अगस्त में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 18-20% उछली, ओणम और ईवी मांग ने दिया बड़ा सहारा
सारांश
मुख्य बातें
यस सिक्योरिटीज की 27 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के दोपहिया वाहन बाज़ार ने अगस्त में सालाना आधार पर 18 से 20 प्रतिशत की मज़बूत खुदरा बिक्री वृद्धि दर्ज की है। ओणम त्योहार की बढ़ी हुई माँग और पिछले वर्ष के अपेक्षाकृत कमज़ोर आधार ने इस उछाल को और पुख्ता किया है।
बिक्री वृद्धि के प्रमुख कारण
रिपोर्ट के अनुसार, नए वाहनों को लेकर उपभोक्ताओं की रुचि लगातार बनी हुई है और ऑर्गेनिक पूछताछ में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। शहरी और ग्रामीण — दोनों बाज़ारों में माँग मज़बूत रही। विशेष रूप से प्रीमियम आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहन और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (ईवी) इस वृद्धि के मुख्य चालक रहे। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए वाहन निर्माता कंपनियाँ भी आपूर्ति बढ़ाने में जुटी हैं।
यात्री और वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र का प्रदर्शन
दोपहिया वाहनों के साथ-साथ यात्री वाहन बाज़ार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। अगस्त में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में 11 से 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि रही, जबकि ओणम की माँग ने बिक्री को लगभग 20 प्रतिशत का अतिरिक्त समर्थन दिया। शहरी बाज़ारों का प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में बेहतर रहा। वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में भी माँग मज़बूत बनी रही — रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध के चलते मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की माँग को और बल मिल सकता है, क्योंकि पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन की ज़रूरत बढ़ेगी।
इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों में उछाल
यस सिक्योरिटीज के अनुसार, शहरी, टियर-1 और टियर-2 शहरों के डीलरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की माँग में उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की है। अगस्त में ईवी की बिक्री और बुकिंग मज़बूत बनी रही। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की पूछताछ और बुकिंग में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिसे नए मॉडलों की लॉन्चिंग और ई-20 ईंधन को लेकर उपभोक्ताओं में बनी कुछ चिंताओं से भी जोड़ा जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रतीक्षा अवधि तीन से चार महीने तक पहुँच गई है, जबकि पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के लिए यह एक से डेढ़ महीने के बीच है।
इन्वेंटरी, कीमतें और उपभोक्ता प्राथमिकताएँ
मज़बूत बिक्री के बावजूद डीलरों के पास स्टॉक का स्तर नियंत्रित बना हुआ है। यात्री वाहनों की इन्वेंटरी लगभग चार सप्ताह के स्तर पर है। उपभोक्ताओं की पसंद में भी बदलाव स्पष्ट है — खरीदार अब केवल कम लागत की बजाय बेहतर तकनीक, प्रदर्शन और अतिरिक्त सुविधाओं वाले मॉडल चुन रहे हैं, जिससे उच्च श्रेणी के मॉडलों की माँग अपेक्षाकृत अधिक बढ़ रही है। वाहन निर्माताओं ने कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए कीमतें बढ़ाई हैं और आगे 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्य वृद्धि की संभावना भी जताई जा रही है। छूट का स्तर आईसीई और ईवी दोनों श्रेणियों में लगभग स्थिर है और यह मुख्यतः इन्वेंटरी प्रबंधन के आधार पर दी जा रही है।
ट्रैक्टर क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ट्रैक्टर बिक्री भी दोहरे अंक की वृद्धि दर पर बनी हुई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मज़बूती का संकेत देती है। आगामी त्योहारी सीजन में यह गति और तेज़ होने की उम्मीद है।