तमिलनाडु राज्यसभा उपचुनाव 18 जून को: टीवीके की पहली संसदीय परीक्षा, जीत के लिए चाहिए 117 विधायकों का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु से रिक्त राज्यसभा सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव की तारीख 18 जून 2026 तय की है। यह सीट सीवी शनमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई, जिन्होंने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में मैलम निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर राज्यसभा छोड़ी। सत्ता में आने के बाद तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के सामने यह पहली प्रत्यक्ष चुनावी चुनौती है।
चुनावी कार्यक्रम
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 1 जून 2026 को प्रकाशित होगी और उसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून, नामांकनों की जाँच 9 जून और नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून निर्धारित है। यदि मतदान की नौबत आई, तो 18 जून को ही मतगणना भी होगी।
गणित और गठबंधन समीकरण
तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान प्रभावी सदस्य संख्या 233 है, जिसके अनुसार विजय के लिए किसी भी उम्मीदवार को 117 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। चूँकि किसी एकल दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, इसलिए परिणाम गठबंधन के अंकगणित पर निर्भर करेगा। संख्या बल के लिहाज से TVK के नेतृत्व वाला गठबंधन फिलहाल बढ़त की स्थिति में दिखता है।
TVK की रणनीतिक दुविधा
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि TVK इस प्रतिष्ठित सीट के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी या गठबंधन प्रबंधन के तहत किसी सहयोगी दल को अवसर देगी। यह निर्णय गठबंधन की आंतरिक एकता और TVK की संसदीय महत्वाकांक्षाओं, दोनों की दिशा तय करेगा। गौरतलब है कि यह TVK के लिए राज्य की सत्ता के बाद केंद्रीय सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का पहला अवसर है।
राजनीतिक महत्व
यह चुनाव तमिलनाडु के बदले राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सत्ता के समीकरण अभी स्थिर हो रहे हैं और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। उम्मीदवार चयन और गठबंधन वार्ता से जुड़े घटनाक्रम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का केंद्र बने रहेंगे।
आगे क्या होगा
अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवारों के नामों पर राजनीतिक सहमति की तस्वीर स्पष्ट होगी। 18 जून को होने वाला यह चुनाव TVK के लिए संसदीय मंच पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकता है।