गुजरात एटीएस ने पालनपुर से दबोचा जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा फरार आरोपी सुखविंदर सिंह
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने 22 अगस्त 2026 को पालनपुर के एक होटल में छापेमारी कर पंजाब के बटाला में दर्ज फायरिंग मामले के फरार आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी को गिरफ्तार किया। आरोपी कथित तौर पर कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से संबद्ध बताया जा रहा है और लंबे समय से कई राज्यों में छिपता फिर रहा था।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
गुजरात एटीएस के पुलिस अधीक्षक के. सिद्धार्थ को खुफिया सूचना मिली कि पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव लोह छाप निवासी सुखविंदर सिंह गुजरात के पालनपुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। वह बटाला जिले के सेखवां थाने में दर्ज एफआईआर में वांछित था। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 324(4) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज है।
विशेष टीम और छापेमारी
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस हर्ष उपाध्याय, पुलिस इंस्पेक्टर डी.बी. प्रजापति, पुलिस वायरलेस इंस्पेक्टर एम.पी. झाला और पुलिस सब-इंस्पेक्टर एम.एम. गढ़वी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। 22 अगस्त की शाम पालनपुर स्थित होटल सुंधा में छापेमारी की गई, जहाँ से सुखविंदर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अहमदाबाद स्थित गुजरात एटीएस कार्यालय लाया गया।
वारदात का खुलासा और भागने का रास्ता
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 20 जुलाई को अपने साथियों साहिबदीप सिंह, गगनदीप सिंह और विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के साथ शिकायतकर्ता महकदीप सिंह के शेलर (अनाज मिल) के पास हुई फायरिंग की घटना में शामिल था। वारदात के बाद वह कादियां तहसील के गांव ठिकरीवाल में अपनी बुआ हरमीत कौर के घर गया और अपनी लाइसेंसी .30-06 राइफल चचेरे भाई मनजोत सिंह को सौंप दी।
इसके बाद सुखविंदर ने खरड़ के एक होटल में शरण ली और फिर दिल्ली, हैदराबाद तथा महाराष्ट्र के नांदेड़ होते हुए विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा। यह भागने का रास्ता दर्शाता है कि आरोपी के पास संगठित नेटवर्क का सहारा था।
लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुखविंदर सिंह पर पंजाब और गुजरात में कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
धारीवाल थाना (2018): हत्या के प्रयास, धमकी और आपराधिक साजिश। सिविल लाइन्स बटाला थाना (2019): फायरिंग और हत्या के प्रयास। अमीरगढ़ थाना, बनासकांठा — गुजरात (2019): गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट। रंगड़ नंगल थाना (2021): हत्या का प्रयास और हथियार संबंधी अपराध। एसएसओसी पंजाब (2023): हत्या का प्रयास, साजिश, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट। टांडा थाना (2025): हथियार अधिनियम से जुड़ा मामला।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में वह ड्रग्स और आईसीई तस्करी से जुड़े एक मामले में दुबई में करीब नौ महीने जेल में भी रह चुका है।
आगे की कार्रवाई
गुजरात एटीएस ने सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब पुलिस को दे दी है। अब उसे बटाला के सेखवां थाने में दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पंजाब पुलिस अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एटीएस अधिकारियों के अनुसार, अंतरराज्यीय अपराधों और संगठित गैंग नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।