जुलाई में वाहन रिटेल बिक्री 25.89% उछली, 25.91 लाख यूनिट के साथ हर श्रेणी ने तोड़ा रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑटोमोबाइल रिटेल बाज़ार ने जुलाई 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया — पहली बार प्रत्येक वाहन श्रेणी ने एक साथ जुलाई माह का अपना सर्वश्रेष्ठ आँकड़ा छुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के आँकड़ों के अनुसार, कुल रिटेल बिक्री 25,91,138 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 25.89 प्रतिशत की वृद्धि है। 6 अगस्त को जारी इस रिपोर्ट ने ऑटो सेक्टर में नई जान फूँक दी है।
दोपहिया वाहन: पहली बार 18 लाख यूनिट का आँकड़ा पार
जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री 18,18,289 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 28.25 प्रतिशत की बढ़त है। फाडा के अनुसार, यह पहला अवसर है जब जुलाई माह में दोपहिया वाहनों की बिक्री 18 लाख यूनिट के पार गई। शहरी क्षेत्रों में यह वृद्धि 27.86 प्रतिशत रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों ने 28.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ थोड़ी बढ़त बनाए रखी।
यात्री वाहन: जुलाई में पहली बार 4 लाख यूनिट का मील का पत्थर
यात्री वाहनों (पीवी) की रिटेल बिक्री 4,16,555 यूनिट रही — सालाना आधार पर 19.13 प्रतिशत की वृद्धि। यह भी पहली बार है जब जुलाई में पीवी बिक्री 4 लाख के आँकड़े को पार कर गई। उल्लेखनीय यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीवी की माँग 24.72 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह वृद्धि 15.76 प्रतिशत रही — जो ग्रामीण भारत की बढ़ती क्रय शक्ति को रेखांकित करती है।
कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर: सभी श्रेणियों में रिकॉर्ड
कमर्शियल व्हीकल (सीवी) की बिक्री 99,666 यूनिट रही, जो 24.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ जुलाई माह का सर्वोच्च आँकड़ा है और 1 लाख के करीब पहुँच गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवी की माँग 29.37 प्रतिशत बढ़ी, जो शहरी वृद्धि (19.36 प्रतिशत) से काफी आगे है — यह संकेत देता है कि माल परिवहन की माँग मेट्रो शहरों से बाहर भी तेज़ी से बढ़ रही है।
थ्री-व्हीलर की बिक्री 1,33,778 यूनिट (16.16 प्रतिशत वृद्धि) रही, जो इस श्रेणी का जुलाई का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी 65.08 प्रतिशत रही, जो इस खंड में ईवी की मज़बूत पकड़ दर्शाता है। ट्रैक्टर की बिक्री 1,17,349 यूनिट रही, जिसमें 28.10 प्रतिशत की उछाल आई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह वृद्धि 28.83 प्रतिशत रही, जो खरीफ बुआई सीज़न की तेज़ रफ्तार को दर्शाती है।
बिक्री बढ़ने के प्रमुख कारण
फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, "यह कोविड से प्रभावित आधार वर्षों को छोड़कर जुलाई में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। हालांकि, जून के मुकाबले बिक्री स्थिर रही है।" डीलरों ने इस उछाल का श्रेय जीएसटी 2.0 के तहत किफायती कीमतों, नई गाड़ियों के लॉन्च और ओईएम स्कीमों को दिया। फाडा के अनुसार, 44.05 प्रतिशत डीलरों ने माना कि ओईएम स्कीमों ने जुलाई में बुकिंग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, ई20 ईंधन बदलाव को लेकर ग्राहकों की हिचकिचाहट ने खरीदारों को सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी विकल्पों की ओर आकर्षित किया।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की अच्छी बारिश और ग्रामीण आय में सुधार ऑटो सेक्टर को नई ऊँचाई दे रहे हैं। गौरतलब है कि ग्रामीण माँग ने लगभग हर श्रेणी में शहरी माँग को पीछे छोड़ा है, जो भविष्य की रणनीतियों के लिए ऑटो कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संकेत है। यदि यह गति बनी रही, तो अगस्त में कमर्शियल व्हीकल बिक्री पहली बार 1 लाख यूनिट का आँकड़ा पार कर सकती है।