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मेगा डीएससी-2025 घोटाले की सीबीआई जांच से पहले लोकेश दें इस्तीफा: वाईएसआरसीपी का मांग

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मेगा डीएससी-2025 घोटाले की सीबीआई जांच से पहले लोकेश दें इस्तीफा: वाईएसआरसीपी का मांग

सारांश

वाईएसआरसीपी एमएलसी चंद्रशेखर रेड्डी ने मेगा डीएससी-2025 में प्रश्न-पत्र लीक, स्पोर्ट्स कोटा गड़बड़ी और नॉर्मलाइजेशन में हेरफेर के आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की माँग की है और कहा है कि शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को पहले इस्तीफा देना होगा।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी एमएलसी पर्वथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने 9 अगस्त को मेगा डीएससी-2025 की तत्काल सीबीआई जांच की माँग की।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से जांच से पहले इस्तीफे की माँग; पार्टी ने परीक्षा रद्द करने या नियुक्तियाँ हटाने की माँग से इनकार किया।
एससीईआरटी के आउटसोर्सिंग कर्मचारी 'पुरामा नवीन' का मामला घोटाले के केंद्र में; एक श्रेणी में प्रथम रैंक हासिल की।
मदनपल्ले , ओंगोल सहित कई जिलों से प्रश्न-पत्र वितरण के कथित साक्ष्य सामने आए।
स्पोर्ट्स कोटा प्रमाण-पत्रों से छेड़छाड़ और नॉर्मलाइजेशन में 6 अंक तक की वृद्धि के आरोप।
मुद्दा विधान परिषद के आगामी सत्र में उठाने की घोषणा।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के एमएलसी पर्वथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने 9 अगस्त को अमरावती स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में यह मांग रखी कि मेगा डीएससी-2025 कथित घोटाले की तत्काल सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा।

वाईएसआरसीपी की स्पष्ट माँग

चंद्रशेखर रेड्डी ने जोर देकर कहा कि वाईएसआरसीपी न तो डीएससी (डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमेटी) परीक्षा को रद्द करने की माँग कर रही है और न ही पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने की। पार्टी की एकमात्र माँग यह है कि कथित गड़बड़ियों की पारदर्शी जांच हो और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिले।

उन्होंने कहा, 'अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, तो सीबीआई जांच से सब कुछ साफ हो जाएगा। लोकेश को पहले इस्तीफा देना चाहिए और सच सामने आने देना चाहिए।'

मुख्य घटनाक्रम: 'पुरामा नवीन' का मामला

चंद्रशेखर रेड्डी ने बताया कि इस कथित घोटाले में 'पुरामा नवीन' का मामला केंद्रीय है। नवीन, एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद — प्रश्न-पत्र तैयार करने वाली संस्था) में आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे और उन्होंने एक श्रेणी में प्रथम तथा दूसरी श्रेणी में छठी रैंक हासिल की।

उन्होंने कहा कि अब उम्मीदवार ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत कर रहे हैं जिनसे संकेत मिलता है कि प्रश्न-पत्र छात्रों और कोचिंग सेंटरों में पहले से वितरित किए गए थे। मदनपल्ले, ओंगोल और अन्य जिलों से भी ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले व्यक्ति, कोचिंग सेंटर और शीर्ष रैंक वाले उम्मीदवारों के बीच कथित संबंध उजागर हो रहे हैं।

स्पोर्ट्स कोटा और अन्य अनियमितताएँ

एमएलसी ने स्पोर्ट्स कोटा भर्ती में कई कथित अनियमितताओं का विवरण दिया, जिनमें शामिल हैं:

परीक्षाओं से बचने के लिए सरकारी आदेशों का उपयोग; विशेष फेडरेशन और एसोसिएशन को अनुचित प्राथमिकता; नियुक्ति के लिए केवल भागीदारी प्रमाण-पत्रों का सहारा; सर्वोच्च उपलब्धि और बैकअप प्रमाण-पत्रों में विसंगतियाँ; अलग-अलग व्यक्तियों के प्रमाण-पत्रों को मिलाना; और बिना उचित हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों को मान्यता देना।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा इस मामले को उजागर किए जाने के बाद, सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किए गए स्पोर्ट्स कोटा प्रमाण-पत्रों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई।

टीईटी, आरक्षण और नॉर्मलाइजेशन में गड़बड़ी के आरोप

चंद्रशेखर रेड्डी ने टीईटी पात्रता, वर्टिकल एवं हॉरिजॉन्टल आरक्षण और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके अनुसार, कुछ सत्रों में अंकों में 6 तक की वृद्धि की गई, जबकि चयन का निर्धारण आधे अंक के अंतर पर भी निर्भर हो सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो उम्मीदवार इन अनियमितताओं पर सवाल उठाते थे, उन्हें मुकदमों में फँसाया जा रहा था — यहाँ तक कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाए गए गीतों के लिए भी।

आगे क्या होगा

चंद्रशेखर रेड्डी ने घोषणा की कि डीएससी में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा विधान परिषद के आगामी सत्र में पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं और प्रभावित उम्मीदवार न्याय की माँग को लेकर आंदोलनरत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे गंभीर प्रशासनिक प्रश्न खड़े करते हैं। प्रश्न-पत्र तैयार करने वाली संस्था के कर्मचारी का शीर्ष रैंक हासिल करना और कई जिलों से एक साथ साक्ष्य उभरना — ये संयोग की सीमा से परे लगते हैं। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में भर्ती घोटालों का इतिहास पुराना है, और हर बार जांच के बाद भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया कमज़ोर रही है। असली परीक्षा यह है कि क्या सत्तारूढ़ गठबंधन स्वतंत्र जांच की अनुमति देगा — या यह मुद्दा भी विधानसभा की बहसों में सिमटकर रह जाएगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेगा डीएससी-2025 घोटाला क्या है?
मेगा डीएससी-2025 आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमेटी परीक्षा है, जिसमें प्रश्न-पत्र लीक, स्पोर्ट्स कोटा में फर्जी प्रमाण-पत्र और नॉर्मलाइजेशन में हेरफेर के कथित आरोप लगे हैं। वाईएसआरसीपी सहित कई उम्मीदवार इसकी सीबीआई जांच की माँग कर रहे हैं।
वाईएसआरसीपी नारा लोकेश का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
वाईएसआरसीपी का तर्क है कि शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के पद पर रहते हुए सीबीआई जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती, क्योंकि वे उसी विभाग के प्रमुख हैं जिसके अंतर्गत डीएससी परीक्षा आयोजित हुई। पार्टी का कहना है कि पारदर्शिता के लिए पहले इस्तीफा जरूरी है।
'पुरामा नवीन' का मामला डीएससी घोटाले में क्यों महत्वपूर्ण है?
पुरामा नवीन एससीईआरटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे — वही संस्था जो डीएससी के प्रश्न-पत्र तैयार करती है। उन्होंने एक श्रेणी में प्रथम और दूसरी श्रेणी में छठी रैंक हासिल की, जिसे वाईएसआरसीपी ने संदिग्ध बताते हुए जांच की माँग की है।
डीएससी परीक्षा रद्द होगी या नियुक्तियाँ रद्द होंगी?
वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट किया है कि वह न तो परीक्षा रद्द करने की माँग कर रही है और न ही पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने की। पार्टी केवल कथित गड़बड़ियों की पूर्ण जांच और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिलाने की माँग कर रही है।
यह मुद्दा आगे कहाँ उठाया जाएगा?
वाईएसआरसीपी एमएलसी चंद्रशेखर रेड्डी ने घोषणा की है कि डीएससी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा आंध्र प्रदेश विधान परिषद के आगामी सत्र में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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