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महिला आरक्षण पर कांग्रेस-डीएमके का विरोध: चंद्रबाबू नायडू ने उठाए गंभीर सवाल

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महिला आरक्षण पर कांग्रेस-डीएमके का विरोध: चंद्रबाबू नायडू ने उठाए गंभीर सवाल

सारांश

कोयंबटूर में एक जनसभा में, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और डीएमके की आलोचना की। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताया और मतदाताओं से सही विकल्प चुनने की अपील की।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण पर कांग्रेस और डीएमके का विरोध महिलाओं के साथ अन्याय है।
सीएम नायडू ने पीएम मोदी की 33% आरक्षण की पहल की सराहना की।
महिलाओं के लिए आरक्षण एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा है।
तमिलनाडु के मतदाताओं से एनडीए का समर्थन करने का आग्रह किया गया।
महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

कोयंबटूर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, अन्नाद्रमुक के नेतृत्व में एनडीए के लिए चुनावी प्रचार सोमवार को और तेज हो गया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कोयंबटूर में एक जनसभा को संबोधित किया और महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रमुख विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

महिलाओं के लिए आरक्षण को एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बनाते हुए, मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से अपील की कि वे इस कानून पर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी तय करें। उन्होंने कहा कि विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण पर चर्चा राजनीतिक विमर्श का मुख्य मुद्दा होना चाहिए। इसे समावेशी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए, सीएम नायडू ने इसे एक परिवर्तनकारी सुधार माना। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इसके साथ ही, उन्होंने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रगतिशील सुधारों का विरोध करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि महिला आरक्षण विधेयक पर उनका रुख पूरे देश की महिलाओं के साथ अन्याय के समान है।

सीएम नायडू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और डीएमके जैसे कई विपक्षी दलों ने ऐतिहासिक सुधारों का विरोध किया है और अब महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी कानून का विरोध करके वे उसी प्रवृत्ति को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा महिलाओं के लिए जो किया गया, 33 प्रतिशत आरक्षण, वह एक ऐतिहासिक कदम है। लेकिन कांग्रेस, डीएमके और कुछ अन्य दलों ने इसका विरोध करके महिलाओं के साथ अन्याय किया है।

हालिया संसद की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़े संशोधनों के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसा रुख अपनाना महिला सशक्तिकरण के साथ विश्वासघात के समान है।

उन्होंने आगे कहा कि अब उन सभी को महिलाओं के सामने जाकर माफी मांगनी चाहिए। यह केवल राजनीति का सवाल नहीं है, यह भारत में महिलाओं के भविष्य का सवाल है।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता ने एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि यह दूरदृष्टि की कमी के कारण केंद्र सरकार से मिले सहयोग का सही उपयोग नहीं कर पाई। उन्होंने तर्क किया कि तमिलनाडु ने खराब शासन और राजनीतिक अड़ियलपन के कारण विकास के कई अवसर खो दिए हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के मतदाताओं से अपील की कि वे उन दलों को नकार दें जो सुधार-उन्मुख नीतियों का विरोध करती हैं, और इसके बजाय आगामी चुनावों में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करें। उन्होंने इस चुनाव को प्रगतिशील शासन और प्रतिगामी राजनीति के बीच एक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस और डीएमके के रुख को गंभीरता से उठाया है। उनके तर्कों से यह स्पष्ट है कि वे महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को एक प्राथमिकता मानते हैं। यह मुद्दा न केवल चुनावी है, बल्कि यह समाज के समग्र विकास से भी जुड़ा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण क्या है?
महिला आरक्षण का मतलब है कि विधायिकाओं में महिलाओं के लिए निश्चित संख्या में सीटें आरक्षित की जाती हैं, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ती है।
चंद्रबाबू नायडू ने किस मुद्दे पर कांग्रेस और डीएमके की आलोचना की?
नायडू ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और डीएमके के विरोध पर आलोचना की, इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताया।
महिला आरक्षण का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का महत्व इस बात में है कि यह महिलाओं को राजनीतिक निर्णय लेने में भागीदारी देने और उनके अधिकारों की रक्षा करने में मदद करता है।
क्या महिला आरक्षण केवल चुनावी मुद्दा है?
नहीं, महिला आरक्षण एक सामाजिक मुद्दा है, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने और सशक्त बनाने में मदद करता है।
कौन सी पार्टियाँ महिला आरक्षण का विरोध कर रही हैं?
कांग्रेस और डीएमके जैसे प्रमुख विपक्षी दल इस मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं, जैसा कि चंद्रबाबू नायडू ने बताया।
राष्ट्र प्रेस
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