सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में सांसदों को लिखा पत्र

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सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में सांसदों को लिखा पत्र

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में सांसदों को पत्र लिखा। उनका कहना है कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
  • सीएम चंद्रबाबू नायडू ने सभी दलों के नेताओं से समर्थन माँगा है।
  • यह विधेयक महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • 16 अप्रैल को इसका प्रस्तुतीकरण भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक होगा।
  • महिलाओं की भागीदारी से समाज का विकास संभव है।

अमरावती, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और लोकसभा-राज्यसभा के सांसदों को एक पत्र भेजकर महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन की अपील की है।

उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन’ संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में संसद में समर्थन देने का अनुरोध किया है, जिसका उद्देश्य 2029 के चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नायडू ने सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को मजबूत करने की अपील की है, जिसमें संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में इस विधेयक की प्रस्तुति भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उनका मानना है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने यह पत्र जन सेना के प्रमुख के. पवन कल्याण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पी.वी.एन. माधव, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला रेड्डी, सीपीआई नेता जी. ईश्वरैया और सीपीएम के वी. श्रीनिवास राव को संबोधित किया है।

नायडू ने अपने पत्र में लिखा कि यह विधेयक दशकों पुराने सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे देश में समानता की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन आएगा।

उन्होंने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण एक ऐसा कदम है, जो देश को गर्व से भर देता है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है, जब महिलाओं की भागीदारी शासन, प्रशासन और विधायी संस्थाओं में बढ़े। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, खेल, रक्षा, उद्योग और सेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करें और महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व दिलाने में योगदान दें।

नायडू ने इसे राजनीति से ऊपर उठकर देश की गरिमा और सम्मान से जुड़ा विषय बताया और कहा कि हर सांसद को इस ऐतिहासिक फैसले का हिस्सा बनना चाहिए।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
यह विधेयक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है।
इस विधेयक का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना और उनके अधिकारों को सशक्त करना है।
सीएम ने किसे पत्र लिखा?
सीएम ने राज्य के सभी दलों के नेताओं और सांसदों को पत्र लिखा।
महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन क्यों जरूरी है?
यह विधेयक महिलाओं को उनकी वास्तविक हिस्सेदारी दिलाने में मदद करेगा।
कब पेश किया जाएगा यह विधेयक?
यह विधेयक 16 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा।
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