नगांव उपचुनाव में भाजपा की जीत राहुल गांधी की राजनीति की हार: हिमंता बिस्वा सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 9 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की निर्णायक जीत को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए 'करारी हार' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ऐसी राजनीति करते हैं जो देश की सांस्कृतिक पहचान को कमज़ोर करती है।
मुख्य चुनावी नतीजे
भारत के चुनाव आयोग (ECI) के आँकड़ों के अनुसार, BJP के उम्मीदवार देबाशीष शर्मा ने 7,11,912 वोट हासिल कर 1,40,257 मतों के बड़े अंतर से यह सीट जीती। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के उम्मीदवार बदरुद्दीन अजमल 5,71,637 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की उम्मीदवार सिबामनी बोरा मात्र 1,29,136 वोट पाकर तीसरे पायदान पर रहीं।
गौरतलब है कि यह वही सीट है जिसे कांग्रेस ने 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार दो बार जीता था। इस उपचुनाव में BJP ने वह सीट वापस छीनकर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संदेश दिया है।
सरमा का कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'यह राहुल गांधी की करारी हार है। यह उनकी राजनीति की करारी हार है। विपक्ष के नेता को ऐसा ड्रामा या राजनीति नहीं करनी चाहिए जिससे देश, उसकी संस्कृति और देश कमज़ोर हो।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांधी कथित तौर पर ऐसी ताकतों के साथ खड़े हैं जो भारत की तरक्की की विरोधी हैं।
सरमा ने कहा, 'भारत आपसे ऊपर है, देश आपसे ऊपर है। आप देश से ऊपर नहीं हैं। राहुल गांधी के लिए इस चुनाव का यही संदेश है।' उनका तर्क था कि असम की जनता ने अपने जनादेश के ज़रिए एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया है।
BJP का वोट प्रतिशत और विस्तारित समर्थन
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि BJP को इस चुनाव में लगभग 50 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर समर्थन जुटाया, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ वर्ग भी शामिल बताए जाते हैं। हालाँकि, इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
सरमा के अनुसार, इस जीत से असम में BJP के विकास एजेंडे के प्रति जनता का समर्थन स्पष्ट होता है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।
राजनीतिक महत्व और आगे की दिशा
नगांव लोकसभा सीट असम की राजनीति में रणनीतिक रूप से अहम मानी जाती है। लगातार दो आम चुनावों में इस पर कांग्रेस का कब्जा रहने के बाद BJP की यहाँ वापसी को पार्टी एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में पेश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि उपचुनाव के नतीजों को राष्ट्रीय राजनीतिक रुझान का पैमाना नहीं बनाया जा सकता, लेकिन BJP नेतृत्व इसे विपक्ष की कमज़ोरी के प्रमाण के रूप में देख रहा है।
कांग्रेस की ओर से इस नतीजे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष असम में अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है।