अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो नई शिकायतें दर्ज, 14 से 16 जून तक तीन अलग-अलग मामलों में पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 13 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के दो अलग-अलग जिलों के पुलिस थानों में दो नई शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही उन्हें 14 से 16 जून तक लगातार तीन दिनों तक तीन अलग-अलग मामलों में जांच एजेंसियों के सामने पेश होना होगा।
पहली शिकायत: चुनावी भाषणों में हिंसा भड़काने का आरोप
पहली शिकायत दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में कारोबारी संजय कुमार सिंघल ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व विभिन्न चुनावी सभाओं में अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए कथित बयान चुनाव बाद हिंसा को उकसाने वाले थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी शिकायत: अम्फान राहत में कथित भ्रष्टाचार
दूसरी शिकायत दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर थाने में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अविजीत दास उर्फ बॉबी ने दर्ज कराई है। अविजीत दास 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ BJP उम्मीदवार रह चुके हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2020 में आए चक्रवात अम्फान के बाद राहत सामग्री वितरण में भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें अभिषेक बनर्जी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।
तीन दिन, तीन मामले: पूछताछ का कार्यक्रम
14 जून को अभिषेक बनर्जी को राज्य पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) के मुख्यालय भवानी भवन में बुलाया गया है। यह पूछताछ विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी के मामले में होगी। गौरतलब है कि इस मामले में उनसे पहले भी लंबी पूछताछ हो चुकी है।
15 जून को उन्हें कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय में उपस्थित होना होगा। यह पूछताछ कथित करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) मामले में होगी। ED ने उन्हें 3 जून को समन जारी किया था।
16 जून को अभिषेक बनर्जी एक बार फिर CID मुख्यालय में पेश होंगे। इस बार पूछताछ विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़े मामले में होगी। CID ने इस संबंध में उन्हें गुरुवार शाम नोटिस जारी किया था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। अभिषेक बनर्जी TMC के भीतर एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। आलोचकों का कहना है कि ये शिकायतें राजनीति से प्रेरित हैं, जबकि शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ये गंभीर जनहित के मुद्दे हैं।
आगे क्या होगा
तीन दिनों की यह पूछताछ श्रृंखला अभिषेक बनर्जी के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक बड़ी परीक्षा साबित होगी। जांच एजेंसियों के निष्कर्ष आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।