ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 रूट किलोमीटर पर 'कवच' सिस्टम को मंजूरी, ₹270 करोड़ होंगे खर्च
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्रालय ने 22 जून 2026 को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने ईस्ट कोस्ट रेलवे नेटवर्क के 631 रूट किलोमीटर (आरकेएम) मार्ग पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली 'कवच' की तैनाती को स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना पर ₹270 करोड़ की लागत आने का अनुमान है और यह भारतीय रेलवे के राष्ट्रव्यापी सुरक्षा आधुनिकीकरण अभियान का अहम हिस्सा है।
कौन-से रेल सेक्शन होंगे शामिल
स्वीकृत परियोजना ईस्ट कोस्ट रेलवे के छह महत्वपूर्ण रेल सेक्शन्स को कवर करेगी। इनमें बाघुआपाल-बुढ़ापंक, हरिदासपुर-पारादीप, खुर्दा रोड-बलांगीर, नौपाड़ा-गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़ और बोब्बिली-सलूर रेल सेक्शन शामिल हैं। ये सभी मार्ग ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में यात्री एवं मालगाड़ी यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
'कवच' प्रणाली क्या है और कैसे काम करती है
'कवच' भारत में स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे सिग्नल उल्लंघन (SPAD), अत्यधिक गति और ट्रेनों के आमने-सामने टकराव जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तैयार किया गया है। यह प्रणाली LTE-आधारित संचार नेटवर्क के ज़रिए ट्रेनों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखती है और खतरे की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगा देती है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 'कवच' घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने में सक्षम है — जो उत्तर और पूर्वी भारत के रेल नेटवर्क के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।
परियोजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह स्वीकृति भारतीय रेलवे के उस बृहद कार्यक्रम का हिस्सा है जिसके तहत पूरे रेल नेटवर्क पर 'कवच' को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आई है जब रेल दुर्घटनाओं को लेकर जनता और संसद दोनों स्तरों पर सुरक्षा सुधार की माँग तेज़ हो रही है।
इसी महीने की शुरुआत में सरकार ने पूर्वी रेलवे के हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) और हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (HUN) मार्गों पर स्थित 32 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली लगाने के लिए ₹405 करोड़ की मंजूरी दी थी। दोनों स्वीकृतियाँ मिलकर यह संकेत देती हैं कि केंद्र सिग्नलिंग और सुरक्षा अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है।
यात्रियों और परिचालन पर असर
रेल अधिकारियों के अनुसार, इन छह सेक्शन्स पर 'कवच' लागू होने से ओडिशा और ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधीन आने वाले क्षेत्रों में यात्री एवं मालगाड़ी दोनों सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। प्रणाली के सक्रिय होने से न केवल टक्कर-रोधी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि ट्रेनों की समयपालन क्षमता और परिचालन दक्षता में भी सुधार अपेक्षित है।
आने वाले महीनों में परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और निविदा प्रक्रिया पर रेल मंत्रालय की ओर से विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।