ईरान ने होर्मुज से चीनी जहाज को लौटाया, बिना मंजूरी के नहीं मिली अनुमति
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चीनी जहाज को लौटाया।
- अनुमति के बिना किसी भी जहाज को नहीं दी जाएगी इजाजत।
- भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया।
- हर जहाज को अलग से अनुमति लेनी होती है।
- घटना पर भारत की गहरी चिंता।
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक चीनी जहाज को वापस लौटा दिया है। बिना अनुमति के जहाज को अपना मार्ग बदलने का आदेश दिया गया। मुंबई में स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पोस्ट के माध्यम से इस घटना की जानकारी दी।
यह जानकारी दी गई कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से चीनी जहाज को वापस भेज दिया है। किसी भी जहाज को इस समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए अनुमति लेना आवश्यक है।
‘सन प्रोफिट’ नामक चीनी जहाज को अनुमति नहीं मिलने के कारण अपने मार्ग को बदलना पड़ा। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी देश के जहाज को ‘ब्लैंकेट अप्रूवल’ (एक को अनुमति मिलने पर सभी को अनुमति) नहीं देता। प्रत्येक जहाज को अलग से अनुमति प्राप्त करनी होती है।
शनिवार को भारत के दो जहाजों पर फायरिंग की घटना की सूचना आई थी। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। इसमें विदेश सचिव द्वारा ईरानी राजदूत को तलब किए जाने का जिक्र किया गया और भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर भारत की ईरानी राजदूत से हुई बातचीत का उल्लेख किया। बयान में लिखा है-
“नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को शनिवार शाम विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव के साथ एक बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक में विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।”
“व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से अनुरोध किया कि वे भारत के विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाएं, और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों के लिए मार्ग खोलने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। ईरान के राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।”