12 जुलाई 2026
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नारी शक्ति वंदन बिल में संशोधन के लिए पीएम मोदी ने किया जोरदार आह्वान

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नारी शक्ति वंदन बिल में संशोधन के लिए पीएम मोदी ने किया जोरदार आह्वान

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने बरपेटा में जनसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पर जोर दिया। उन्होंने महिला आरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की। यह बिल महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा करता है, जो देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से सहमति की अपील की।
इससे महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी।
बिल का प्रस्ताव 16 अप्रैल को संसद में पेश होगा।
यह सभी राज्यों के लिए लाभकारी होगा।

बरपेटा, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बरपेटा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस सभा में, उन्होंने भाजपा की उपलब्धियों और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे करके दिखाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बार असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक निश्चित है।

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा की और बताया कि सरकार इसे 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में पेश करेगी। उन्होंने कहा, "हमने सभी राजनीतिक दलों से इस पर बातचीत की है और उनसे अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। इससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, चाहे वह पूर्वोत्तर हो या दक्षिण भारत। महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था की जा रही है।"

पीएम मोदी ने असम की महिलाओं से अपील की कि वे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर इस कानून के पारित होने का आग्रह करें। यह न केवल असम, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी होगा, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके।

सभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "यहां की भीड़ असाधारण है। मैंने गुजरात में कई साल काम किया है, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ जुटाना आसान नहीं था। असम की जनता ने इस बार दो बड़े काम किए हैं, पहला एनडीए सरकार की हैट्रिक और दूसरा, कांग्रेस के 'शाही परिवार' को हार का सामना कराना।"

रैली में, पीएम मोदी ने बच्चों और युवाओं के प्रति अपनी स्नेहिल भावना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "इन बच्चों ने इतनी कम उम्र में इतनी सारी ड्राइंग्स बनाई हैं। मैंने एसपीजी कर्मियों को कहा है कि वे इन्हें इकट्ठा करें। यदि आपने पीछे अपना नाम और पता लिखा है, तो मैं आपको चिट्ठी भेजूँगा।"

बरपेटा में आयोजित इस रैली के दौरान, मोदी ने भाजपा के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा, "आज 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है। मैं भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों को बधाई देता हूँ। 'राष्ट्र प्रथम' के मंत्र के साथ हम मां भारती की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्साह और ऊर्जा की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "अप्रैल का महीना बोहाग बिहू के पावन अवसर का महीना है। आप सभी इसके उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन इस बार बोहाग बिहू के साथ-साथ लोकतंत्र का पर्व भी है, क्योंकि मतदान के लिए अब केवल दो दिन बचे हैं। यहां जो उत्साह और ऊर्जा है, वह अभूतपूर्व है।"

उन्होंने कहा, "बरपेटा में यह विशाल जनसमूह एक ही घोषणा कर रहा है। भाजपा के लिए हैट्रिक और कांग्रेस के नामदारों के लिए हार का शतक। आज का यह जनसैलाब असम की जनता के संकल्प और समर्थन का प्रतीक है।"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस वह पार्टी है जो कभी दूरगामी सोच के साथ विकास के काम नहीं करती है। कांग्रेस लघु अवधि में काम करती है ताकि उसमें भ्रष्टाचार कर सके। भाजपा एक लंबे विजन के साथ काम करने वाली पार्टी है। हम विकसित असम से विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पिछले 10 वर्षों में पूरी मेहनत से काम किया है।"

इस अवसर पर, पीएम मोदी ने भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित किया और सभी से आग्रह किया कि वे चुनाव में पूरी तत्परता के साथ काम करें। उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और जनता का विश्वास पार्टी को विजयी बनाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल एक प्रस्तावित कानून है, जिसका उद्देश्य भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना है।
पीएम मोदी ने क्यों इस बिल का समर्थन किया?
पीएम मोदी ने इस बिल का समर्थन किया क्योंकि यह महिलाओं को राजनीतिक प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह बिल कब पेश किया जाएगा?
यह बिल 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
क्या यह बिल सभी राज्यों के लिए लागू होगा?
हाँ, यह बिल सभी राज्यों के लिए लागू होगा और किसी राज्य को इससे नुकसान नहीं होगा।
महिलाओं को इससे क्या लाभ होगा?
महिलाओं को इस बिल के माध्यम से राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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