जुलाई में भारतीय ऑटो सेक्टर की रिकॉर्ड बिक्री: यात्री वाहन 34.3% उछले, 4,57,810 यूनिट्स बिके — सियाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने जुलाई 2026 में अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री दर्ज की, जिसमें यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया — तीनों सेगमेंट में डबल-डिजिट वृद्धि देखी गई। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने गुरुवार, 13 अगस्त को जारी आँकड़ों में यह जानकारी दी।
यात्री वाहन: रिकॉर्ड थोक बिक्री
सियाम के आँकड़ों के अनुसार, घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 34.3 प्रतिशत की छलांग लगाकर 4,57,810 यूनिट्स पर पहुँच गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आँकड़ा 3,40,772 यूनिट्स था। यह एकल महीने में यात्री वाहन खंड की अब तक की सबसे बड़ी थोक बिक्री है।
दोपहिया और तिपहिया: व्यापक उछाल
दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 22.6 प्रतिशत बढ़कर 19,23,483 यूनिट्स हो गई, जबकि जुलाई 2025 में यह 15,69,120 यूनिट्स थी। दोपहिया सेगमेंट में स्कूटर की बिक्री 23.7 प्रतिशत बढ़कर 7,98,190 यूनिट, मोटरसाइकिल की बिक्री 20.7 प्रतिशत बढ़कर 10,74,796 यूनिट और मोपेड की बिक्री 48.6 प्रतिशत उछलकर 50,497 यूनिट रही।
तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 33.4 प्रतिशत बढ़कर 92,560 यूनिट्स हो गई, जो जुलाई 2025 में 69,403 यूनिट्स थी। तिपहिया खंड में पैसेंजर कैरियर की बिक्री 32.9 प्रतिशत बढ़कर 77,994 यूनिट और गुड्स कैरियर की बिक्री 40.3 प्रतिशत बढ़कर 12,896 यूनिट रही। ई-रिक्शा की बिक्री 7.5 प्रतिशत बढ़कर 1,132 यूनिट और ई-कार्ट की बिक्री 16.2 प्रतिशत बढ़कर 538 यूनिट रही।
सियाम के डायरेक्टर जनरल की प्रतिक्रिया
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा, "भारत की ऑटो इंडस्ट्री ने जुलाई में अब तक की सबसे अच्छी बिक्री की है, जिसमें यात्री वाहन, तिपहिया और दोपहिया वाहन सेगमेंट में जबरदस्त डबल-डिजिट ग्रोथ हुई है। यात्री वाहनों की बिक्री 34.3 प्रतिशत बढ़कर 4.58 लाख यूनिट्स, तिपहिया वाहनों की बिक्री 33.4 प्रतिशत बढ़कर 0.93 लाख यूनिट्स और दोपहिया वाहनों की बिक्री 22.6 प्रतिशत बढ़कर 19.23 लाख यूनिट्स हो गई।"
मेनन ने यह भी कहा कि कई महीनों से जारी यह सकारात्मक गति फेस्टिव सीजन में भी बनी हुई है और मज़बूत उपभोक्ता भावना से मांग को सहारा मिलने की उम्मीद है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च मज़बूत बना हुआ है और ग्रामीण मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। गौरतलब है कि मोपेड सेगमेंट में 48.6 प्रतिशत की वृद्धि ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाज़ारों में पुनरुत्थान का संकेत देती है। उद्योग विशेषज्ञों की नज़र अब आगामी फेस्टिव सीजन पर है, जो परंपरागत रूप से ऑटो बिक्री का सबसे मज़बूत दौर होता है।