नगांव लोकसभा उपचुनाव: 19.05 लाख में से 76% मतदान, भाजपा-कांग्रेस-एआईयूडीएफ में त्रिकोणीय टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
असम की नगांव लोकसभा सीट पर सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को हुए उपचुनाव में 19.05 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम 5 बजे मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और 9 अक्टूबर को मतगणना में सभी 15 उम्मीदवारों का भाग्य तय होगा। मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के बीच है।
मुख्य घटनाक्रम
नगांव संसदीय क्षेत्र में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम तक आठों विधानसभा खंडों में लगभग सुचारू रूप से चला। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अंतिम मतदान प्रतिशत और बढ़ सकता है, क्योंकि तय समय से पहले पोलिंग स्टेशन पहुँचे मतदाताओं को भी वोट डालने दिया गया।
मैदान में 15 उम्मीदवार हैं, जिनमें प्रमुख दावेदार हैं — भाजपा के देवाशीष शर्मा, कांग्रेस के सिबामनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल। तीनों पार्टियों की सक्रिय उपस्थिति के बावजूद मतदाताओं में उत्साह स्पष्ट दिखा।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव कांग्रेस के तत्कालीन लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई के 20 मार्च 2026 को इस्तीफे के बाद आवश्यक हुआ। बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की, जिससे नगांव लोकसभा सीट रिक्त हो गई।
गौरतलब है कि 2019 में बोरदोलोई ने भाजपा के रूपक शर्मा को बेहद कम अंतर से हराया था और 2024 में पुनः भाजपा के सुरेश बोराह को हराकर कांग्रेस ने इस सीट पर पकड़ मजबूत की थी। यानी 2019 से इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब असम में भाजपा अपनी राज्यव्यापी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, और एआईयूडीएफ अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट करने की कोशिश में है। इस त्रिकोणीय मुकाबले में मतविभाजन किसका फायदा और किसका नुकसान करेगा, यह नतीजों से स्पष्ट होगा।
विपक्ष के आरोप और प्रशासन का रुख
कांग्रेस नेता और धुबरी के लोकसभा सदस्य रकीबुल हुसैन ने दिन में आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों में अज्ञात व्यक्ति घुसे और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने सीधे भाजपा पर इसका आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि पूरे निर्वाचन क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और मतदान प्रक्रिया समग्र रूप से शांतिपूर्ण रही।
आम जनता और राजनीतिक महत्व
नगांव असम के सबसे महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्रों में से एक है। 76 प्रतिशत मतदान यह संकेत देता है कि मतदाताओं ने इस उपचुनाव को गंभीरता से लिया, जो अक्सर उपचुनावों में कम दिखता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस के लिए यह सीट अपने पास बनाए रखना साख का सवाल है — खासकर तब जब उनके ही पूर्व सांसद ने पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं एआईयूडीएफ की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण इस सीट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्या होगा आगे
मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। नतीजे न केवल नगांव की राजनीतिक दिशा बताएंगे, बल्कि असम में तीनों प्रमुख दलों की ताकत का भी वास्तविक आकलन देंगे। यह उपचुनाव आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेतक माना जा रहा है।