16 अक्टूबर 2026
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नगांव उपचुनाव में धांधली का आरोप: एआईयूडीएफ बोली — असली विजेता अजमल थे, भाजपा ने 1 2 लाख फर्जी वोट डलवाए

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नगांव उपचुनाव में धांधली का आरोप: एआईयूडीएफ बोली — असली विजेता अजमल थे, भाजपा ने 1 2 लाख फर्जी वोट डलवाए

सारांश

नगांव उपचुनाव में भाजपा की निर्णायक जीत के बाद एआईयूडीएफ ने धांधली का आरोप लगाया है। पार्टी नेता अमीनुल इस्लाम का दावा है कि 1 2 लाख फर्जी वोट डाले गए। लेकिन 1.42 लाख वोटों के अंतर और पुष्टि के अभाव में ये आरोप अभी राजनीतिक बयानबाजी से आगे नहीं जाते।

मुख्य बातें

एआईयूडीएफ नेता अमीनुल इस्लाम ने 16 अक्टूबर 2026 को नगांव लोकसभा उपचुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया।
इस्लाम का दावा — राज्य से बाहर रहने वाले मुसलमानों के 1 से 2 लाख वोट कथित तौर पर फर्जी तरीके से डाले गए।
6 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में देबाशीष शर्मा (भाजपा) ने बदरुद्दीन अजमल (एआईयूडीएफ) को 1,42,224 वोटों से हराया था।
शर्मा को 7,14,349 और अजमल को 5,72,125 वोट मिले; कांग्रेस की सिबमोनी बोरा तीसरे स्थान पर रहीं।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई; समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के नेता अमीनुल इस्लाम ने 16 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में वोटों में व्यापक हेरफेर की और अपने उम्मीदवार देबाशीष शर्मा की जीत जबरदस्ती सुनिश्चित की। इस्लाम ने दावा किया कि मतदाताओं की वास्तविक पसंद एआईयूडीएफ प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल थे, जिन्हें कथित धांधली के चलते हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें समर्थन देने वाले किसी साक्ष्य का सार्वजनिक उल्लेख नहीं किया गया है।

आरोपों का विवरण

अमीनुल इस्लाम ने समागुरी में आयोजित एक धन्यवाद रैली के दौरान ये आरोप लगाए, जहाँ एआईयूडीएफ नेताओं ने मतदाताओं का समर्थन देने के लिए आभार जताया। उनका दावा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय एजेंटों के साथ मिलकर फर्जी मतदान कराया। उन्होंने आगे कहा कि एक ही मतदान केंद्र पर 16 से 20 एजेंट तैनात किए गए और असम से बाहर काम कर रहे लोगों के नाम पर मतपत्र डाले गए।

इस्लाम ने विशेष रूप से यह भी आरोप लगाया कि राज्य के बाहर रह रहे मुसलमानों के एक से दो लाख वोट कथित तौर पर फर्जी तरीके से भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए। उन्होंने कहा, "लोगों ने मौलाना बदरुद्दीन अजमल को अपना सांसद चुना था, लेकिन भाजपा ने जबरदस्ती देवाशीष शर्मा की जीत सुनिश्चित कर दी।"

उपचुनाव के नतीजे

6 अक्टूबर को हुए नगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबाशीष शर्मा ने 7,14,349 वोट हासिल करते हुए एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 1,42,224 वोटों के बड़े अंतर से हराया। अजमल को 5,72,125 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार सिबमोनी बोरा 1,29,492 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। यह उपचुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नगांव सीट पर एआईयूडीएफ और भाजपा के बीच लंबे समय से सियासी संघर्ष चला आ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ भी शुरू हो चुकी हैं और दोनों दल जमीनी स्तर पर अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुटे हैं। एआईयूडीएफ का यह आरोप एक ऐसे चुनाव परिणाम को लेकर है जिसमें भाजपा को 1.42 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त मिली थी।

आरोपों की विश्वसनीयता

उल्लेखनीय है कि अमीनुल इस्लाम ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न तो चुनाव आयोग की ओर से कोई जाँच की घोषणा हुई है और न ही इन दावों के समर्थन में कोई औपचारिक साक्ष्य सार्वजनिक किया गया है। यह आरोप विपक्षी दल की ओर से हार को चुनौती देने की राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखे जा रहे हैं।

आगे क्या होगा

एआईयूडीएफ द्वारा इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि पार्टी औपचारिक शिकायत दर्ज कराती है, तो असम की राजनीति में यह एक नया विवादास्पद अध्याय बन सकता है। फिलहाल, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

42,224 वोटों के बड़े अंतर को 'धांधली' से पलटने का दावा गंभीर साक्ष्य की माँग करता है, जो अभी तक सामने नहीं आया। एआईयूडीएफ का यह बयान समागुरी की एक रैली में आया — औपचारिक चुनाव याचिका या चुनाव आयोग की शिकायत के रूप में नहीं — जो इसे कानूनी कार्रवाई से अधिक राजनीतिक संदेश की श्रेणी में रखता है। यह ऐसे दलों का परिचित पैटर्न है जो बड़ी हार के बाद आधार को एकजुट रखने के लिए 'चुराई गई जीत' की कथा बुनते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि एआईयूडीएफ इन आरोपों को अदालत या चुनाव आयोग के सामने सिद्ध करने योग्य दावों में बदलती है या नहीं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नगांव लोकसभा उपचुनाव में धांधली के क्या आरोप लगाए गए हैं?
एआईयूडीएफ नेता अमीनुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक ही मतदान केंद्र पर 16 20 एजेंट तैनात किए और असम से बाहर रह रहे लोगों के नाम पर फर्जी वोट डाले गए। उन्होंने दावा किया कि इस तरह 1 से 2 लाख फर्जी वोट भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नगांव उपचुनाव 2026 का परिणाम क्या रहा?
6 अक्टूबर 2026 को हुए नगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के देबाशीष शर्मा ने 7,14,349 वोट पाकर एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल को 1,42,224 वोटों के अंतर से हराया। अजमल को 5,72,125 और कांग्रेस की सिबमोनी बोरा को 1,29,492 वोट मिले।
नगांव में उपचुनाव की नौबत क्यों आई?
नगांव में उपचुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। उनके जाने से यह सीट रिक्त हो गई और चुनाव आयोग को उपचुनाव की अधिसूचना जारी करनी पड़ी।
क्या एआईयूडीएफ के धांधली के आरोप साबित हुए हैं?
नहीं, अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। न तो चुनाव आयोग ने कोई जाँच घोषित की है और न ही एआईयूडीएफ ने कोई औपचारिक साक्ष्य सार्वजनिक किया है। ये बयान समागुरी में एक रैली के दौरान दिए गए।
अमीनुल इस्लाम कौन हैं और उनका यह बयान कहाँ आया?
अमीनुल इस्लाम ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने यह आरोप असम के समागुरी में आयोजित एक धन्यवाद रैली के दौरान लगाए, जहाँ पार्टी नेताओं ने उपचुनाव में समर्थन देने वाले मतदाताओं का आभार जताया।
राष्ट्र प्रेस
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