30 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो नई शिकायतें दर्ज, 14 से 16 जून तक तीन अलग-अलग मामलों में पूछताछ

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अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो नई शिकायतें दर्ज, 14 से 16 जून तक तीन अलग-अलग मामलों में पूछताछ

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक ही दिन में दो नई शिकायतें — एक चुनावी हिंसा भड़काने की, दूसरी अम्फान राहत भ्रष्टाचार की। साथ ही 14 से 16 जून तक CID और ED के सामने तीन अलग-अलग मामलों में पूछताछ का सामना करना होगा।

मुख्य बातें

13 जून 2026 को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल के दो जिलों में दो नई शिकायतें दर्ज।
सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में कारोबारी संजय कुमार सिंघल ने चुनावी भाषणों में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
बिष्णुपुर थाने में BJP नेता अविजीत दास ने 2020 अम्फान राहत वितरण में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई; SIT गठन की मांग।
14 जून को CID मुख्यालय में विधायकों के हस्ताक्षर गड़बड़ी मामले में पूछताछ।
15 जून को ED कार्यालय, साल्ट लेक में शिक्षक भर्ती घोटाले में पूछताछ; 3 जून को समन जारी हुआ था।
16 जून को CID में गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी और हिंसा भड़काने के मामले में पूछताछ।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 13 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के दो अलग-अलग जिलों के पुलिस थानों में दो नई शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही उन्हें 14 से 16 जून तक लगातार तीन दिनों तक तीन अलग-अलग मामलों में जांच एजेंसियों के सामने पेश होना होगा।

पहली शिकायत: चुनावी भाषणों में हिंसा भड़काने का आरोप

पहली शिकायत दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में कारोबारी संजय कुमार सिंघल ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व विभिन्न चुनावी सभाओं में अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए कथित बयान चुनाव बाद हिंसा को उकसाने वाले थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी शिकायत: अम्फान राहत में कथित भ्रष्टाचार

दूसरी शिकायत दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर थाने में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अविजीत दास उर्फ बॉबी ने दर्ज कराई है। अविजीत दास 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ BJP उम्मीदवार रह चुके हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2020 में आए चक्रवात अम्फान के बाद राहत सामग्री वितरण में भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें अभिषेक बनर्जी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।

तीन दिन, तीन मामले: पूछताछ का कार्यक्रम

14 जून को अभिषेक बनर्जी को राज्य पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) के मुख्यालय भवानी भवन में बुलाया गया है। यह पूछताछ विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी के मामले में होगी। गौरतलब है कि इस मामले में उनसे पहले भी लंबी पूछताछ हो चुकी है।

15 जून को उन्हें कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय में उपस्थित होना होगा। यह पूछताछ कथित करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) मामले में होगी। ED ने उन्हें 3 जून को समन जारी किया था।

16 जून को अभिषेक बनर्जी एक बार फिर CID मुख्यालय में पेश होंगे। इस बार पूछताछ विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकी देने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़े मामले में होगी। CID ने इस संबंध में उन्हें गुरुवार शाम नोटिस जारी किया था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। अभिषेक बनर्जी TMC के भीतर एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। आलोचकों का कहना है कि ये शिकायतें राजनीति से प्रेरित हैं, जबकि शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ये गंभीर जनहित के मुद्दे हैं।

आगे क्या होगा

तीन दिनों की यह पूछताछ श्रृंखला अभिषेक बनर्जी के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक बड़ी परीक्षा साबित होगी। जांच एजेंसियों के निष्कर्ष आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई का नया मोर्चा है। सवाल यह है कि क्या ये शिकायतें वास्तविक जनहित की चिंता से उपजी हैं या चुनावी प्रतिद्वंद्विता का औज़ार हैं — क्योंकि दोनों शिकायतकर्ताओं का BJP से सीधा जुड़ाव है। ED और CID की एक साथ सक्रियता यह भी दर्शाती है कि केंद्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर जांच एजेंसियाँ TMC के इस शीर्ष नेता पर दबाव बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया और TMC का बचाव-तंत्र बंगाल की राजनीति की अगली दिशा तय करेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज दो नई शिकायतें किस बारे में हैं?
पहली शिकायत सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में चुनावी भाषणों में हिंसा भड़काने के आरोप को लेकर है, और दूसरी बिष्णुपुर थाने में 2020 के चक्रवात अम्फान राहत वितरण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर। दोनों शिकायतें 13 जून 2026 को दर्ज की गईं।
अभिषेक बनर्जी से 14 से 16 जून तक किन मामलों में पूछताछ होगी?
14 जून को CID विधायकों के हस्ताक्षर गड़बड़ी मामले में, 15 जून को ED शिक्षक भर्ती घोटाले (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) में, और 16 जून को CID केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित धमकी देने के मामले में पूछताछ करेगी।
अम्फान राहत भ्रष्टाचार शिकायत किसने और कहाँ दर्ज कराई?
BJP नेता अविजीत दास उर्फ बॉबी ने दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर थाने में यह शिकायत दर्ज कराई है। अविजीत दास 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ BJP उम्मीदवार रह चुके हैं।
ED ने अभिषेक बनर्जी को समन कब जारी किया था?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अभिषेक बनर्जी को 3 जून 2026 को समन जारी किया था, और उन्हें 15 जून को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ED कार्यालय में पेश होना है।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं और राजनीति में उनकी क्या भूमिका है?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद हैं। वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के भीतर एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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