27 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटें एनडीए के खाते में, टीडीपी के 3 और जनसेना के 1 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

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आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटें एनडीए के खाते में, टीडीपी के 3 और जनसेना के 1 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

सारांश

आंध्र प्रदेश में एनडीए ने बिना एक वोट डाले राज्यसभा की चारों सीटें जीत लीं। 175 सदस्यीय विधानसभा में 164 विधायकों के दम पर टीडीपी-जनसेना-BJP गठबंधन के सामने वाईएसआरसीपी उम्मीदवार उतारने की स्थिति में ही नहीं थी — और जनसेना ने पहली बार राज्यसभा में कदम रखा।

मुख्य बातें

एनडीए ने 11 जून 2026 को आंध्र प्रदेश की सभी चार राज्यसभा सीटें निर्विरोध जीतीं।
टीडीपी के सना सतीश बाबू , भाष्यम रामकृष्ण , चिंतकायाला विजय और जनसेना के लिंगमनेनी रमेश निर्वाचित।
जनसेना पार्टी ने पहली बार राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
175 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 164 विधायक; वाईएसआरसीपी के पास मात्र 11 ।
18 जून को प्रस्तावित मतदान निर्विरोध निर्वाचन के कारण अब आवश्यक नहीं।

आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 11 जून 2026 को राज्यसभा की सभी चार सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की। नामांकन वापस लेने की अंतिम समयसीमा बीतने के बाद कोई विपक्षी उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा, जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के तीन और जनसेना पार्टी (जेएसपी) के एक प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। 18 जून को प्रस्तावित मतदान अब निरर्थक हो गया है।

निर्वाचित उम्मीदवार कौन हैं

निर्वाचन अधिकारी ने टीडीपी के सना सतीश बाबू, भाष्यम रामकृष्ण और चिंतकायाला विजय तथा जनसेना के लिंगमनेनी रमेश को विजयी घोषित किया। इनमें से सना सतीश बाबू दूसरी बार राज्यसभा पहुँचे हैं, जबकि शेष तीन पहली बार संसद के उच्च सदन के सदस्य बने हैं।

ये चारों सीटें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, परिमल नाथवानी, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस तथा टीडीपी के सना सतीश बाबू का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुई थीं।

निर्वाचित सदस्यों की पृष्ठभूमि

सना सतीश बाबू, कापू समुदाय से आने वाले उद्योगपति-से-नेता, टीडीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं। वे 2024 में लोकसभा टिकट के दावेदार थे, लेकिन टिकट न मिलने पर उसी वर्ष हुए उपचुनाव के ज़रिये राज्यसभा पहुँचे थे।

भाष्यम रामकृष्ण एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और उद्यमी हैं, जिन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में निजी शिक्षण संस्थानों के 'भाष्यम समूह' की स्थापना की है। वे कम्मा समुदाय से संबंध रखते हैं — वही समुदाय जिससे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी आते हैं।

चिंतकायाला विजय, आंध्र प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष अय्यन्ना पात्रुडु के पुत्र हैं और उत्तर तटीय आंध्र के पिछड़ा वर्ग समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। युवा नेताओं में गिने जाने वाले विजय भी नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं।

लिंगमनेनी रमेश वर्ष 2015 से जनसेना से जुड़े हैं। उनके निर्वाचन के साथ, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना पार्टी ने पहली बार राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है — दल के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

विधानसभा बहुमत ने तय किया परिणाम

175 सदस्यीय आंध्र प्रदेश विधानसभा में एनडीए के पास अभेद्य बहुमत है — टीडीपी के 135, जनसेना के 21 और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 8 विधायक। इसके मुकाबले वाईएसआरसीपी के पास मात्र 11 सीटें हैं। इस भारी संख्यात्मक श्रेष्ठता ने विपक्ष के लिए कोई भी उम्मीदवार उतारना व्यावहारिक रूप से असंभव बना दिया।

आगे क्या होगा

चारों नवनिर्वाचित सदस्य जल्द ही राज्यसभा में शपथ लेंगे और आंध्र प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों — विशेषकर अमरावती राजधानी विकास, विशेष राज्य दर्जे की माँग और केंद्रीय बजट आवंटन — पर सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद है। इस क्लीन स्वीप के साथ एनडीए की राज्यसभा में उपस्थिति और मज़बूत हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आंध्र प्रदेश में विपक्ष के पूर्ण राजनीतिक निर्वात का प्रमाण है — वाईएसआरसीपी 2024 की करारी हार के बाद अभी तक संगठनात्मक रूप से उबर नहीं पाई है। जनसेना का पहली बार राज्यसभा में पहुँचना पवन कल्याण की पार्टी के लिए संस्थागत परिपक्वता की दिशा में एक कदम है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस 'उपलब्धि' में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी। असली कसौटी तब होगी जब ये नवनिर्वाचित सदस्य राज्यसभा में आंध्र के विशेष राज्य दर्जे और अमरावती के बजट आवंटन जैसे कठिन मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाएँगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में कौन निर्वाचित हुए?
टीडीपी के सना सतीश बाबू, भाष्यम रामकृष्ण और चिंतकायाला विजय तथा जनसेना के लिंगमनेनी रमेश — ये चारों 11 जून 2026 को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए। 18 जून को प्रस्तावित मतदान अब आवश्यक नहीं रहा।
आंध्र प्रदेश में राज्यसभा सीटें क्यों रिक्त हुई थीं?
वाईएसआरसीपी के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, परिमल नाथवानी, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस और टीडीपी के सना सतीश बाबू का कार्यकाल समाप्त होने से ये चार सीटें रिक्त हुई थीं।
जनसेना पार्टी पहली बार राज्यसभा में कैसे पहुँची?
लिंगमनेनी रमेश के निर्विरोध निर्वाचन के साथ उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने पहली बार राज्यसभा में प्रवेश किया। रमेश 2015 से जनसेना से जुड़े हैं।
एनडीए ने आंध्र प्रदेश में राज्यसभा क्लीन स्वीप कैसे किया?
175 सदस्यीय आंध्र विधानसभा में एनडीए के पास टीडीपी के 135, जनसेना के 21 और BJP के 8 — कुल 164 विधायक हैं। वाईएसआरसीपी के पास मात्र 11 सीटें होने से वह कोई भी उम्मीदवार जिताने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए विपक्ष ने कोई नामांकन दाखिल नहीं किया।
सना सतीश बाबू कौन हैं?
सना सतीश बाबू कापू समुदाय से आने वाले उद्योगपति-से-राजनेता हैं और टीडीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं। 2024 में लोकसभा टिकट न मिलने पर उपचुनाव के ज़रिये वे पहली बार राज्यसभा पहुँचे थे और अब दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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