नगांव लोकसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को जीत का पूरा भरोसा, 6 अक्टूबर को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जैसे-जैसे प्रचार अभियान तेज हो रहा है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने अपनी जीत को लेकर पूरा आत्मविश्वास जताया है। शर्मा ने कहा कि उन्हें अल्पसंख्यक बहुल इलाकों समेत पूरे निर्वाचन क्षेत्र से व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है। मतदान 6 अक्टूबर को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।
मुख्य घटनाक्रम
देवाशीष शर्मा ने कहा कि भाजपा इस चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्हें पार्टी की विजय पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अन्य दलों के उम्मीदवारों को भी शुभकामनाएँ दीं। शर्मा ने नगांव की जनता, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने चुनावी तैयारियों में उनका साथ दिया।
शर्मा ने मतदाताओं से भावनात्मक मुद्दों के बजाय विकास और दीर्घकालिक जनकल्याण को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा, 'भविष्य को ध्यान में रखते हुए लोगों को विकास के आधार पर फैसला करना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लोग भी विकास चाहते हैं। भाजपा सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है।'
सीट का राजनीतिक महत्व
गौरतलब है कि नगांव लोकसभा सीट पर 2019 और 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। यह सीट इसलिए रिक्त हुई क्योंकि कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। भाजपा के लिए इस सीट पर जीत केवल एक उपचुनावी सफलता नहीं होगी — यह उन क्षेत्रों में पार्टी के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक भी मानी जाएगी जहाँ परंपरागत रूप से कांग्रेस का दबदबा रहा है।
प्रतिद्वंद्विता और अन्य दावेदार
शर्मा का यह दावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के दावे से अलग है — अजमल ने भी इसी सीट पर अपनी जीत का भरोसा जताया है। इस उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस, AIUDF और अन्य दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम की राजनीति में अल्पसंख्यक मतदाताओं का रुझान एक निर्णायक कारक बनता जा रहा है।
भाजपा की रणनीति
भाजपा की ओर से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पहुँच बढ़ाने और विकास को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति को इस चुनाव में अहम माना जा रहा है। केंद्र और असम दोनों में भाजपा सरकारों का हवाला देते हुए शर्मा ने तर्क दिया कि पार्टी की दोहरी उपस्थिति क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने में सहायक रही है।
आगे क्या
6 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना के साथ, नगांव उपचुनाव का परिणाम असम की राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगा। इस सीट पर सभी प्रमुख दलों की निगाहें टिकी हुई हैं और परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।