जून में यात्री वाहन थोक बिक्री 24.1% उछली, 3.88 लाख यूनिट्स का नया रिकॉर्ड — सियाम डेटा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जून 2026 में यात्री वाहनों की थोक बिक्री (कंपनियों द्वारा डीलर्स को आपूर्ति) सालाना आधार पर 24.1 प्रतिशत की छलांग लगाकर 3,88,144 यूनिट्स पर पहुँच गई, जो एक वर्ष पहले समान माह में 3,12,851 यूनिट्स थी। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा 15 जुलाई को जारी आँकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
यात्री वाहन खंड का प्रदर्शन
यात्री वाहनों में यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) सेगमेंट ने एक बार फिर बाज़ार की अगुवाई की। जून में यूवी की बिक्री 19.9 प्रतिशत बढ़कर 2,17,228 यूनिट्स रही, जो इस सेगमेंट की निरंतर माँग को दर्शाती है। यात्री गाड़ियों (पैसेंजर कार) की बिक्री 15.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 98,610 यूनिट्स पर पहुँची, जबकि वैन की बिक्री 9.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,230 यूनिट्स दर्ज की गई।
दोपहिया वाहनों में मजबूत रफ्तार
दोपहिया वाहन श्रेणी ने भी उत्साहजनक प्रदर्शन किया। जून में डीलरों को भेजे गए दोपहिया वाहनों की संख्या 18.6 प्रतिशत बढ़कर 18,51,400 यूनिट्स हो गई, जो पिछले वर्ष जून में 15,61,283 यूनिट्स थी।
इस श्रेणी में स्कूटर सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला उत्पाद रहा — इसकी घरेलू बिक्री 39.1 प्रतिशत उछलकर 7,44,823 यूनिट्स पर पहुँच गई। मोटरसाइकिल की बिक्री 6.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,56,422 यूनिट्स रही, जबकि मोपेड की बिक्री कम आधार के कारण 50.4 प्रतिशत की तीव्र छलांग लगाकर 50,155 यूनिट्स पर पहुँची।
तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन
तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत बढ़कर 77,951 यूनिट्स हो गई, जो पिछले वर्ष जून में 61,828 यूनिट्स थी। इसमें पैसेंजर कैरियर वाहनों की बिक्री 25 प्रतिशत बढ़कर 64,181 यूनिट्स और गुड्स कैरियर वाहनों की बिक्री 29.4 प्रतिशत बढ़कर 11,828 यूनिट्स रही।
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों ने भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की — ई-रिक्शा की बिक्री 52.4 प्रतिशत बढ़कर 1,590 यूनिट्स पर पहुँच गई, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है।
निर्यात मोर्चे पर भी उत्साहजनक तस्वीर
सियाम के आँकड़ों के अनुसार, जून में कुल वाहन निर्यात सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 6,73,105 यूनिट्स पर पहुँच गया। दोपहिया वाहनों का निर्यात 40.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,43,684 यूनिट्स रहा। तिपहिया वाहनों का निर्यात 39.7 प्रतिशत बढ़कर 51,950 यूनिट्स हो गया, जबकि यात्री वाहनों का निर्यात लगभग स्थिर रहकर 76,601 यूनिट्स दर्ज किया गया। यह व्यापक वृद्धि भारत के ऑटो क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करती है।