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ऑपरेशन मिलाप: दिल्ली पुलिस ने जून 2026 में 193 लापता लोगों को परिवारों से मिलाया, 48 बच्चे भी शामिल

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ऑपरेशन मिलाप: दिल्ली पुलिस ने जून 2026 में 193 लापता लोगों को परिवारों से मिलाया, 48 बच्चे भी शामिल

सारांश

दिल्ली दक्षिण-पश्चिम पुलिस का 'ऑपरेशन मिलाप' जून 2026 में 193 परिवारों के लिए राहत लेकर आया — 48 बच्चों समेत। सीसीटीवी, स्थानीय नेटवर्क और एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त कार्रवाई ने 2026 के पहले छह महीनों में कुल 866 लापता लोगों को घर पहुँचाया।

मुख्य बातें

दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने जून 2026 में 193 लापता व्यक्तियों को परिवारों से मिलाया।
बरामद लोगों में 48 नाबालिग बच्चे और 145 वयस्क शामिल हैं।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अकेले 18 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद किया।
डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने 57 लापता वयस्कों (18 पुरुष, 39 महिलाएँ) को ढूँढा।
2026 के पहले छह महीनों में कुल 866 लापता व्यक्ति बरामद — 226 नाबालिग और 640 वयस्क ।
सीसीटीवी जाँच, स्थानीय मुखबिर नेटवर्क और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर तस्वीरें लगाना अभियान की मुख्य रणनीति रही।

दिल्ली की दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत 1 जून से 30 जून 2026 के बीच 193 लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से सकुशल मिलाया है। इनमें 48 नाबालिग बच्चे और 145 लापता वयस्क शामिल हैं। यह अभियान लापता व्यक्तियों की तलाश में पुलिस की बहु-स्तरीय रणनीति का नतीजा है।

तलाशी अभियान की रणनीति

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जाँच की गई और ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशनों पर लापता व अपहृत व्यक्तियों की तस्वीरें लगाई गईं। बस चालकों, कंडक्टरों और स्थानीय विक्रेताओं से पूछताछ कर आवाजाही का पता लगाया गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय मुखबिरों की सहायता और आसपास के पुलिस स्टेशनों व अस्पतालों के अभिलेखों की जाँच भी अभियान का अहम हिस्सा रही।

थाना-वार उपलब्धियाँ

वसंत विहार पुलिस स्टेशन ने 10 लापता लोगों (चार पुरुष और छह महिलाएँ) को उनके परिवारों से मिलाया। आरके पुरम पुलिस टीम ने 1 से 18 वर्ष की आयु के दो नाबालिग बच्चों सहित तीन वयस्कों (एक पुरुष और दो महिलाएँ) को सुरक्षित बरामद किया। साउथ कैंपस क्षेत्र से छह महिलाओं, वसंत कुंज नॉर्थ से दो लड़कियों और चार वयस्कों, तथा वसंत कुंज साउथ से छह नाबालिग और नौ वयस्कों को ढूँढा गया।

कापसहेड़ा क्षेत्र से सात नाबालिग और 10 वयस्क, पालम विलेज से छह नाबालिग और 11 वयस्क, सागरपुर से 15 वयस्क, दिल्ली कैंट से सात वयस्क, तथा सरोजिनी नगर से दो नाबालिग और दो वयस्कों को परिवारों से मिलाया गया। एसजे एन्क्लेव पुलिस टीम ने छह वयस्कों (चार पुरुष और दो महिलाएँ) को बरामद किया, जबकि किशनगढ़ पुलिस ने पाँच नाबालिग और पाँच वयस्कों का पता लगाया।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की भूमिका

साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने जून माह में 18 नाबालिग बच्चों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों को सौंपा। यह इकाई मानव तस्करी के संदिग्ध मामलों में विशेष रूप से सक्रिय रही। गौरतलब है कि कई ऐसे लापता व्यक्तियों और अगवा बच्चों को भी ढूँढा गया जिनके मामले पिछले वर्षों में दर्ज हुए थे।

डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट का योगदान

साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने अकेले जून में 57 लापता वयस्कों — जिनमें 18 पुरुष और 39 महिलाएँ शामिल थीं — को सुरक्षित बरामद किया। अधिकारियों ने बताया कि 2026 के पहले छह महीनों (1 जनवरी से 30 जून) में जिला पुलिस ने कुल 866 लापता व्यक्तियों को ढूँढा, जिनमें 226 नाबालिग और 640 वयस्क शामिल हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस लापता व्यक्तियों की तलाश में लगातार सक्रिय है और आने वाले महीनों में यह अभियान और गति पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये लोग लापता क्यों हुए — घरेलू कारण, मानव तस्करी, या मानसिक स्वास्थ्य संकट? दक्षिण-पश्चिम जिले में छह महीने में 866 लापता मामले यह भी दर्शाते हैं कि समस्या की जड़ें गहरी हैं। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की सक्रियता स्वागत-योग्य है, परंतु बरामदगी की दर और दर्ज मामलों का अनुपात सार्वजनिक नहीं किया गया — जो पारदर्शिता की कमी है। बिना मूल कारणों के विश्लेषण के, ये ऑपरेशन राहत तो देते हैं, पर दीर्घकालिक समाधान नहीं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन मिलाप क्या है?
ऑपरेशन मिलाप दिल्ली पुलिस का एक विशेष अभियान है जिसके तहत लापता व्यक्तियों और बच्चों को ढूँढकर उनके परिवारों से मिलाया जाता है। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने इस अभियान के तहत जून 2026 में 193 लोगों को सकुशल परिवारों तक पहुँचाया।
जून 2026 में कितने बच्चों को बरामद किया गया?
जून 2026 में दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने कुल 48 नाबालिग बच्चों को बरामद किया, जिनमें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा ढूँढे गए 18 बच्चे भी शामिल हैं। सभी बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों को सौंप दिया गया।
2026 में अब तक कुल कितने लापता लोग मिले हैं?
2026 के पहले छह महीनों (1 जनवरी से 30 जून) में दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने कुल 866 लापता व्यक्तियों को ढूँढा है। इनमें 226 नाबालिग बच्चे और 640 वयस्क शामिल हैं।
पुलिस ने लापता लोगों को ढूँढने के लिए क्या तरीके अपनाए?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच, बस स्टैंड-रेलवे स्टेशनों पर तस्वीरें लगाने, बस चालकों-कंडक्टरों से पूछताछ, स्थानीय मुखबिर नेटवर्क और आसपास के अस्पतालों व थानों के रिकॉर्ड की जाँच जैसे बहु-स्तरीय तरीके अपनाए। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने भी विशेष भूमिका निभाई।
डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने क्या उपलब्धि हासिल की?
साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की डिस्ट्रिक्ट मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने जून 2026 में 57 लापता वयस्कों को बरामद किया, जिनमें 18 पुरुष और 39 महिलाएँ शामिल थीं। इन सभी को सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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