नगांव उपचुनाव: भाजपा के देवाशीष शर्मा 68,726 वोटों की बढ़त पर, अजमल दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
असम की नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को जारी है, जहाँ सुबह 11 बजे तक के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 68,726 वोटों की बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार दूसरे स्थान पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की उम्मीदवार सिबामोनी बोरा तीसरे पायदान पर हैं।
मतगणना के ताज़ा आंकड़े
चुनाव आयोग द्वारा जारी सुबह 11 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को 1,42,571 वोट मिले हैं। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल 73,845 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कांग्रेस की सिबामोनी बोरा को अब तक 22,711 वोट मिले हैं।
शर्मा की अजमल पर बढ़त 68,726 वोट की है, और बोरा से उनकी दूरी 1,19,860 वोट तक पहुँच गई है। गौरतलब है कि ये आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं और मतगणना पूरी होने के बाद स्थिति बदल भी सकती है।
मतगणना की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था
नगांव जिले के दो केंद्रों — डॉसन हायर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट बॉयज स्कूल — में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना हो रही है। प्रत्येक केंद्र पर गिनती के लिए 14-14 टेबल लगाए गए हैं।
मतगणना सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट की गिनती से शुरू हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में दर्ज मतों की गणना आरंभ की गई। चुनाव अधिकारी दोनों केंद्रों पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव नगांव संसदीय क्षेत्र में रिक्ति के कारण आवश्यक हुआ। कांग्रेस के प्रद्युत बोरदोलोई के इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हुई थी।
यह सीट पिछले दो आम चुनावों — 2019 और 2024 — में कांग्रेस ने जीती थी। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल इस सीट से पहले सांसद रह चुके हैं, जिससे यह मुकाबला तीन प्रमुख दलों के बीच त्रिकोणीय हो गया।
राजनीतिक महत्व
असम की राजनीति में नगांव सीट का विशेष महत्व है क्योंकि यहाँ भाजपा, कांग्रेस और AIUDF तीनों की परीक्षा एक साथ हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में भाजपा सरकार अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस और AIUDF अपनी खोई ज़मीन वापस पाने में जुटे हैं।
आलोचकों का कहना है कि बोरदोलोई के दलबदल के बाद कांग्रेस इस सीट पर पहले से कमज़ोर स्थिति में थी। अंतिम परिणाम मतगणना पूरी होने और चुनाव अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।