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मिजोरम राज्यसभा सीट: जेडपीएम के लालतलुआंगकीमा 16 मतों से जीते, पहली बार मिला प्रतिनिधित्व

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मिजोरम राज्यसभा सीट: जेडपीएम के लालतलुआंगकीमा 16 मतों से जीते, पहली बार मिला प्रतिनिधित्व

सारांश

मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर जेडपीएम ने 16 मतों से जीत दर्ज कर इतिहास रचा — यह पार्टी का पहला उच्च सदन प्रतिनिधित्व है। भाजपा और कांग्रेस के मतदान से दूर रहने और एमएनएफ के एकजुट विरोध के बावजूद जेडपीएम की एकता बरकरार रही।

मुख्य बातें

जेडपीएम के उम्मीदवार खियांगते लालतलुआंगकीमा ने 18 जून को मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट 16 मतों के अंतर से जीती।
लालतलुआंगकीमा को 26 वोट मिले; एमएनएफ की जोथानसांगी हमार को 10 वोट ।
यह जेडपीएम का राज्यसभा में पहली बार प्रतिनिधित्व है।
भाजपा और कांग्रेस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
जेडपीएम विधायक डब्ल्यू.
छुआनावमा स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित रहे।
यह चुनाव एमएनएफ सांसद के.
वनलालवेना का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त होने के कारण कराया गया।

मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के उम्मीदवार खियांगते लालतलुआंगकीमा ने 18 जून को विजय हासिल की। उन्होंने विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की उम्मीदवार जोथानसांगी हमार को 16 मतों के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ जेडपीएम ने पहली बार राज्यसभा में मिजोरम का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।

मतदान का विवरण

आइजोल स्थित विधानसभा परिसर में मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और निर्धारित समय शाम 4 बजे से पहले ही सुबह 11 बजे संपन्न हो गया। लालतलुआंगकीमा को 26 वोट मिले, जबकि लेखिका एवं अधिवक्ता जोथानसांगी हमार को एमएनएफ के सभी 10 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर एवं मिजोरम विधानसभा के आयुक्त व सचिव जोथानसांगा राल्ते ने मतगणना के बाद आधिकारिक परिणाम घोषित किया।

विधानसभा की संरचना और मतदान में भागीदारी

40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में जेडपीएम के 27, एमएनएफ के 10, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 2 और कांग्रेस का 1 विधायक है। एक अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री लालदुहोमा सहित जेडपीएम के 27 में से 26 विधायकों ने मतदान किया। तुइचांग विधानसभा क्षेत्र से जेडपीएम विधायक डब्ल्यू. छुआनावमा स्वास्थ्य कारणों से मतदान में शामिल नहीं हो सके।

भाजपा और कांग्रेस ने इस चुनाव में मतदान से दूरी बनाए रखी। भाजपा के मीडिया संयोजक जॉनी लालथानपुइया ने पुष्टि की कि पार्टी के दोनों विधायक मतदान में नहीं आए। कांग्रेस विधायक सी. न्गुनलियनचुंगा ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्देश के अनुसार मतदान नहीं किया।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मतदान के बाद मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने विपक्ष के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें जेडपीएम के भीतर आंतरिक मतभेद और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई गई थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसे दावे कर रहा था, जबकि पार्टी के विधायक पूरी तरह एकजुट रहे।

विपक्ष का रुख

विपक्ष के नेता और एमएनएफ विधायक लालछंदामा राल्ते ने चुनाव से पहले सत्तारूढ़ जेडपीएम में आंतरिक दरार का दावा किया था। हालांकि, मतगणना के परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी में कोई उल्लेखनीय विभाजन नहीं हुआ।

चुनाव की पृष्ठभूमि

यह चुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि मिजोरम से मौजूदा राज्यसभा सांसद के. वनलालवेना (एमएनएफ) का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त हो रहा है। गौरतलब है कि यह जेडपीएम के लिए ऐतिहासिक क्षण है — पार्टी की स्थापना के बाद यह पहली बार है जब उसने राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। आने वाले समय में लालतलुआंगकीमा संसद के उच्च सदन में मिजोरम की आवाज़ बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2023 में एमएनएफ को सत्ता से बेदखल करने के बाद और गहरी हुई है। भाजपा और कांग्रेस का मतदान से दूर रहना उनकी विधानसभा में सीमित संख्या को दर्शाता है, लेकिन यह यह भी संकेत देता है कि राष्ट्रीय दलों की इस पूर्वोत्तर राज्य में रणनीतिक प्रासंगिकता घटती जा रही है। विपक्ष की क्रॉस वोटिंग की भविष्यवाणी गलत साबित हुई, जो दर्शाता है कि लालदुहोमा की पार्टी अनुशासन पर पकड़ मज़बूत है — एक ऐसे राज्य में जहाँ गठबंधन की राजनीति अस्थिर रही है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम राज्यसभा चुनाव 2025 में कौन जीता?
जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के उम्मीदवार खियांगते लालतलुआंगकीमा ने 18 जून को मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट जीती। उन्होंने एमएनएफ की जोथानसांगी हमार को 16 मतों के अंतर से हराया।
जेडपीएम के लिए यह जीत ऐतिहासिक क्यों है?
यह पहली बार है जब जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व हासिल किया है। इससे पहले मिजोरम की राज्यसभा सीट एमएनएफ के पास थी।
मिजोरम राज्यसभा चुनाव क्यों कराया गया?
मिजोरम से मौजूदा राज्यसभा सांसद के. वनलालवेना (एमएनएफ) का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त हो रहा है, इसलिए इस सीट के लिए चुनाव आयोजित किया गया।
भाजपा और कांग्रेस ने मतदान में हिस्सा क्यों नहीं लिया?
भाजपा के मीडिया संयोजक जॉनी लालथानपुइया के अनुसार पार्टी के दोनों विधायकों ने मतदान नहीं किया। कांग्रेस विधायक सी. न्गुनलियनचुंगा ने बताया कि उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर मतदान से दूरी बनाई।
मिजोरम विधानसभा में किस पार्टी के कितने विधायक हैं?
40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में जेडपीएम के 27, एमएनएफ के 10, भाजपा के 2 और कांग्रेस का 1 विधायक है।
राष्ट्र प्रेस
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