आंध्र प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2025: एनडीए की चारों सीटें जीतने की तैयारी, 18 जून को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में 18 जून 2025 को होने वाले राज्यसभा चुनावों में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को चारों सीटें जीतने की प्रबल संभावना है। 175-सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन की भारी बहुमत के चलते यह जीत लगभग निर्विरोध मानी जा रही है।
सीट-बँटवारे की रणनीति
टीडीपी दो सीटें अपने पास रखने की स्थिति में है, जबकि सहयोगी दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जन सेना पार्टी (JSP) — को एक-एक सीट मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री एवं टीडीपी अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही यह संकेत दे दिया है कि वे अपने सहयोगियों के लिए एक-एक सीट छोड़ेंगे।
टीडीपी की दूसरी सीट पर कई दावेदार हैं, लेकिन सना सतीश बाबू — जो पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश के करीबी माने जाते हैं — को बनाए रखे जाने की संभावना अधिक है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना पार्टी इस चुनाव के ज़रिए राज्यसभा में अपना पहला कदम रखेगी।
चुनाव कार्यक्रम और औपचारिकताएँ
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया, जिसमें आंध्र प्रदेश की चार सीटें शामिल हैं। अधिसूचना 1 जून को जारी होगी, नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है और यदि आवश्यक हुआ तो मतदान 18 जून को होगा।
सेवानिवृत्त होने वाले चार सदस्यों में अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी, नथवानी परिमल, पिल्ली सुभाषचंद्र बोस (वाईएसआर कांग्रेस पार्टी) और टीडीपी के सना सतीश बाबू शामिल हैं। इन सभी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।
विधानसभा में बलाबल
गठबंधन की ताकत के आँकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं। टीडीपी के पास 135 सीटें हैं, जन सेना के पास 21 और BJP के पास 8 सीटें हैं — कुल मिलाकर 164 सीटें। इसके मुकाबले मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पास केवल 11 सीटें हैं, जो किसी भी उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनावों में विधानसभा में पर्याप्त संख्या न होने के कारण टीडीपी भाग नहीं ले पाई थी, जिससे अपने चार दशक के इतिहास में पहली बार पार्टी राज्यसभा में प्रतिनिधित्व-विहीन हो गई थी। यह स्थिति दिसंबर 2024 में बदली, जब टीडीपी के सतीश बाबू, BJP के एक उम्मीदवार और एक अन्य एनडीए प्रतिनिधि को वाईएसआरसीपी के तीन सदस्यों — मोपिदेवी वेंकटरमण राव, बी. मस्तान राव और कृष्णैया — के इस्तीफे से रिक्त हुई सीटों पर निर्विरोध चुना गया था।
यह भी उल्लेखनीय है कि BJP के लिए आंध्र प्रदेश से यह तीसरा राज्यसभा सांसद होने की संभावना है। पिछले वर्ष अप्रैल में, वाईएसआर कांग्रेस के वी. विजयसाई रेड्डी के इस्तीफे से रिक्त सीट पर BJP के पाका वेंकट सत्यनारायण को निर्विरोध चुना गया था।
आगे की राह
यदि एनडीए चारों सीटें जीतता है, तो यह आंध्र प्रदेश की राजनीति में गठबंधन की पकड़ को और मज़बूत करेगा और राज्यसभा में दक्षिण भारत से एनडीए की उपस्थिति को विस्तार देगा। जन सेना पार्टी का राज्यसभा में पदार्पण पवन कल्याण के लिए राष्ट्रीय राजनीति में एक नई भूमिका की शुरुआत होगी।