मन की बात: गणित ओलंपियाड में भारत की बेटियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, PM मोदी ने की जमकर तारीफ
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी ने 26 अप्रैल को 'मन की बात' के 133वें एपिसोड में EGMO विजेता छात्राओं की प्रशंसा की।
- भारत ने यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिक ओलंपियाड 2025 में विश्व में छठा स्थान हासिल किया — यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
- मुंबई की श्रेया मुंदड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा; संजना चाको को रजत और शिवानी भरत कुमार को कांस्य पदक मिला।
- प्रतियोगिता फ्रांस के बोर्दो में आयोजित हुई और इसमें कोलकाता की श्रीमोई बेरा भी टीम में शामिल थीं।
- भारत में प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख छात्राएं गणित ओलंपियाड कार्यक्रम में भाग लेती हैं।
- टीम का चयन होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन में आयोजित एक महीने के गणित कैंप के बाद होता है।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 26 अप्रैल को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड में फ्रांस के बोर्दो में आयोजित यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिक ओलंपियाड (EGMO) में असाधारण प्रदर्शन करने वाली भारतीय छात्राओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की बेटियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिससे पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन
पीएम मोदी ने बताया कि इस ओलंपियाड में भारतीय टीम ने विश्व में छठा स्थान हासिल किया। मुंबई की श्रेया मुंदड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। तिरुवनंतपुरम की संजना चाको ने रजत पदक और चेन्नई की शिवानी भरत कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। कोलकाता की श्रीमोई बेरा भी इस प्रतिभाशाली टीम का हिस्सा रहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "आप दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोगों के बीच हैं। गणित के कठिन सवाल और उन्हें सुलझाने के लिए मात्र साढ़े चार घंटे का समय — ऐसे दबाव में नर्वस होना स्वाभाविक है। इन्हीं परिस्थितियों में हमारी बेटियों ने कमाल कर दिखाया।"
क्या है EGMO और इसका महत्व
यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिक ओलंपियाड (EGMO) गणित में रुचि रखने वाली स्कूली छात्राओं के लिए दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इस वर्ष यह प्रतियोगिता फ्रांस के बोर्दो शहर में आयोजित हुई। इसमें दुनियाभर की प्रतिभाशाली छात्राएं भाग लेती हैं और प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत उच्च होता है।
उल्लेखनीय है कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख छात्राएं इस ओलंपियाड कार्यक्रम में भाग लेती हैं और यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जो देश की बेटियों में विज्ञान और गणित के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरती हैं प्रतिभागी
पीएम मोदी ने चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए छात्राओं को क्षेत्रीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई कठिन दौरों से गुजरना होता है। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राएं टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के अंतर्गत होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन में आयोजित एक महीने के विशेष गणित कैंप में शामिल होती हैं।
इस कैंप के समापन पर आयोजित परीक्षा के आधार पर अंतिम भारतीय टीम का चयन किया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि देश का प्रतिनिधित्व केवल सबसे योग्य और तैयार छात्राएं ही करें।
बेटियों के समर्थन में माता-पिता की भूमिका
प्रधानमंत्री ने इन उपलब्धियों के पीछे परिवार की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "देश की बेटियों के बीच ओलंपियाड की संस्कृति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इन बेटियों का समर्थन करने के लिए मैं उनके माता-पिता की भी सराहना करता हूं।"
यह टिप्पणी इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि भारत में अभी भी बड़ी संख्या में बालिकाओं को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिए पारिवारिक प्रोत्साहन की निर्णायक भूमिका होती है।
व्यापक संदर्भ: भारत में गणित प्रतिभा का उभरता परिदृश्य
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय गणित और विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। EGMO 2025 में विश्व में छठा स्थान और स्वर्ण पदक की उपलब्धि इस सकारात्मक प्रवृत्ति की पुष्टि करती है। यह उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत STEM शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
आने वाले समय में भारत की इन युवा प्रतिभाओं से अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) जैसी और बड़ी प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।