क्या बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राजद और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ रही है?
सारांश
Key Takeaways
- राजद ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 25 जीत पाए।
- कांग्रेस ने महज 6 सीटें जीतीं।
- महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।
- राजद और कांग्रेस के बीच तल्खियां बढ़ रही हैं।
- समीक्षा बैठकों में हार के कारणों की जांच की जा रही है।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खराब प्रदर्शन के बाद राजद और कांग्रेस के बीच तल्खियां बढ़ती दिख रही हैं। अब दोनों दलों के नेता एक-दूसरे को आईना दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल राजद ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 25 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार महज छह सीटों पर विजय प्राप्त कर सके। इसके अलावा, महागठबंधन में शामिल मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।
चुनाव परिणाम के बाद सभी दलों में समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हार के कारणों की खोज की जा रही है। राजद पटना में प्रमंडलवार बैठक कर रही है, जबकि कांग्रेस के नेता दिल्ली में समीक्षा बैठक में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली की बैठक में कई नेताओं ने “एकला चलो” की नीति को अपनाने और संगठन की मजबूती पर जोर दिया। कई नेताओं ने चुनाव में दोस्ताना संघर्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
इस बीच, राजद के नेता कांग्रेस के गठबंधन तोड़ने पर तंजमंगनी लाल मंडल ने कहा कि कांग्रेस ने जो भी सीटें जीती हैं या जो वोट मिले हैं, वह राजद के कारण ही संभव हो पाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में राजद का जनाधार है, यह कांग्रेस भी जानती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी बहुत कुछ कहना जल्दबाजी है। यदि कोई अकेले चलना चाहता है तो उसे रोकना मुश्किल होगा।
कांग्रेस के संगठन के मजबूती पर राजद अध्यक्ष ने कहा कि यह अच्छी बात है। कांग्रेस ने अपनी ताकत का विश्लेषण कर लिया है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के बाद सोमवार से विधानसभा सत्र प्रारंभ होने वाला है, जिसमें सभी नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी।