होर्मुज टोल विवाद: ट्रंप का दावा — ईरान ने शुल्क वसूली की खबरों को बताया 'फेक न्यूज'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून 2025 को दावा किया कि ईरान ने उन्हें सूचित किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल, बीमा लागत या अन्य किसी प्रकार का शुल्क वसूलने की खबरें 'फेक न्यूज' हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई भी रिपोर्ट वास्तविकता से मेल नहीं खाती।
ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि होर्मुज शुल्क से जुड़ी कोई भी जानकारी सही साबित होती है, तो चल रही वार्ता तुरंत समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान को कोई धनराशि नहीं दी है और न ही उसके किसी फंड को जारी किया गया है।
ट्रंप ने आगे बताया कि अमेरिकी नियंत्रण में मौजूद कुछ धनराशि अमेरिकी किसानों और पशुपालकों के लिए जारी की जाएगी, ताकि वे मक्का, गेहूं, सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पाद ईरान को बेच सकें। उनके अनुसार ईरान में खाद्य सामग्री की जरूरत है और अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि यह आपूर्ति विशेष रूप से अमेरिकी कृषि उत्पादों से ही हो।
ईरान-ओमान का संयुक्त बयान
यह ऐसे समय में आया है जब मंगलवार को ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों देश होर्मुज मार्ग की देखरेख और जहाजों से सेवाओं के बदले लिए जाने वाले शुल्क पर विचार करेंगे। गौरतलब है कि ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने यूएई दौरे के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी अंतिम समझौते के तहत ईरान को होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति नहीं देगा। रूबियो ने कहा, 'यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पर टोल या शुल्क वसूलने की इजाजत नहीं है। मुझे यकीन है कि क्षेत्र के अन्य देश भी इससे सहमत होंगे।'
विवाद का व्यापक संदर्भ
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील मार्ग है — दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी प्रकार के शुल्क की संभावना वैश्विक ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर निहितार्थ रखती है। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक संवाद अभी भी अनिश्चितता से भरा है, और दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास बना हुआ है।
आगे क्या होगा
अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में होर्मुज टोल विवाद एक नई उलझन बनकर उभरा है। ट्रंप की चेतावनी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान आधिकारिक तौर पर इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्षेत्रीय देश — विशेषकर खाड़ी के तेल निर्यातक राष्ट्र — इस घटनाक्रम पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।