कोयंबटूर की महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक का उत्साहपूर्वक स्वागत किया, पीएम मोदी की सराहना की

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कोयंबटूर की महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक का उत्साहपूर्वक स्वागत किया, पीएम मोदी की सराहना की

सारांश

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कोयंबटूर की महिलाओं में गहरा उत्साह है। उन्होंने पीएम मोदी और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की सराहना की और सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक: 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।
  • समर्थन: सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील।
  • महिलाओं की भागीदारी: राजनीति में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा।
  • सामाजिक दृष्टिकोण: महिलाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव।
  • महिला सशक्तिकरण: राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम।

कोयंबटूर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक के प्रति तमिलनाडु की महिलाओं में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय महिलाओं ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की प्रशंसा की और सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की।

कोयंबटूर की निवासी थामराई पेन कल्पना ने कहा, "मैं महिला आरक्षण विधेयक का तहेदिल से स्वागत करती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाने के लिए दिल से धन्यवाद। यह विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। मुझे आशा है कि तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके पार्टी समेत सभी राजनीतिक दल इस ऐतिहासिक विधेयक का पूरा समर्थन करेंगे।"

एक अन्य स्थानीय महिला सौम्या ने कहा, "हम महिला आरक्षण बिल के लागू होने की निश्चित समय-सीमा का स्वागत करते हैं। 2029 तक इसका लागू होना महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। समाज अब उस पुराने दौर से आगे बढ़ चुका है, जब महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं और शिक्षा से वंचित रहती थीं। अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।"

कोयंबटूर के निवासी मरगथम ने महिला आरक्षण बिल को समाज की प्रगति से जोड़ा और कहा, "किसी भी समाज की उन्नति उसकी महिलाओं की स्थिति से गहराई से संबंधित होती है। आज महिलाएं शिक्षा, व्यवसाय, खेल और अन्य क्षेत्रों में उन्नति कर रही हैं, लेकिन राजनीति में आने के संदर्भ में कई महिलाओं में अभी भी डर और हिचकिचाहट है। महिला आरक्षण बिल अब उनके लिए एक मजबूत सहारा बनेगा और उन्हें राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगा।"

एक अन्य स्थानीय महिला परमेश्वरी ने कहा, "हम महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रधानमंत्री के निरंतर प्रयासों का स्वागत करते हैं। महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी और उनके खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए राजनीतिक सशक्तिकरण आवश्यक है। महिलाओं के अधिकार अब केवल क्षेत्रीय दलों के नारों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें ऐसे ऐतिहासिक विधेयकों के रूप में देखा जाना चाहिए, जो उन्हें वास्तव में सत्ता के केंद्र में लाएं।"

महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि महिला आरक्षण बिल न केवल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा, बल्कि पूरे समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को भी सकारात्मक रूप से बदलने में सहायक होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी दल मिलकर इस विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करेंगे।

Point of View

बल्कि यह समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत है। महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत करना और इसे लागू करने के लिए राजनीतिक दलों का समर्थन आवश्यक है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
महिला आरक्षण विधेयक का कब लागू होना है?
महिला आरक्षण विधेयक 2029 तक लागू होने की योजना है।
किसने महिला आरक्षण विधेयक की सराहना की?
कोयंबटूर की महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक और पीएम मोदी की सराहना की है।
महिला आरक्षण विधेयक का सामाजिक प्रभाव क्या होगा?
यह विधेयक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को स्थापित करेगा।
महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन कौन कर रहा है?
स्थानीय महिलाएं और विभिन्न राजनीतिक दल इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।
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