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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का रुख: टोल नहीं, पर सेवाओं का 'उचित मूल्य' लेंगे — बाघेई

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का रुख: टोल नहीं, पर सेवाओं का 'उचित मूल्य' लेंगे — बाघेई

सारांश

ईरान ने होर्मुज पर टोल की अटकलें खारिज कीं, लेकिन 'उचित मूल्य' की बात कहकर रास्ता खुला रखा। अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु मुद्दा अभी एजेंडे से बाहर है, जबकि रूबियो ने भारत दौरे से संकेत दिया कि समझौते की संभावना बनी हुई है।

मुख्य बातें

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 25 मई को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान टोल नहीं वसूलेगा, लेकिन सेवाओं का 'उचित मूल्य' लेना सामान्य है।
अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर बाघेई ने कहा 'कोई गारंटी नहीं'; ईरान किसी 'धमकी' की परवाह नहीं करता।
मौजूदा वार्ता में पाकिस्तान के अलावा अन्य देश भी मध्यस्थता में शामिल; लेबनान संघर्ष समाप्ति का प्रावधान भी जोड़ा गया।
अमेरिका-ईरान वार्ता में फिलहाल परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं; ध्यान 'संघर्ष समाप्त करने' पर।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत दौरे के दौरान कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने 'मजबूत प्रस्ताव' रखा है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार, 25 मई को स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान कोई टोल या टैक्स नहीं वसूलेगा, लेकिन वहाँ दी जाने वाली सेवाओं के बदले 'उचित मूल्य' लेना पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार-क्षेत्र में आता है।

बाघेई का बयान: क्या कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस में

बाघेई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हम सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए स्ट्रेट के आस-पास स्थित देशों के संपर्क में हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिका-ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे थे।

अमेरिका के प्रस्ताव पर ईरान का रुख

संभावित समझौते पर बाघेई ने कहा कि अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर 'कोई गारंटी नहीं' है और ईरान किसी भी 'धमकी' की परवाह नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा वार्ता में एक उल्लेखनीय बदलाव यह है कि पाकिस्तान के अलावा अन्य देश भी मध्यस्थता में शामिल हुए हैं, और बातचीत में लेबनान संघर्ष समाप्त करने से जुड़ा एक प्रावधान भी जोड़ा गया है।

परमाणु मुद्दा अभी एजेंडे से बाहर

बाघेई ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही और ध्यान पूरी तरह 'संघर्ष समाप्त करने' पर केंद्रित है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि इज़रायल इस बातचीत को कमज़ोर करने की कोशिश कर सकता है।

रूबियो का बयान और भारत दौरे का संदर्भ

इसी दौरान भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर उसी दिन कोई बड़ी खबर सामने आ सकती है। उन्होंने बताया कि रविवार को दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने इसे कोई बड़ी बाधा नहीं माना। रूबियो के अनुसार अमेरिका ने ईरान के सामने एक 'मजबूत प्रस्ताव' रखा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तय समय-सीमा के भीतर गंभीर वार्ता करने की बात शामिल है।

आगे क्या

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। ईरान के इस स्पष्टीकरण और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि दोनों पक्ष पहले कम विवादास्पद मुद्दों पर सहमति बनाना चाहते हैं। इज़रायल द्वारा वार्ता को 'कमज़ोर करने' की आशंका और लेबनान प्रावधान का जुड़ना दर्शाता है कि यह केवल द्विपक्षीय मामला नहीं रहा — पश्चिम एशिया का पूरा भू-राजनीतिक समीकरण दाँव पर है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल को लेकर क्या कहा?
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि होर्मुज पर कोई टोल या टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन वहाँ दी जाने वाली सेवाओं के बदले 'उचित मूल्य' लेना सामान्य बात है। उनके अनुसार जलडमरूमध्य का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार में है।
अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु मुद्दे पर क्या स्थिति है?
बाघेई के अनुसार फिलहाल अमेरिका-ईरान वार्ता में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही और ध्यान 'संघर्ष समाप्त करने' पर केंद्रित है। अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भी कहा कि अमेरिका ने एक मजबूत प्रस्ताव रखा है जिसमें होर्मुज को खुला रखना और परमाणु कार्यक्रम पर समयबद्ध वार्ता शामिल है।
मार्को रूबियो ने भारत दौरे के दौरान ईरान को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत दौरे पर कहा कि ईरान के साथ वार्ता को लेकर उसी दिन कोई बड़ी खबर आ सकती है। उन्होंने रविवार को समझौता न होने को बड़ी बाधा नहीं माना और कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने एक 'मजबूत प्रस्ताव' रखा है।
अमेरिका-ईरान वार्ता में नए क्या बदलाव हुए हैं?
बाघेई ने बताया कि वार्ता में पाकिस्तान के अलावा अन्य देश भी मध्यस्थता में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही बातचीत में लेबनान संघर्ष समाप्त करने से जुड़ा एक प्रावधान भी जोड़ा गया है।
ईरान को इज़रायल से वार्ता में क्या खतरा दिख रहा है?
बाघेई ने आशंका जताई कि इज़रायल अमेरिका-ईरान वार्ता को कमज़ोर करने की कोशिश कर सकता है। यह बयान पश्चिम एशिया में व्यापक भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में आया है।
राष्ट्र प्रेस
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