधानमंत्री मोदी जनता से सीधे संवाद में रखते हैं विश्वास? : संजय निरुपम

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं, जिसका संजय निरुपम ने स्वागत किया। उन्होंने मोदी के संवाद की शैली और बिहार के महागठबंधन की राजनीतिक स्थिति पर भी विचार साझा किए। जानिए इस संवाद की गहराई और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी का पत्र दीपावली पर देशवासियों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
संजय निरुपम का कहना है कि मोदी जनता से संवाद में विश्वास रखते हैं।
बिहार में महागठबंधन की स्थिति चिंताजनक।
शनिवारवाड़ा में नमाज का विवाद हिंदू भावनाओं को भड़काने का प्रयास।
आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री की सख्त कार्रवाई।

मुंबई, 21 अक्‍टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर देशवासियों को पत्र लिखकर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि पीएम मोदी जनता से सीधे संवाद करने में विश्वास रखते हैं।

निरुपम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री ने पत्र में देशवासियों को जानकारी दी कि त्योहार खुशी से इसलिए मनाया जा रहा है क्योंकि देश सुरक्षित है और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई करते हुए पहलगाम हमले का बदला लिया और आतंकी ठिकानों को नष्ट करवाया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साझा किया और नक्सलवाद पर नियंत्रण कर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है, जिससे विकास की नई दिशा खुली है।

निरुपम ने बिहार की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है। तेजस्वी यादव अपनी जिद पर अड़े हैं और अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस आरजेडी के क्षेत्र में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रही है, जिसे आरजेडी स्वीकार नहीं कर रही। वहीं, जेएमएम भी अलग होकर चुनाव मैदान में उतर गया है।

निरुपम ने कहा कि 11 सीटों पर सीधा मुकाबला दिख रहा है और अगर यही हाल रहा तो कांग्रेस और आरजेडी एक-दूसरे के उम्मीदवारों की मदद नहीं करेंगे, जिससे महागठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज को लेकर उठे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। संजय निरुपम ने कहा कि शनिवारवाड़ा पेशवाओं की ऐतिहासिक धरोहर है, जहां कभी बाजीराव पेशवा का महल था। महाराष्ट्र और देशभर के मराठी भाषी तथा हिंदू समुदाय के लोगों के लिए यह स्थान गहरी आस्था का प्रतीक है। ऐसे में वहां नमाज पढ़ने की घटना जानबूझकर हिंदू भावनाओं को भड़काने का प्रयास प्रतीत होती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश से सभी मस्जिदें खत्म हो गई हैं, जो अब ऐतिहासिक हिंदू स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। निरुपम ने चेतावनी दी कि इस प्रकार की हरकतें समाज में तनाव फैलाने का काम करेंगी और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद शैली उनके नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। उनकी पहल से देश की आंतरिक सुरक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जबकि बिहार की राजनीति में महागठबंधन की चुनौतियाँ और भी जटिल होती जा रही हैं, यह आवश्यक है कि पार्टियाँ अपने मतभेदों को भूलकर एकजुट हों।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने किस अवसर पर पत्र लिखा?
प्रधानमंत्री मोदी ने दीपावली के अवसर पर पत्र लिखा।
संजय निरुपम ने मोदी के पत्र पर क्या कहा?
संजय निरुपम ने कहा कि पीएम मोदी जनता से सीधे संवाद करने में विश्वास रखते हैं।
बिहार में महागठबंधन की स्थिति क्या है?
महागठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है और राजनीतिक स्थिति जटिल हो गई है।
शनिवारवाड़ा में नमाज के विवाद पर निरुपम की क्या राय है?
निरुपम ने कहा कि यह जानबूझकर हिंदू भावनाओं को भड़काने का प्रयास प्रतीत होता है।
राष्ट्र प्रेस
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