24 जुलाई 2026
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कटिहार में मिनी अवैध गन फैक्ट्री का भंडाफोड़: STF-पुलिस छापे में 1 गिरफ्तार, लेथ मशीन समेत भारी हथियार जब्त

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कटिहार में मिनी अवैध गन फैक्ट्री का भंडाफोड़: STF-पुलिस छापे में 1 गिरफ्तार, लेथ मशीन समेत भारी हथियार जब्त

सारांश

बिहार के कटिहार में STF और पुलिस ने एक टीन शेड में छिपी मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। लेथ मशीन की आड़ में हथियार बनाने वाले 23 वर्षीय आरोपी मो. रजाउल अंसारी को मौके पर गिरफ्तार किया गया। पूर्व में भी जेल जा चुका यह आरोपी एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

मुख्य बातें

24 जुलाई को कटिहार के बरारी थाना क्षेत्र में STF और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
रजाउल अंसारी (23) , कजरा गांव निवासी, पहले भी अवैध हथियार निर्माण में जेल जा चुका है।
बरामदगी में एक दोनाली बंदूक, चार देसी कट्टे, तीन बैरल, तीन अर्द्धनिर्मित कट्टे और एक मोटर लेथ मशीन शामिल हैं।
SDPO सुनील कुमार शर्मा के अनुसार लेथ मशीन की आड़ में हथियार तैयार किए जा रहे थे।
पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।

बिहार के कटिहार जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने 24 जुलाई को एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। बरारी थाना क्षेत्र के बांसभिट्टी स्थित एक टीन के मकान में संचालित इस अवैध हथियार निर्माण केंद्र से एक संदिग्ध को मौके पर ही दबोचा गया और भारी मात्रा में हथियार व उपकरण जब्त किए गए।

कैसे हुआ भंडाफोड़

पुलिस के अनुसार, बरारी थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि बलुआ-कलिकापुर मार्ग पर स्थित सुजापुर चौक के निकट एक टीन शेड में अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बरारी थाना पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मौके की घेराबंदी कर छापेमारी की, जिसमें एक व्यक्ति भागने का प्रयास करता मिला, लेकिन पुलिस ने तत्काल उसे काबू कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. रजाउल अंसारी (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कटिहार जिले के बरारी थाना क्षेत्र के कजरा गांव का निवासी है। उसके विरुद्ध बरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी अवैध हथियार निर्माण के मामले में जेल जा चुका है।

बरामद हथियार और उपकरण

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री जब्त की: एक बड़ी दोनाली बंदूक, चार देसी कट्टे, तीन देसी कट्टों के बैरल, तीन अर्द्धनिर्मित देसी कट्टे, एक कट्टे की बॉडी, तीन ट्रिगर, दो खोखा, एक लोहे का फरमा, एक मोटर लेथ मशीन और एक मोबाइल फोन। इसके अतिरिक्त हथियार निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण और कच्चा माल भी जब्त किया गया।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

कटिहार सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि लेथ मशीन की आड़ में हथियार तैयार किए जा रहे थे — यह तरीका अवैध हथियार निर्माताओं द्वारा अक्सर इस्तेमाल किया जाता है ताकि संदेह से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि बरामद सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है।

आगे की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध हथियार निर्माण गिरोह से और कौन-कौन से व्यक्ति जुड़े हैं तथा तैयार हथियारों की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और जल्द ही इस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ मुंगेर जैसे पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़कर अब छोटे जिलों में भी ऐसे नेटवर्क फैल रहे हैं। लेथ मशीन की आड़ में हथियार बनाने की तकनीक कोई नई नहीं है, लेकिन यह दर्शाती है कि निर्माता कानून प्रवर्तन की नज़र से बचने के लिए लगातार तरीके बदल रहे हैं। आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास और संभावित व्यापक नेटवर्क यह सवाल उठाता है कि निगरानी तंत्र में चूक कहाँ हुई। असली परीक्षा यह है कि पुलिस केवल एक गिरफ्तारी पर रुकती है या पूरी आपूर्ति श्रृंखला तक पहुँचती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कटिहार में अवैध गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
बरारी थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि सुजापुर चौक के निकट बांसभिट्टी के एक टीन मकान में हथियार बनाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 24 जुलाई को छापेमारी की और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन है और उसका आपराधिक इतिहास क्या है?
गिरफ्तार आरोपी मो. रजाउल अंसारी (23 वर्ष) कटिहार जिले के कजरा गांव का निवासी है। पूछताछ में पता चला है कि वह इससे पहले भी अवैध हथियार निर्माण के मामले में जेल जा चुका है और उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच की जा रही है।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने मौके से एक बड़ी दोनाली बंदूक, चार देसी कट्टे, तीन बैरल, तीन अर्द्धनिर्मित कट्टे, एक कट्टे की बॉडी, तीन ट्रिगर, दो खोखा, एक लोहे का फरमा, एक मोटर लेथ मशीन, एक मोबाइल फोन और हथियार निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण जब्त किए।
लेथ मशीन का अवैध हथियार निर्माण से क्या संबंध है?
SDPO सुनील कुमार शर्मा के अनुसार, लेथ मशीन की आड़ में हथियार तैयार किए जा रहे थे — यह एक सामान्य तरीका है जिसमें वैध औद्योगिक उपकरण की आड़ में अवैध हथियार बनाए जाते हैं ताकि पुलिस की नज़र से बचा जा सके।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और तैयार हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया है कि जल्द ही इस अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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