जेम्स संगमा मेघालय से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, एनपीपी की संसद में पकड़ और मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के वरिष्ठ नेता जेम्स संगमा 11 जून 2026 को मेघालय से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर किसी अन्य दल या प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे मतदान की नौबत ही नहीं आई।
निर्वाचन की प्रक्रिया
मेघालय विधानसभा के सचिव एवं निर्वाचन अधिकारी माल्थस संगमा ने 11 जून को नाम वापसी की अंतिम तिथि पर जेम्स संगमा को विधिवत निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। इससे पहले निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी हुई थी, 8 जून नामांकन की अंतिम तिथि थी और 9 जून को नामांकन पत्रों की जाँच हुई। मतदान एवं मतगणना 18 जून को प्रस्तावित थी, किंतु निर्विरोध निर्वाचन के कारण वह अब आवश्यक नहीं रही।
उम्मीदवार का परिचय
जेम्स संगमा एनपीपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री हैं। वे मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस-2 (एमडीए-2) सरकार के आधिकारिक उम्मीदवार थे। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में एनपीपी नीत गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत होने से उनकी जीत पहले से अपेक्षित थी।
पूर्ववर्ती सांसद और रिक्ति का कारण
यह द्विवार्षिक चुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. वानवेइरॉय खारलुखी का छह वर्षीय कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है। डॉ. खारलुखी भी एनपीपी से ही थे और कथित तौर पर कार्यकाल पूरा होने के बाद सक्रिय संसदीय राजनीति से दूरी बनाने की इच्छा जता चुके थे।
निर्वाचित सांसद की प्रतिक्रिया
निर्वाचन के बाद जेम्स संगमा ने विधायकों और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे संसद में मेघालय के हितों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करेंगे और राज्य के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
आगे क्या
जेम्स संगमा अगले छह वर्षों तक राज्यसभा में मेघालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस निर्विरोध जीत से संसद के उच्च सदन में एनपीपी की उपस्थिति और सुदृढ़ होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे पूर्वोत्तर राज्य की विकास संबंधी माँगों को केंद्र सरकार के समक्ष किस प्रकार रखते हैं।