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राम कपूर का भावुक खुलासा: पिता की अंतिम इच्छा पूरी की, मां-बहन ने पांच साल से तोड़ा रिश्ता

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राम कपूर का भावुक खुलासा: पिता की अंतिम इच्छा पूरी की, मां-बहन ने पांच साल से तोड़ा रिश्ता

सारांश

राम कपूर ने 'लॉक अप' में वह राज खोला जो शायद सबसे भारी था — कोविड में कैंसरग्रस्त पिता ने मरने में मदद मांगी, और राम ने उनका हाथ थामकर उन्हें जाने दिया। कीमत चुकाई मां और बहन के रिश्ते से — पांच साल से दोनों ने बात बंद कर रखी है।

मुख्य बातें

राम कपूर ने रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' में अपनी निजी जिंदगी का भावुक खुलासा किया।
कोविड महामारी के दौरान उनके पिता को कैंसर दोबारा हुआ और उन्होंने राम से अंतिम इच्छा पूरी करने की गुजारिश की।
राम ने आईसीयू में पिता का हाथ थामकर उनकी अंतिम यात्रा में साथ दिया और उनकी सभी शर्तें पूरी कीं।
इस फैसले के बाद मां और बहन ने पांच से अधिक वर्षों से राम से बात करना बंद कर दिया है।
राम ने कहा कि इस अनुभव के बाद उन्हें अब मौत से डर नहीं लगता।

अभिनेता राम कपूर ने रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' के एक हालिया एपिसोड में अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां और बहन पिछले पांच से अधिक वर्षों से उनसे बात नहीं करतीं — और इसकी वजह वह फैसला है जो उन्होंने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए लिया था।

पिता से रिश्ते की जटिल कहानी

राम कपूर ने बताया कि उनके और उनके पिता के बीच संबंध कभी सहज नहीं रहे। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता और मेरे बीच संबंध कभी अच्छे नहीं रहे। हमारे बीच हमेशा दूरियां और मतभेद रहे। मैंने हमेशा अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी, जबकि बाकी परिवार उनके साथ था।' शो पर 'फादर' कीवर्ड आते ही उनके भीतर दबी यह पूरी कहानी बाहर आ गई।

कोविड काल में कैंसर और एक असाधारण अनुरोध

कोविड महामारी के दौरान राम के पिता को कैंसर दोबारा हो गया। उन्होंने राम की पत्नी गौतमी को फोन कर कहा कि वह अपने बेटे से बात करना चाहते हैं। इसके बाद पिता-पुत्र के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। राम के अनुसार, उनके पिता ने एक दिन उनसे सीधे पूछा, 'क्या तुम मेरी मरने में मदद कर सकते हो?'

राम ने उस पल को याद करते हुए कहा, 'जाहिर है, मेरी प्रतिक्रिया भी किसी और इंसान की तरह ही थी। मैंने कहा, आप क्या बात कर रहे हैं? लेकिन उन्होंने मुझे यह समझाने में कामयाबी हासिल की कि अगर मैं उनकी मदद नहीं करूंगा, तो वह अकेले मर जाएंगे।'

अंतिम विदाई और परिवार से दूरी

राम कपूर के अनुसार, उनके पिता की अंतिम इच्छा थी कि वह आईसीयू में उनके साथ रहें, अंतिम यात्रा में कोई रोए नहीं, और उनका अंतिम संस्कार उसी दिन कर दिया जाए। राम ने यह सब पूरा किया।

उन्होंने कहा, 'किसी तरह मैंने हर दिन उनका हाथ थामा और उन्हें जाने दिया। मेरी मां और मेरी बहन आज भी मुझसे बात नहीं करती हैं। इस बात को पांच साल से ज्यादा समय हो चुका है।' राम का मानना है कि एक संतान अपने माता-पिता के लिए इससे बड़ा काम शायद ही कुछ कर सकती है। उन्होंने जोड़ा, 'मेरे पिता ने विदाई भी राजा की तरह ली।'

मौत से नहीं रहा अब डर

बातचीत के अंत में राम कपूर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव के बाद उन्हें अब मौत से डर नहीं लगता, क्योंकि वह उसे बहुत करीब से देख चुके हैं। यह खुलासा शो के दर्शकों के बीच गहरी चर्चा का विषय बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिस पर भारतीय समाज में खुलकर बात नहीं होती। रियलिटी शो का मंच इस विमर्श को मुख्यधारा में लाने का अवसर बन सकता है — या इसे महज टीआरपी की खुराक में बदल सकता है। यह भी विचारणीय है कि परिवार के भीतर इस तरह के फैसलों पर आम सहमति न होने पर रिश्तों का क्या हश्र होता है — राम का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कपूर ने 'लॉक अप' में क्या खुलासा किया?
राम कपूर ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उनके कैंसरग्रस्त पिता ने उनसे अपनी मरने में मदद मांगी थी। राम ने उनका हाथ थामकर आईसीयू में उनकी अंतिम इच्छाएं पूरी कीं, जिसके बाद उनकी मां और बहन ने उनसे बात करना बंद कर दिया।
राम कपूर की मां और बहन उनसे बात क्यों नहीं करतीं?
राम के अनुसार, उन्होंने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने में मदद की थी, जो परिवार के बाकी सदस्यों को स्वीकार्य नहीं था। इस फैसले के बाद से पांच से अधिक वर्षों से उनकी मां और बहन ने उनसे संवाद बंद कर रखा है।
राम कपूर के पिता की अंतिम इच्छाएं क्या थीं?
राम कपूर के अनुसार उनके पिता चाहते थे कि राम आईसीयू में उनके अंतिम समय तक साथ रहें, अंतिम यात्रा में कोई रोए नहीं, और उनका अंतिम संस्कार उसी दिन कर दिया जाए। राम ने ये सभी इच्छाएं पूरी कीं।
'लॉक अप: सच या सजा' शो क्या है?
'लॉक अप: सच या सजा' एक हिंदी रियलिटी शो है जिसमें सेलेब्रिटी प्रतिभागी अपनी निजी जिंदगी से जुड़े सच्चे खुलासे करते हैं। इसी शो के एक हालिया एपिसोड में राम कपूर ने यह भावुक कहानी साझा की।
राम कपूर ने मौत के बारे में क्या कहा?
राम कपूर ने कहा कि अपने पिता की मृत्यु को इतने करीब से देखने के बाद उन्हें अब मौत से डर नहीं लगता। यह अनुभव उनके जीवन का सबसे बड़ा और सबसे भारी पल रहा।
राष्ट्र प्रेस
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