जम्मू-कश्मीर सरकार ने तीन कर्मचारियों को आतंकी गतिविधियों के कारण बर्खास्त किया
सारांश
Key Takeaways
- तीन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।
- यह कार्रवाई राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के कारण हुई है।
- सरकार की ओर से कानून व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास।
श्रीनगर, १० मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने जलशक्ति विभाग से जुड़े तीन कर्मचारियों को राष्ट्र-विरोधी और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण बर्खास्त कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर सरकार के जलशक्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के निवासी शौकत अहमद जरगर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। २०१९ में दर्ज मामले में संलिप्तता के कारण शौकत अहमद को सेवामुक्त किया गया है। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद वर्तमान में सुनवाई चल रही है।
अलग आदेशों के तहत, सरकार ने किश्तवाड़ जिले के अस्थायी कर्मचारियों लियाकत अली भगवान और कौसर हुसैन भगवान को भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण सेवामुक्त कर दिया है। इन पर यूएपीए के तहत आरोप दायर किए गए हैं, जिसमें चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और मामला विचाराधीन है। सेवा समाप्ति के आदेशों में बताया गया है कि यह कार्रवाई प्रशासन के हित में की गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ९ मार्च को शोपियां में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स के अवैध कारोबार से अर्जित की गई एक दो मंजिला रिहायशी संपत्ति को जब्त कर लिया है। इसकी अनुमानित कीमत ५५,२१,१८९ रुपए बताई गई है। यह संपत्ति जरकान केलर क्षेत्र के निवासी गुलाम मोहम्मद खांडे की थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उक्त संपत्ति अवैध रूप से ड्रग्स और नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन से बनाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए इस संपत्ति को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई केलर थाने में दर्ज मामले में की गई है।