सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा का आंगनबाड़ी से पैसे मांगने पर निलंबन, एटा में बड़ा विवाद

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सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा का आंगनबाड़ी से पैसे मांगने पर निलंबन, एटा में बड़ा विवाद

सारांश

एटा में मुख्य विकास अधिकारी नागेंद्र नारायण मिश्रा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इस वीडियो में वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से 10 हजार रुपए मांगते हुए नजर आ रहे हैं। यह मामला शासन स्तर पर पहुंचा है।

Key Takeaways

  • सीडीओ का निलंबन भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का एक उदाहरण है।
  • सोशल मीडिया ने इस मामले को उजागर किया।
  • सरकार की तत्परता इस मुद्दे पर स्पष्ट है।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

एटा, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तैनात मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नागेंद्र नारायण मिश्रा को भ्रष्टाचार के एक मामले में शासन की ओर से कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से 10 हजार रुपए मांगने के लिए निलंबित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, सीडीओ मिश्रा को डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर संजीव पचौरी से हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये की व्यवस्था करने के लिए बात करते हुए देखा जा सकता है। वह कहते हैं, "हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये चाहिए। आप अपने आदमी हैं पचौरी, पैसे दिलवाइए।"

डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर ने इस मांग को मानने से साफ मना कर दिया। वायरल वीडियो के प्रकाश में आते ही यह मामला शासन तक पहुंचा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर, सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। नागेंद्र नारायण मिश्रा पहले ग्राम्य विकास सेवा (बीडीओ) से पदोन्नति प्राप्त कर सीडीओ बने थे।

इस घटना के बाद, 2026 में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित, बर्खास्त और गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लोकायुक्त, विजिलेंस और एंटी-करप्शन टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पीडब्ल्यूडी, राजस्व, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में कई अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। बागपत, फीरोजाबाद, प्रयागराज जैसे जिलों में जूनियर इंजीनियर, क्लर्क और फार्मासिस्ट रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं।

संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में मत्स्य विभाग (कानपुर मंडल) की उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत अन्य 10 अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया गया। पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी के वायरल वीडियो के चलते 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

Point of View

तो यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से सरकार की नीयत स्पष्ट होती है।
NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

सीडीओ निलंबित क्यों हुए?
सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पैसे मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है।
क्या वीडियो वायरल हुआ?
हां, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें सीडीओ पैसे मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सरकार ने इस पर क्या कार्रवाई की?
उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर सीडीओ को तुरंत निलंबित किया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ और क्या कार्रवाई हो रही है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एंटी-करप्शन टीमों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
क्या अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है?
हां, कई अन्य अधिकारियों को भी भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित और बर्खास्त किया गया है।
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