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नगांव लोकसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को अल्पसंख्यक क्षेत्रों से भी जीत का भरोसा

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नगांव लोकसभा उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को अल्पसंख्यक क्षेत्रों से भी जीत का भरोसा

सारांश

नगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा अल्पसंख्यक क्षेत्रों में विकास के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं — वह सीट जो 2019 और 2024 में कांग्रेस के पास थी। 6 अक्टूबर को मतदान होगा।

मुख्य बातें

भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में जीत का पूरा भरोसा जताया है, अल्पसंख्यक क्षेत्रों से भी समर्थन मिलने का दावा किया।
मतदान 6 अक्टूबर 2026 और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी इसी सीट पर जीत का दावा किया है।
यह सीट 2019 और 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस ने जीती थी; कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से सीट रिक्त हुई।
भाजपा की रणनीति अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में विकास को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने पर केंद्रित है।

असम की नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने जीत को लेकर पूरा आत्मविश्वास जताया है और कहा है कि उन्हें अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र से व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है। 9 अक्टूबर को मतगणना होनी है।

भाजपा की रणनीति और देवाशीष शर्मा का दावा

देवाशीष शर्मा ने कहा कि भाजपा चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और पार्टी की जीत को लेकर उन्हें कोई संशय नहीं है। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को भी शुभकामनाएँ दीं।

शर्मा ने अपने समर्थन के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, मंत्रियों, विधायकों और नगांव की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं को भावनात्मक मुद्दों के बजाय विकास और दीर्घकालिक जनकल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

शर्मा के अनुसार, 'अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लोग भी विकास चाहते हैं और भाजपा सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है। पार्टी को अल्पसंख्यक मतदाताओं का भी अच्छा समर्थन मिलेगा।'

मुख्य प्रतिद्वंद्वी और राजनीतिक समीकरण

नगांव उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और अन्य दल अपने-अपने वोट बैंक को मज़बूत करने में जुटे हैं। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी इस सीट पर जीत का दावा किया है — यानी दोनों प्रमुख दावेदार एक ही निर्वाचन क्षेत्र में अपनी-अपनी जीत को तय मान रहे हैं।

गौरतलब है कि 2019 और 2024 के आम चुनावों में यह सीट कांग्रेस के पास रही थी। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होकर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के कारण यह सीट रिक्त हुई थी।

सीट का ऐतिहासिक महत्व

नगांव लोकसभा सीट परंपरागत रूप से कांग्रेस के गढ़ के रूप में देखी जाती है। लगातार दो आम चुनावों में जीत के बाद अब यह सीट उपचुनाव में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब असम में भाजपा अपनी पकड़ को और मज़बूत करने की कोशिश में है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भी पहुँच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

भाजपा की रणनीति अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विकास को केंद्रीय चुनावी मुद्दा बनाने पर टिकी है — यदि यह सफल होती है, तो यह असम की राजनीतिक बनावट में एक उल्लेखनीय बदलाव का संकेत देगी। नतीजे 9 अक्टूबर 2026 को सामने आएंगे और राज्य के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की 'विकास-पहले' छवि का विस्तार है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अल्पसंख्यक मतदाता भावनात्मक एकजुटता से हटकर सत्तारूढ़ दल की ओर झुकेंगे — या AIUDF और कांग्रेस वोट-विभाजन को रोकने में सफल रहेंगे। 9 अक्टूबर का परिणाम 2026 के बाद की असम राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नगांव लोकसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
नगांव सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई, जो भाजपा में शामिल होकर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। इससे लोकसभा की यह सीट खाली हो गई और उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
नगांव उपचुनाव में मतदान और मतगणना कब होगी?
नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।
भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा की क्या रणनीति है?
देवाशीष शर्मा भावनात्मक मुद्दों से हटकर विकास और जनकल्याण को केंद्रीय चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भी समर्थन मिलने का दावा किया है और कहा है कि भाजपा सरकार सभी वर्गों की आकांक्षाएँ पूरी कर सकती है।
नगांव सीट पर मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
नगांव उपचुनाव में भाजपा (देवाशीष शर्मा), कांग्रेस और AIUDF (बदरुद्दीन अजमल की पार्टी) प्रमुख दावेदार हैं। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी इस सीट पर जीत का दावा किया है।
नगांव सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
नगांव लोकसभा सीट पर 2019 और 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। यह सीट परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है, इसलिए भाजपा के लिए इसे जीतना राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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