27 जुलाई 2026
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डीएससी भर्ती अनियमितताओं पर वाईएसआरसीपी का हमला, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग

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डीएससी भर्ती अनियमितताओं पर वाईएसआरसीपी का हमला, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग

सारांश

आंध्र प्रदेश में डीएससी भर्ती विवाद अब राजनीतिक संग्राम बन गया है। वाईएसआरसीपी ने डिजिटल साक्ष्य, फोन रिकॉर्डिंग और दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस्तीफे की मांग की है और 3.5 लाख अभ्यर्थियों के लिए सीबीआई जांच की आवाज़ उठाई है।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने 25 जुलाई को आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने डीएससी भर्ती में खेल कोटे के दुरुपयोग, हितों के टकराव और साक्ष्य दबाने के आरोप लगाए।
कथित अनियमितताओं से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज़ और फोन रिकॉर्डिंग सार्वजनिक किए जाने का दावा किया गया।
इस विवाद से लगभग 3.5 लाख डीएससी अभ्यर्थी प्रभावित बताए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने अब तक न स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं और न ही डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू कराई है।

आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा (डीएससी) में कथित अनियमितताओं को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 25 जुलाई को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से तत्काल इस्तीफे की मांग की और पूरे मामले की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया। इस विवाद से लगभग 3.5 लाख डीएससी अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित बताया जा रहा है।

मुख्य आरोप और मांगें

कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में खेल कोटे का दुरुपयोग, हितों का टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को दबाने की कोशिश की गई है। उनके अनुसार, कथित अनियमितताओं से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज़ और फोन रिकॉर्डिंग पहले ही सार्वजनिक किए जा चुके हैं।

येल्लाप्रगड़ा ने तर्क दिया कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने न तो किसी स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं और न ही डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू कराई है, जो उनके अनुसार सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

नारा लोकेश पर नैतिक जिम्मेदारी का दबाव

वाईएसआरसीपी नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का हवाला देते हुए कहा कि यदि परीक्षा विवाद के बाद केंद्र में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की जा सकती है, तो नारा लोकेश को भी डीएससी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े गंभीर आरोपों की जवाबदेही लेनी चाहिए। यह तुलना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि नारा लोकेश मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के पुत्र हैं और सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

अभ्यर्थियों पर असर

येल्लाप्रगड़ा ने कहा कि करीब 3.5 लाख डीएससी अभ्यर्थियों ने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद इस परीक्षा में हिस्सा लिया है। उन्होंने जोर दिया कि इन अभ्यर्थियों को 'चुप्पी नहीं, न्याय' मिलना चाहिए। गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के मामले देश के कई राज्यों में विवाद का केंद्र बनते रहे हैं, और आंध्र प्रदेश में यह मुद्दा विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

फिलहाल राज्य सरकार या शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की ओर से वाईएसआरसीपी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार ने न तो स्वतंत्र जांच के संकेत दिए हैं और न ही डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट की घोषणा की है।

आगे क्या होगा

वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर दबाव जारी रखेगी और जब तक सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक आंदोलन तेज किया जाएगा। यह मामला आंध्र प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है, खासकर तब जब अभ्यर्थियों का एक बड़ा वर्ग सड़क पर उतरने की तैयारी में बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सरकार ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच क्यों नहीं शुरू की — यह चुप्पी विपक्ष के आरोपों को और धार देती है। 3.5 लाख अभ्यर्थियों का मुद्दा राजनीतिक से ज़्यादा सामाजिक न्याय का है, और इसे केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रखना दोनों पक्षों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएससी भर्ती विवाद क्या है और इसमें क्या आरोप लगाए गए हैं?
आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा (डीएससी) में कथित तौर पर खेल कोटे का दुरुपयोग, हितों का टकराव और साक्ष्य दबाने के आरोप लगाए गए हैं। वाईएसआरसीपी का दावा है कि इससे जुड़े डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज़ और फोन रिकॉर्डिंग पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी हैं।
वाईएसआरसीपी ने नारा लोकेश से इस्तीफे की मांग क्यों की?
वाईएसआरसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगड़ा ने तर्क दिया कि जिस तरह केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परीक्षा विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया, उसी तर्ज पर नारा लोकेश को भी डीएससी भर्ती में गंभीर आरोपों की जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
इस विवाद से कितने अभ्यर्थी प्रभावित हैं?
वाईएसआरसीपी के अनुसार, लगभग 3.5 लाख डीएससी अभ्यर्थी इस विवाद से सीधे प्रभावित हैं, जिन्होंने वर्षों तक इस परीक्षा की तैयारी की है। पार्टी ने कहा कि इन अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए।
क्या राज्य सरकार ने डीएससी भर्ती में जांच के आदेश दिए हैं?
अब तक राज्य सरकार ने न तो किसी स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं और न ही डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू कराई है। सरकार की ओर से वाईएसआरसीपी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
वाईएसआरसीपी आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक वह इस मुद्दे पर दबाव जारी रखेगी और आंदोलन तेज करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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