स्पाइसजेट की दिल्ली-दुबई उड़ानों में 24 घंटे से अधिक देरी, यात्रियों ने एयरपोर्ट पर किया जोरदार विरोध
सारांश
मुख्य बातें
स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जाने वाली दो उड़ानों में 24 घंटे से अधिक की देरी के बाद 15 सितंबर 2026 को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एयरलाइन ने स्वीकार किया कि एक विमान के ग्राउंड होने के कारण ऑपरेशनल बाधाएँ उत्पन्न हुईं, जिसके चलते प्रभावित यात्री घंटों टर्मिनल के फर्श पर बैठकर जानकारी का इंतजार करते रहे।
कौन-सी उड़ानें प्रभावित हुईं
उड़ान एसजी 5111, जिसे सोमवार सुबह 7:45 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी, को बार-बार विलंब की घोषणाओं के बाद अंततः फ्लाइटरडार 24 पर रद्द दिखाया गया। खबरें आने तक यह उड़ान 24 घंटे से अधिक की देरी झेल चुकी थी। इसी तरह, उड़ान एसजी 5105 — जिसे सोमवार शाम 6:45 बजे दिल्ली से दुबई के लिए उड़ान भरनी थी — को मंगलवार दोपहर तक के लिए टाल दिया गया।
यात्रियों का आक्रोश और एयरपोर्ट पर स्थिति
प्रभावित यात्रियों ने बताया कि एयरलाइन की ओर से उन्हें कोई ताज़ा जानकारी नहीं दी गई, जिससे अनिश्चितता और गुस्सा बढ़ता गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में फँसे यात्री टर्मिनल के फर्श पर बैठे और उड़ान की स्थिति के बारे में पूछते नज़र आए। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने परेशान यात्रियों को खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराईं और स्थिति सँभालने में मदद की।
स्पाइसजेट का आधिकारिक बयान
स्पाइसजेट ने एक बयान में कहा, 'एक विमान के ग्राउंड होने के बाद ऑपरेशनल कारणों से दिल्ली से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट्स एसजी 5111 और एसजी 5105 में देरी हुई है।' एयरलाइन ने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है और हुई असुविधा के लिए खेद जताया।
व्यापक विमानन व्यवधान का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब सितंबर 2026 में देश के कई हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। रविवार को खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण एयर इंडिया की उड़ान एआई 431 को लखनऊ की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इसी तरह, 13 सितंबर को भोपाल से दिल्ली जाने वाली एक एयरलाइन की उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण तय प्रक्रियाओं के अनुसार जयपुर डायवर्ट किया गया। गौरतलब है कि स्पाइसजेट पहले भी वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रही है, और यह नवीनतम व्यवधान उन चिंताओं को फिर से सामने लाता है।
आगे क्या होगा
प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें दिए जाने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। विमानन नियामक डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लंबी देरी की स्थिति में यात्री मुआवज़े के हकदार हो सकते हैं।