चंद्रबाबू नायडू का टीडीपी कार्यकर्ताओं से आह्वान: 2024 की जीत दोहराने को सहयोगियों संग मिलकर करें काम
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार, 27 मई 2026 को अमरावती में आयोजित टीडीपी के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों में 2024 के ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहराने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर एकजुट होकर काम करने का स्पष्ट आह्वान किया।
गठबंधन एकता पर ज़ोर
नायडू ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अपना अहंकार त्यागकर गठबंधन सहयोगियों — जन सेना और भाजपा — के साथ पूर्ण समन्वय सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली भारी सफलता का श्रेय इसी गठबंधन की एकजुटता को जाता है और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भी यही रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव चाहे जो भी हो, पार्टी के लिए जीत ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कल्याण योजनाओं की उपलब्धियाँ
टीडीपी अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य सरकार ने अब तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में ₹63,000 करोड़ का वितरण किया है, जिसे उन्होंने कल्याण क्षेत्र में एक रिकॉर्ड उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार राज्य के पुनरुत्थान के लिए अथक प्रयास कर रही है।
महिला सशक्तिकरण का संकल्प
नायडू ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा से लेकर 'तल्ली की वंदनम' योजना तक फैली हुई है। उन्होंने घोषणा की कि स्थानीय निकायों में आरक्षण के साथ-साथ टीडीपी विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने तक महिलाओं के साथ मज़बूती से खड़ी रहेगी।
पार्टी की विचारधारा और दृष्टि
नायडू ने याद दिलाया कि टीडीपी की स्थापना कल्याणकारी सिद्धांतों पर हुई थी, जिनका उद्देश्य आम जनता को भोजन, आवास और सुरक्षा जैसी बुनियादी ज़रूरतें सुलभ कराना था। उन्होंने दावा किया कि टीडीपी ने ही 'दूरदर्शी राजनीति' की नींव रखी और यह पार्टी आंध्र प्रदेश की जनता के पुनरुत्थान का प्रतीक है।
आगे की राह
सम्मेलन में नायडू ने कार्यकर्ताओं को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए तैयार रहने और जनता की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ने का निर्देश दिया। शिक्षा, रोज़गार और वित्त के क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रमों को और तेज़ करने का संकल्प भी इस अवसर पर दोहराया गया।