शुभमन गिल कोलंबो टेस्ट में जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे, 3000 टेस्ट रन भी दहलीज पर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के लिए कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान रविवार से एक ऐतिहासिक अवसर बनकर सामने आएगा, जब भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम मुकाबला शुरू होगा। गिल के सामने इस टेस्ट में एक साथ कई मील के पत्थर छूने का मौका है — वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में सर्वाधिक शतक, डब्ल्यूटीसी में 1000 रन और टेस्ट करियर में 3000 रन।
डब्ल्यूटीसी शतकों की दौड़ में रूट से आगे निकलने का मौका
वर्तमान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकल में शुभमन गिल और इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट दोनों ने 5-5 शतक लगाए हैं और संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज हैं। यदि गिल कोलंबो टेस्ट में एक और शतक जड़ने में सफल रहते हैं, तो वह इस साइकल में 6 शतक के साथ अकेले पहले स्थान पर आ जाएंगे और रूट को पीछे छोड़ देंगे।
डब्ल्यूटीसी में 1000 रन सिर्फ 26 रन दूर
मौजूदा WTC साइकल में गिल ने 9 टेस्ट मैचों में 69.57 की शानदार औसत से 974 रन बनाए हैं। 1000 रन का पड़ाव छूने के लिए उन्हें केवल 26 और रनों की दरकार है। इस साइकल में रन-तालिका में जो रूट 1,174 रन और हैरी ब्रूक 1,147 रन के साथ गिल से आगे हैं।
टेस्ट करियर में 3000 रन की दहलीज
गिल ने अपने 42 टेस्ट मैचों के करियर में अब तक 2,993 रन बनाए हैं, जिसमें 8 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। कोलंबो में महज 7 रन बनाते ही वह टेस्ट क्रिकेट में 3,000 रनों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो जाएंगे।
गाले में बल्ला रहा था खामोश
गाले में खेले गए पहले टेस्ट में गिल की बल्लेबाजी निराशाजनक रही। पहली पारी में उन्होंने 28 गेंदों में केवल 16 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में वह मात्र 8 रन पर आउट हो गए। ऐसे में कोलंबो टेस्ट में भारतीय कप्तान की नजर बड़ी पारी खेलकर अपनी फॉर्म साबित करने पर भी होगी।
पहले टेस्ट में भारत की दमदार जीत
भारत ने गाले में खेले पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने 167 रनों की यादगार पारी खेली, वहीं गेंदबाजी में मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर जीत की नींव रखी। कोलंबो में जीत के साथ भारत सीरीज पर कब्जा कर सकता है और गिल के लिए यह मैदान रिकॉर्डों की बारिश का गवाह बन सकता है।