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बिहार MLC चुनाव 2026: महागठबंधन में फूट, कांग्रेस ने राजद-माकपा पर लगाया गठबंधन धर्म तोड़ने का आरोप

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बिहार MLC चुनाव 2026: महागठबंधन में फूट, कांग्रेस ने राजद-माकपा पर लगाया गठबंधन धर्म तोड़ने का आरोप

सारांश

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव से पहले महागठबंधन की अंदरूनी एकता दरकती दिख रही है। कांग्रेस का राजद और माकपा पर गठबंधन धर्म तोड़ने का खुला आरोप, और जन सुराज पार्टी का सभी आठ सीटों पर उतरने का दावा — विपक्ष के लिए यह चुनाव एकजुटता की कड़ी परीक्षा बनने जा रहा है।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनका कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होगा।
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने राजद पर लगातार तीन चुनावों में मनमाने तरीके से सीट चयन और उम्मीदवार घोषणा का आरोप लगाया।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — कांग्रेस की सिटिंग सीट — पर माकपा द्वारा उम्मीदवार घोषित करने से विवाद बढ़ा।
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने 6 प्रत्याशियों की सूची जारी की; 2 सीटों पर निर्णय बाकी।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सभी 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।
चुनाव में NDA , महागठबंधन, जन सुराज पार्टी और निर्दलीयों के बीच बहुकोणीय मुकाबले के आसार।

बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर गहरी亀 亀दरार उभर आई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों — विशेष रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) — पर खुलेआम आरोप लगाया है कि वे गठबंधन धर्म की अनदेखी कर रहे हैं। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — जिसे कांग्रेस अपनी सिटिंग सीट मानती है — पर माकपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने ने इस विवाद को और भड़का दिया है।

कांग्रेस का तीखा हमला

कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने राजद पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि लगातार तीन अलग-अलग चुनावों में राजद ने मनमाने तरीके से सीटों का चयन किया और बिना सहमति के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि गठबंधन की सारी जिम्मेदारी केवल कांग्रेस पर क्यों डाली जाती है।

तिवारी ने कहा, 'किस गठबंधन की दुहाई लोग दे रहे हैं? आप देख रहे हैं लगातार तीन अलग-अलग चुनावों में राजद ने मनमाने तरीके से सीटों का चयन भी किया और मनमाने तरीके से उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया।' उन्होंने आगे चेताया कि अगर गठबंधन बरकरार रखना है तो सभी दलों को गठबंधन धर्म का पालन करना होगा, वरना सीधे मुकाबले के लिए तैयार रहें।

दरभंगा सीट पर विवाद की जड़

कांग्रेस के अनुसार, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र उनकी सिटिंग सीट है और परंपरागत रूप से गठबंधन के भीतर उनके खाते में आती रही है। माकपा द्वारा वहाँ अपना उम्मीदवार उतारने को कांग्रेस ने न केवल असम्मानजनक बल्कि गठबंधन समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है।

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब महागठबंधन को एनडीए और नवोदित जन सुराज पार्टी दोनों से एक साथ चुनौती मिलने की संभावना है। आंतरिक कलह से गठबंधन की चुनावी एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

राजद ने छह प्रत्याशी घोषित किए

राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन 2026 के लिए छह अधिकृत प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी कर दी। उन्होंने बताया कि शेष दो सीटों पर पार्टी के भीतर अभी विचार-विमर्श जारी है और जल्द ही वहाँ भी उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि इन आठ सीटों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है और चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी होनी बाकी है, फिर भी सभी दलों ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं।

बहुकोणीय मुकाबले के आसार

इस चुनाव में एक ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल-यूनाइटेड (JDU) समर्थित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) मैदान में होगा, तो दूसरी ओर राजद नेतृत्व वाला महागठबंधन। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है और कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में कूद सकते हैं।

इस प्रकार इन चुनावों में त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबले की संभावना प्रबल हो गई है, और महागठबंधन की आंतरिक खींचतान ने विपक्ष की स्थिति को और जटिल बना दिया है।

क्या होगा आगे

कांग्रेस के इस बयान के बाद सीट बंटवारे पर असमंजस गहरा गया है। अगर महागठबंधन के घटक दल जल्द सहमति नहीं बना पाए, तो एक ही सीट पर कई गठबंधन सहयोगियों के उम्मीदवार आमने-सामने आ सकते हैं — जो एनडीए के लिए सीधा फायदेमंद साबित होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन सीटों पर महागठबंधन का प्रदर्शन बिहार में विपक्षी एकता की असली कसौटी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार कांग्रेस का लहजा कहीं ज़्यादा तीखा है। दरभंगा जैसी सिटिंग सीट पर सहयोगी दल का उम्मीदवार उतारना गठबंधन प्रबंधन की गंभीर विफलता है। असली सवाल यह है कि क्या यह नाराज़गी महज़ मोलभाव की रणनीति है या कांग्रेस वाकई स्वतंत्र रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है — क्योंकि अगर गठबंधन बिखरा तो एनडीए को बिना कोशिश के फायदा मिल जाएगा। जन सुराज पार्टी का सभी आठ सीटों पर उतरना इस समीकरण को और उलझाता है, और विपक्ष के वोट बिखरने की आशंका को वास्तविक बनाता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधान परिषद MLC चुनाव 2026 में कितनी सीटों पर मतदान होगा?
बिहार विधान परिषद की कुल 8 सीटों पर चुनाव होना है — इनमें स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटें शामिल हैं। इन सभी सीटों का मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
महागठबंधन में तकरार की मुख्य वजह क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि राजद ने पिछले तीन चुनावों में बिना सहमति के मनमाने ढंग से सीटें चुनीं और उम्मीदवार घोषित किए। इस बार दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — जिसे कांग्रेस अपनी सिटिंग सीट मानती है — पर माकपा द्वारा उम्मीदवार उतारने ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
राजद ने कितनी सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं?
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने शुक्रवार को 6 अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी की। शेष 2 सीटों पर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श जारी है और बाद में उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।
जन सुराज पार्टी इन चुनावों में क्या भूमिका निभाएगी?
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सभी 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इससे चुनाव में त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबले की स्थिति बन सकती है और महागठबंधन के वोट बिखरने का खतरा बढ़ सकता है।
क्या महागठबंधन टूट सकता है इन चुनावों में?
फिलहाल कांग्रेस ने गठबंधन से बाहर जाने की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन असित नाथ तिवारी की चेतावनी — 'सीधे मुकाबले में आइए हमारे साथ' — संकेत देती है कि अगर सीट विवाद नहीं सुलझा तो कांग्रेस स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती है। चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले बातचीत अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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