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अहमदाबाद डिवीजन में 'कवच' 4.0 की तैनाती: भारतीय रेलवे ने ₹140 करोड़ की सुरक्षा परियोजना को दी मंजूरी

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अहमदाबाद डिवीजन में 'कवच' 4.0 की तैनाती: भारतीय रेलवे ने ₹140 करोड़ की सुरक्षा परियोजना को दी मंजूरी

सारांश

भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद डिवीजन के 598 किमी मार्ग पर ₹140 करोड़ की लागत से 'कवच' 4.0 को मंजूरी दी — पहले से स्वीकृत 702 किमी के साथ मिलकर अब पूरा डिवीजन स्वदेशी ATP सुरक्षा कवच के दायरे में आएगा। यह ₹27,693 करोड़ के राष्ट्रव्यापी रेल सुरक्षा कार्यक्रम का हिस्सा है।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद डिवीजन के 48 ब्लॉक खंडों में 598 किलोमीटर मार्ग पर 'कवच' संस्करण 4.0 की स्थापना को ₹140 करोड़ में मंजूरी दी।
पहले से स्वीकृत 702 किमी के साथ मिलकर अब पूरे अहमदाबाद डिवीजन में कवच की व्यापक तैनाती का मार्ग प्रशस्त होगा।
'कवच' स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है जो SPAD रोकता है, स्वतः ब्रेक लगाता है और टक्कर का जोखिम कम करता है।
दक्षिणी रेलवे के 232 लोकोमोटिव पर ₹208.81 करोड़ की लागत से ऑन-बोर्ड कवच उपकरण लगाने की भी हाल ही में मंजूरी मिली।
उत्तर मध्य रेलवे के लिए ₹176.77 करोड़ की ऑप्टिक फाइबर केबल परियोजना भी स्वीकृत; राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की कुल लागत ₹27,693 करोड़ ।

भारतीय रेलवे ने 15 जून 2026 को वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन के 48 ब्लॉक खंडों में फैले 598 किलोमीटर के मार्ग पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' संस्करण 4.0 की स्थापना को मंजूरी दी है। यह परियोजना ₹140 करोड़ की लागत से स्वीकृत की गई है और गुजरात में रेल सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

गौरतलब है कि अहमदाबाद डिवीजन के 702 किलोमीटर के मार्ग पर 'कवच' प्रणाली के लिए पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी। नई परियोजना के साथ डिवीजन के शेष खंडों को भी इस सुरक्षा कवच के दायरे में लाया जाएगा, जिससे पूरे अहमदाबाद डिवीजन में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की व्यापक तैनाती का मार्ग प्रशस्त होगा।

यह स्वीकृति भारतीय रेलवे के शेष मार्गों पर दीर्घकालिक विकास (LTE) आधारित संचार बैकबोन के साथ 'कवच' उपलब्ध कराने के व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत दी गई है।

'कवच' प्रणाली क्या करती है

'कवच' भारत में स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है, जिसे परिचालन सुरक्षा को बहुस्तरीय तरीके से सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली खतरे के सिग्नल पार करने (SPAD) को रोकती है, असुरक्षित परिस्थितियों में स्वतः ब्रेक लगाती है, गंभीर स्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करती है और टक्करों के जोखिम को काफी हद तक कम करती है।

राष्ट्रव्यापी विस्तार का हिस्सा

अहमदाबाद परियोजना उस व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹27,693 करोड़ है। इसी कार्यक्रम के तहत हाल ही में दक्षिणी रेलवे के 232 लोकोमोटिव पर ₹208.81 करोड़ की लागत से ऑन-बोर्ड 'कवच' उपकरण लगाने का प्रावधान किया गया है। दक्षिणी रेलवे के लिए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत ₹2,950 करोड़ का उप-आवंटन निर्धारित है।

इसी क्रम में, उत्तर मध्य रेलवे पर 'कवच' के कार्यान्वयन में सहयोग और उच्च घनत्व वाले मार्गों पर संचार अवसंरचना को मजबूत करने के लिए ₹176.77 करोड़ की लागत से ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाने की भी मंजूरी दी गई है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में ट्रेन दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को लेकर यात्री सुरक्षा पर सार्वजनिक चिंता बनी हुई है। 'कवच' की व्यापक तैनाती से लाखों दैनिक रेल यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, विशेषकर उन घनी आबादी वाले मार्गों पर जहाँ ट्रेनों की आवाजाही सर्वाधिक होती है।

क्या होगा आगे

भारतीय रेलवे अपने पूरे नेटवर्क में 'कवच' के चरणबद्ध विस्तार पर काम कर रहा है। अहमदाबाद डिवीजन के सभी खंडों के कवर होने के बाद यह देश के उन पहले पूर्ण-कवच डिवीजनों में शामिल हो जाएगा, जो स्वदेशी ATP प्रणाली से पूरी तरह सुरक्षित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक साथ नहीं। ₹27,693 करोड़ के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की घोषणा के बावजूद, ज़मीनी तैनाती की रफ्तार और वास्तविक चालू मार्गों की संख्या अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हर बड़ी रेल दुर्घटना के बाद 'कवच' की अनुपस्थिति सवालों के घेरे में आती है। असली कसौटी यह होगी कि स्वीकृतियाँ कितनी तेज़ी से धरातल पर दिखती हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद डिवीजन में 'कवच' परियोजना क्या है?
भारतीय रेलवे ने वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन के 48 ब्लॉक खंडों में 598 किलोमीटर मार्ग पर 'कवच' संस्करण 4.0 की स्थापना को ₹140 करोड़ की लागत से मंजूरी दी है। यह डिवीजन में पहले से स्वीकृत 702 किमी के अतिरिक्त है, जिससे पूरे डिवीजन में स्वदेशी ATP प्रणाली की तैनाती पूरी होगी।
'कवच' प्रणाली कैसे काम करती है?
'कवच' एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है जो खतरे के सिग्नल पार होने (SPAD) को रोकता है और असुरक्षित स्थितियों में स्वतः ब्रेक लगाता है। यह गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित कर टक्करों का जोखिम काफी हद तक कम करता है।
भारतीय रेलवे का राष्ट्रव्यापी 'कवच' कार्यक्रम कितने बड़े पैमाने पर है?
भारतीय रेलवे के शेष मार्गों पर LTE संचार बैकबोन के साथ 'कवच' लगाने के लिए कुल ₹27,693 करोड़ का व्यापक कार्यक्रम स्वीकृत है। इसमें दक्षिणी रेलवे के लिए ₹2,950 करोड़ और उत्तर मध्य रेलवे के लिए ऑप्टिक फाइबर केबल हेतु ₹176.77 करोड़ शामिल हैं।
दक्षिणी रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के लिए हाल में क्या मंजूरी मिली है?
दक्षिणी रेलवे के 232 लोकोमोटिव पर ₹208.81 करोड़ की लागत से ऑन-बोर्ड 'कवच' संस्करण 4.0 उपकरण लगाने की स्वीकृति मिली है। उत्तर मध्य रेलवे पर 'कवच' कार्यान्वयन में सहयोग के लिए ₹176.77 करोड़ की ऑप्टिक फाइबर केबल परियोजना भी मंजूर की गई है।
अहमदाबाद डिवीजन में 'कवच' की तैनाती से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
पूरे अहमदाबाद डिवीजन में 'कवच' की तैनाती से ट्रेन टक्कर और सिग्नल उल्लंघन की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इससे लाखों दैनिक रेल यात्रियों को सीधा सुरक्षा लाभ मिलेगा और यह डिवीजन देश के पहले पूर्ण-कवच डिवीजनों में शामिल हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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