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टीडीपी के तीन उम्मीदवारों ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, 18 जून को होगा चुनाव

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टीडीपी के तीन उम्मीदवारों ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, 18 जून को होगा चुनाव

सारांश

टीडीपी ने राज्यसभा की तीन सीटों के लिए सना सतीश, भाष्यम रामकृष्ण और चिंताकायाला विजय को मैदान में उतारा है — तीनों ने 8 जून को नामांकन दाखिल किया। 175 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के 164 विधायकों के साथ चारों सीटें जीतना तय माना जा रहा है।

मुख्य बातें

टीडीपी के तीन उम्मीदवारों — सना सतीश , भाष्यम रामकृष्ण और चिंताकायाला विजय — ने 8 जून को राज्यसभा नामांकन दाखिल किया।
राज्यसभा चुनाव 18 जून को होने हैं; आंध्र प्रदेश में कुल 4 सीटें रिक्त हैं।
एनडीए सीट-शेयरिंग के तहत टीडीपी 3 सीटें लड़ रही है और चौथी सीट जन सेना पार्टी को दी गई है।
175 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 164 विधायक (टीडीपी-135, जेएसपी-21, BJP-8); वाईएसआरसीपी के पास केवल 11 ।
सीटें वाईएसआरसीपी के तीन और टीडीपी के एक सदस्य के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुई हैं।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के तीन राज्यसभा उम्मीदवारों — सना सतीश, भाष्यम रामकृष्ण और चिंताकायाला विजय — ने सोमवार, 8 जून को अमरावती स्थित राज्य विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। 18 जून को होने वाले इस चुनाव में आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटें दांव पर हैं।

नामांकन से पहले दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि

नामांकन दाखिल करने से पूर्व तीनों उम्मीदवारों ने टीडीपी के केंद्रीय कार्यालय का दौरा किया और पार्टी के संस्थापक तथा दिवंगत मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

तीनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि

सना सतीश टीडीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। कापू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सतीश व्यवसायी से राजनेता बने हैं। वह इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले चार राज्यसभा सदस्यों में से एक हैं और उन्हें पार्टी ने पुनः नामांकित किया है। दिसंबर 2024 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मोपिदेवी वेंकटरमना के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।

भाष्यम रामकृष्ण एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और उद्यमी हैं, जिन्होंने भाष्यम ग्रुप की स्थापना की — यह एक निजी शैक्षणिक नेटवर्क है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों में सक्रिय है। वह कम्मा समुदाय से हैं, जो सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से प्रभावशाली माना जाता है। रामकृष्ण 2024 में गुंटूर से लोकसभा टिकट के दावेदार रहे थे, किंतु पार्टी उन्हें नामांकित नहीं कर सकी।

चिंताकायाला विजय आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष अय्यन्ना पत्रुडु के पुत्र हैं। उत्तरी तटीय आंध्र के पिछड़े वर्ग से आने वाले विजय, लोकेश के करीबी युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वह अनाकापल्ली से लोकसभा टिकट के इच्छुक थे, परंतु वह सीट गठबंधन के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए छोड़नी पड़ी।

उम्मीदवार विजय की प्रतिक्रिया

नामांकन के बाद विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और लोकेश ने यह सिद्ध किया है कि मुश्किल समय में पार्टी का साथ देने वालों को उचित सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा, 'लोकेश ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरूंगा और पूरी निष्ठा के साथ नई जिम्मेदारियाँ निभाऊंगा।' विजय ने यह भी जोड़ा, 'अपने परिवार की ओर से, जो पार्टी की शुरुआत से ही उसके साथ खड़ा रहा है, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूँ।'

एनडीए का गठबंधन और सीट-शेयरिंग

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट-शेयरिंग समझौते के अनुसार, टीडीपी तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि चौथी सीट जन सेना पार्टी (जेएसपी) के लिए आरक्षित है। जेएसपी उम्मीदवार लिंगमनेनी रमेश ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था।

विधानसभा बहुमत और चुनावी गणित

175 सदस्यीय आंध्र प्रदेश विधानसभा में टीडीपी के पास 135 सीटें हैं, जबकि सहयोगी दल जन सेना और BJP के पास क्रमशः 21 और 8 सीटें हैं। दूसरी ओर, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पास मात्र 11 सीटें हैं। इस भारी बहुमत को देखते हुए एनडीए का चारों सीटें जीतना लगभग तय माना जा रहा है। ये सीटें वाईएसआरसीपी के अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, नथवानी परिमल, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस और टीडीपी के सना सतीश के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुई हैं। 18 जून का मतदान आंध्र प्रदेश में एनडीए की राज्यसभा उपस्थिति को और मज़बूत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कम्मा (रामकृष्ण) और उत्तरी तटीय आंध्र का पिछड़ा वर्ग (विजय) — जो 2024 की चुनावी जीत के बाद भी पार्टी के लिए अनिवार्य सामाजिक समीकरण बना हुआ है। गौरतलब है कि तीनों उम्मीदवार लोकसभा टिकट पाने में असफल रहे थे; राज्यसभा की यह सीट उन्हें 'वफ़ादारी का पुरस्कार' देने का माध्यम बनी है। विधानसभा में भारी बहुमत के कारण चुनाव औपचारिकता मात्र है, लेकिन असली सवाल यह है कि ये तीनों संसद के उच्च सदन में आंध्र प्रदेश के विकास एजेंडे को कितनी प्रभावशीलता से आगे बढ़ाएंगे।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीडीपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है?
टीडीपी ने सना सतीश, भाष्यम रामकृष्ण और चिंताकायाला विजय को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है। तीनों ने 8 जून को अमरावती में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन दाखिल किया।
आंध्र प्रदेश राज्यसभा चुनाव कब होगा?
आंध्र प्रदेश में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान 18 जून को निर्धारित है। ये सीटें वाईएसआरसीपी के तीन और टीडीपी के एक सदस्य के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुई हैं।
जन सेना पार्टी का राज्यसभा उम्मीदवार कौन है?
एनडीए के सीट-शेयरिंग समझौते के तहत जन सेना पार्टी के उम्मीदवार लिंगमनेनी रमेश हैं, जिन्होंने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। टीडीपी ने चौथी सीट जेएसपी के लिए छोड़ी है।
क्या एनडीए के लिए सभी चार सीटें जीतना संभव है?
175 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 164 विधायक हैं (टीडीपी-135, जेएसपी-21, BJP-8), जबकि वाईएसआरसीपी के पास केवल 11 सीटें हैं। इस भारी बहुमत को देखते हुए एनडीए का चारों सीटें जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
चिंताकायाला विजय कौन हैं?
चिंताकायाला विजय आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष अय्यन्ना पत्रुडु के पुत्र हैं और नारा लोकेश के करीबी युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वह उत्तरी तटीय आंध्र के पिछड़े वर्ग से आते हैं और अनाकापल्ली से लोकसभा टिकट के इच्छुक थे, किंतु वह सीट BJP को आवंटित की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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