एशिया कप 2026: 'मजबूत टीमें हार नहीं भूलतीं' — कोच मजूमदार, भारत ने 72 रन से जीता खिताब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने 15 सितंबर 2026 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एशिया कप 2026 का फाइनल जीतने के बाद कहा कि मजबूत टीमें अपनी पिछली नाकामियों को कभी नहीं भूलतीं — और भारतीय महिला टीम ने यही साबित किया। भारत ने 183/5 का स्कोर खड़ा कर श्रीलंका को महज 111 रनों पर समेट दिया और 72 रनों की शानदार जीत के साथ रिकॉर्ड 8वीं बार एशिया कप खिताब अपने नाम किया।
हार से सीख, खिताब से साबित
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो में मजूमदार ने कहा, "अच्छी टीमें — उन्हें याद रहता है कि पहले क्या हुआ था। मजबूत टीमें कभी नहीं भूलतीं। उन्हें कभी नहीं भूलना चाहिए कि क्या हुआ था।" यह टिप्पणी उस दर्द की याद दिलाती है जो दांबुला, 2024 में हुई थी, जब श्रीलंका ने भारत को 8 विकेट से हराकर अपना पहला महिला एशिया कप खिताब जीता था। इस बार दुबई में भारत ने वह हिसाब पूरी तरह चुकता किया।
शेफाली–मंधाना की रिकॉर्ड साझेदारी
मजूमदार ने सर्वप्रथम शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की ओपनिंग जोड़ी की तारीफ की, जिन्होंने 129 रन की साझेदारी करके भारत को मजबूत आधार दिया। उन्होंने कहा, "कुछ भी कहने से पहले, मुझे लगता है कि 129 रन बनाने के लिए जोरदार तालियां बजनी चाहिए।" शेफाली ने महज 39 गेंदों पर 68 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि मंधाना ने भी 39 गेंदों पर 59 रन बनाए। गौरतलब है कि शेफाली ने टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक भी दर्ज किया — मात्र 24 गेंदों में।
गेंदबाजी यूनिट ने मचाई धूम
श्रीलंका को 111 रनों पर ढेर करने में भारत की गेंदबाजी ने निर्णायक भूमिका निभाई। युवा स्पिनर श्री चरणी ने फाइनल में केवल 20 रन देकर 4 विकेट झटके। मजूमदार ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, "गेंदबाजी यूनिट में सबसे कम उम्र की गेंदबाज श्री चरणी का प्रदर्शन लाजवाब रहा।" इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 4 ओवरों में 19 रन देकर 3 विकेट लिए, क्रांति गौड़ ने 2 ओवरों में सिर्फ 8 रन देकर 1 विकेट लिया, नंदनी शर्मा ने 3 ओवरों में 17 रन दिए, प्रेमा ने 3 ओवरों में 22 रन देकर 1 विकेट लिया और शेफाली वर्मा ने भी 1 विकेट चटकाया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर की बात
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार किया कि 2024 के फाइनल में की गई गलतियों ने ही इस जीत की नींव रखी। उन्होंने कहा, "पिछली बार फाइनल में हमने कई गलतियां की थीं, लेकिन हमने उनसे सीखा है। यह दिन अच्छा क्रिकेट खेलने और मैदान पर कम गलतियां करने की कोशिश करने के बारे में था।" उन्होंने जोड़ा, "पूरी टीम एक साथ आई और हमने अपना बेस्ट दिया — मैं इसके लिए बहुत खुश हूं।"
आगे क्या
यह 8वां एशिया कप खिताब भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और टीम के आत्मविश्वास को अगले बड़े टूर्नामेंटों — जिसमें ICC इवेंट भी शामिल हैं — के लिए नई ऊंचाई पर ले जाता है। श्री चरणी जैसी युवा प्रतिभाओं का उभरना यह संकेत देता है कि भारतीय महिला क्रिकेट का भविष्य और भी उज्ज्वल है।